बेमौसम बारिश से हुई फसल हानि पर किसानों को मिलेगी क्षतिपूर्ति राशि

जिलाधीश महासमुंद ने की स्वीकृति, किसानों में खुशी की लहर   महासमुंद, 25 अक्टूबर 2025। गर्मी के मौसम में हुई बेमौसम बारिश और तेज आंधी-तूफान के कारण महासमुंद जिले के किसानों की रवि फसल को भारी नुकसान हुआ था। अनुमानित रूप से जिले के लगभग 80 प्रतिशत किसानों की धान सहित अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं। लंबे समय से किसान शासन-प्रशासन से आपदा सहायता राशि की मांग कर रहे थे, लेकिन तहसील स्तर पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही थी।   अंततः ग्राम छांदनपुर और खेमड़ा सहित आसपास के किसानों ने जिलाधीश महासमुंद से सीधे मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं और वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। किसानों की पीड़ा और उनकी जायज मांगों को देखते हुए जिलाधीश महासमुंद ने त्वरित निर्णय लेते हुए आपदा क्षतिपूर्ति राशि स्वीकृत करने का आदेश जारी किया। साथ ही जिले के सभी तहसीलदारों को राहत राशि आवंटन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए।   क्षतिपूर्ति स्वीकृति की खबर मिलते ही जिले के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। किसानों ने जिलाधीश महासमुंद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय उनके लिए राहत की सांस लेकर आया है।   इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष दुबे लाल साहू के मार्गदर्शन में, ग्रामीण महासमुंद मंडल अध्यक्ष दिग्विजय साहू के नेतृत्व में किसान प्रतिनिधि मंडल ने किसानों का पक्ष मजबूती से जिलाधीश के समक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल में जगदीश पटेल (जिला उपाध्यक्ष, किसान मोर्चा), बलिराम पटेल, तुलसी प्रसाद पटेल, चित्रसेन पटेल, टीकाराम पटेल, लखेश्वर पटेल, कन्हैया पटेल, उदय राम पटेल, टेकलाल पटेल सहित कई किसान उपस्थित रहे।   किसानों ने कहा कि प्रशासन के इस त्वरित निर्णय से अब वे आगामी फसल चक्र के लिए तैयारियों में जुट सकेंगे। जिलेभर में इस निर्णय से किसानों में उत्साह और विश्वास का माहौल देखा जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में शिक्षा को नई गति: 5000 शिक्षकों की भर्ती को वित्त विभाग की मंजूरी

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर, अक्टूबर 2025। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। राज्य शासन के वित्त विभाग ने 5000 शिक्षकों के पदों पर भर्ती की सहमति प्रदान कर दी है। यह फैसला प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में ऐतिहासिक माना जा रहा है।   मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “शिक्षा किसी भी राज्य की प्रगति की नींव है। हमारा लक्ष्य है कि हर बच्चे तक ज्ञान और अवसर दोनों पहुंचे। यह भर्ती न केवल शिक्षण व्यवस्था को नई दिशा देगी बल्कि युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम भी बनेगी।” उन्होंने इस निर्णय को ‘नए छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम’ बताया।   ग्रामीण व आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी होगी पूरी राज्य सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। नए शिक्षकों की नियुक्ति से विशेषकर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षा की निरंतरता और गुणवत्ता दोनों में सुधार आएगा।   वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा — शिक्षा में निवेश, भविष्य में निवेश वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा, “मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की मंशा के अनुरूप शिक्षा को राज्य की शीर्ष प्राथमिकता बनाया गया है। वित्त विभाग द्वारा 5000 शिक्षकों की भर्ती की स्वीकृति देना इसी संकल्प का हिस्सा है। शिक्षा में किया गया प्रत्येक निवेश प्रदेश के भविष्य में किया गया निवेश है।”   शिक्षा सुधार के प्रति सरकार की निरंतर पहल पिछले कुछ महीनों में राज्य सरकार ने शिक्षा सुधार को लेकर कई अहम निर्णय लिए हैं — विद्यालय भवनों का निर्माण, डिजिटल शिक्षा सामग्री का प्रसार और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सशक्त बनाना शामिल है। सरकार का उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक शिक्षण संसाधन उपलब्ध हों।   मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा, “हमारा संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के हर विद्यालय में योग्य शिक्षक हों और हर बच्चे को बेहतर शिक्षा मिले। वित्त विभाग की सहमति इस दिशा में एक बड़ा कदम है जो प्रदेश के युवाओं को नई संभावनाएं प्रदान करेगा।”   ‘शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ की दिशा में कदम यह पहल प्रदेश सरकार की उस दीर्घकालिक नीति का हिस्सा है जिसके अंतर्गत शिक्षा को सर्वांगीण विकास का आधार बनाया गया है। शिक्षकों की यह नई भर्ती न केवल शैक्षणिक ढांचे को मजबूती देगी, बल्कि ‘शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ के विज़न को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।

एनएचएआई का बड़ा कदम : अब हर टोल प्लाजा पर दिखेगी ‘स्थानीय मासिक पास’ और ‘वार्षिक पास’ की जानकारी

✍️ भागीरथी यादव   नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने टोल संचालन में पारदर्शिता और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ा निर्णय लिया है। अब देश के सभी टोल प्लाजा पर ‘स्थानीय मासिक पास’ और ‘वार्षिक पास’ से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी।   एनएचएआई के अनुसार, इस पहल का मकसद यात्रियों को इन पासों की उपलब्धता, दरों और प्रक्रिया के बारे में सटीक और स्पष्ट जानकारी प्रदान करना है। इसके लिए टोल प्लाजा के प्रवेश द्वार, ग्राहक सेवा क्षेत्र और प्रवेश/निकास बिंदुओं पर विशेष साइनेज बोर्ड लगाए जाएंगे। ये बोर्ड अंग्रेजी, हिंदी और स्थानीय भाषा में होंगे ताकि हर यात्री आसानी से जानकारी प्राप्त कर सके।   प्राधिकरण ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों को 30 दिनों के भीतर यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, इन विवरणों को ‘राजमार्ग यात्रा’ मोबाइल ऐप और एनएचएआई की परियोजना वेबसाइटों पर भी अपलोड किया जाएगा ताकि यूजर्स को डिजिटल माध्यम से भी जानकारी मिल सके।   एनएचएआई ने बताया कि शुल्क प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निजी वाहन धारक ‘स्थानीय मासिक पास’ का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र और पते का प्रमाण जैसे दस्तावेज आवश्यक होंगे। सत्यापन के बाद पास शुल्क प्लाजा के हेल्पडेस्क से जारी किया जाएगा।   इसी तरह, केवल कार, जीप और वैन जैसे निजी वाहनों के लिए ‘वार्षिक पास’ सुविधा भी उपलब्ध है। इसे राजमार्गयात्रा ऐप से खरीदा जा सकता है। 3,000 रुपये के एकमुश्त शुल्क पर यह पास 1 वर्ष या 200 टोल पार करने तक वैध रहेगा और देशभर के लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर मान्य होगा।   एनएचएआई का कहना है कि यह पहल न केवल यात्रियों के अनुभव को सहज बनाएगी, बल्कि टोल शुल्क प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

धान खरीदी से पहले सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने दी हड़ताल की चेतावनी

3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे कर्मचारी – लंबित चार सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध तेज   सक्ती। जिले में 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ होने जा रही है, वहीं उससे पहले सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी लंबित चार सूत्रीय मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे 3 नवंबर 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।   संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने हड़ताल की लिखित सूचना जिला कलेक्टर सक्ती को सौंप दी है। कर्मचारी संघ का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर वे कई बार आंदोलन और हड़ताल कर चुके हैं, लेकिन शासन-प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।     —   संयुक्त संगठनों का आव्हान   कलेक्टर को दिए पत्र में उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी महासंघ रायपुर (पंजी. क्र. 6685) और छत्तीसगढ़ समर्थन मूल्य धान खरीदी ऑपरेटर संघ रायपुर (पंजी. क्र. 122202149760) के संयुक्त आह्वान पर 3 नवंबर 2025 से संभाग स्तरीय अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।   इस हड़ताल में जिले की सभी सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारी और धान खरीदी केंद्रों में नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटर तब तक शामिल रहेंगे, जब तक उनकी सभी चार सूत्रीय मांगें पूरी नहीं की जातीं।     —   सूचना संबंधित विभागों को भी प्रेषित   संघ ने इस हड़ताल की सूचना उपपंजीयक सहकारी संस्थाएं सक्ती/जांजगीर, नोडल अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित सक्ती, खाद्य अधिकारी जिला सक्ती, डी.एम.ओ. जिला सक्ती, सभी शाखा प्रबंधक (समस्त समितियां) जिला सक्ती, तथा प्राधिकृत अधिकारी समिति को भी दी है।     —   धान खरीदी प्रक्रिया पर पड़ सकता है असर   विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह हड़ताल लंबी चली, तो जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। क्योंकि खरीदी केंद्रों में सहकारी समिति कर्मचारी और कंप्यूटर ऑपरेटरों की भूमिका मुख्य और तकनीकी दोनों स्तरों पर अहम होती है।

संत रामपाल जी महाराज जी की अन्नपूर्णा मुहिम से दिव्यांग विधवा को मिला जीवन संबल

  मुंगेली जिले के ग्राम तिलकपुर में जरूरतमंद परिवार तक पहुँची राहत सामग्री   मुंगेली। संत रामपाल जी महाराज जी के पावन मार्गदर्शन में संचालित अन्नपूर्णा मुहिम के तहत ग्राम तिलकपुर निवासी दृष्टिहीन एवं विधवा महिला दशोदा भास्कर (35 वर्ष) को राहत सामग्री एवं आवश्यक घरेलू वस्तुएँ प्रदान की गईं।   दशोदा भास्कर के पति द्वारिका भास्कर का निधन चार वर्ष पूर्व हो चुका है। परिवार में तीन छोटे बच्चे — शत्रोहन (कक्षा 8वीं), पूर्णिमा (कक्षा 6वीं) और वीरु (कक्षा 2री) — हैं, जिनकी शिक्षा और पालन-पोषण की जिम्मेदारी अकेले दृष्टिहीन माँ के कंधों पर है। पति की मृत्यु के बाद से यह परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है।   शासन से उन्हें केवल ₹500 प्रतिमाह विधवा पेंशन और 35 किलो चावल (राशन कार्ड से) मिलता है, जो परिवार के जीवन-यापन के लिए पर्याप्त नहीं है। परिवार के पास न खेती की जमीन है और न ही किसी प्रकार की स्थायी आय का स्रोत। वर्तमान में वे अपने भाई द्वारा दी गई छोटी-सी जगह पर बने कच्चे मकान में रह रही हैं।     —   अन्नपूर्णा मुहिम से मिली राहत   संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयायियों ने दशोदा भास्कर को राहत के रूप में प्रदान किया — 25 किग्रा चावल, 5 किग्रा आटा, 4 प्रकार की दालें, 2 लीटर सरसों तेल, 4 किग्रा चीनी, मसाले, चाय, दूध पाउडर, आलू-प्याज, साबुन, वाशिंग पाउडर, आचार, बेसन, दलिया, 2 साड़ियाँ, 2 पेटीकोट, बच्चों के कपड़े, 2 कंबल, 3 स्कूल बैग और 2 प्लास्टिक कुर्सियाँ आदि सामग्री।     —   भावुक हुई लाभार्थी   सहायता प्राप्त कर भावुक दशोदा भास्कर ने कहा —   > “संत रामपाल जी महाराज भगवान के समान हैं, जब कोई नहीं पूछता तब वे सहायता के लिए आते हैं।”       ग्रामीण दयादास घृतलहरे ने कहा —   > “संत रामपाल जी महाराज सभी असहाय परिवारों के लिए भगवान बनकर कृपा कर रहे हैं।”       वहीं रविशंकर भास्कर ने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से मिली सहायता के लिए संत समाज का आभार व्यक्त किया।     —   मानवता का संदेश   गौरतलब है कि संत रामपाल जी महाराज जी की अन्नपूर्णा मुहिम आज पूरे देश में मानवता की सेवा का प्रतीक बन चुकी है। इस अभियान के माध्यम से जरूरतमंद, विधवा, वृद्ध और दिव्यांग परिवारों तक नियमित रूप से राहत सामग्री पहुँचाई जा रही है। यह मुहिम समाज में “मानवता ही सच्चा धर्म है” के संदेश को साकार कर रही है।  

नाबालिग मजदूर हादसे का मामला – स्वास्थ्य मंत्री ने लिया संज्ञान, घायल बच्चे के लिए भेजी गई एंबुलेंस

    मनेंद्रगढ़/एमसीबी। ग्राम पंचायत नेऊर निवासी बुद्धसेन सिंह द्वारा अपने 14 वर्षीय भांजे के साथ हुए हादसे की शिकायत ने अब स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का ध्यान आकर्षित किया है। यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। गरीब की आवाज़ आखिरकार तब सुनी गई जब यह मामला मीडिया की सुर्खियों में आया।     —   शिकायत के बावजूद कार्रवाई में देरी   बुद्धसेन सिंह ने 18 सितंबर 2025 को थाना झगड़ाखांड में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए समीर बस मालिक पर अपने भांजे, बहन और जीजा को अगवा करने का आरोप लगाया था। इसके बाद 22 सितंबर को उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी शिकायत सौंपी, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कार्रवाई तब शुरू हुई जब यह मामला मीडिया में प्रमुखता से सामने आया।     —   स्वास्थ्य मंत्री ने लिया संज्ञान   मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को निर्देश दिए। विभाग की ओर से एंबुलेंस भेजकर घायल बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।     —   नाबालिग से कराई जा रही थी मजदूरी   इसी प्रकरण में थाना कोटाडोल निवासी पीड़ित की मां ने भी शिकायत दर्ज कराई है कि उनके 14 वर्षीय बेटे से बस मालिक और चालक जबरन मजदूरी करा रहे थे। इसी दौरान बच्चा हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। फिलहाल वह जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।     —   रात में बिना महिला पुलिसकर्मी के कार्रवाई   22 अक्टूबर की रात करीब 10:20 बजे झगड़ाखांड पुलिस के दो आरक्षक पीड़ित की मां को बयान के लिए थाने ले गए। इस दौरान कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी, जो नियमों के खिलाफ है। मामला मीडिया में आने के बाद थाना प्रभारी के निर्देश पर एक महिला आरक्षक को अस्पताल भेजा गया। सवाल यह भी उठा कि शिकायत में बस क्रमांक CG 16 H 0132 कैसे दर्ज हो गया, जबकि पीड़िता को बस का नंबर पता ही नहीं था।     —   दो अलग-अलग बस नंबरों से जांच पर संशय   बुद्धसेन सिंह की शिकायत में बस क्रमांक CG 15 DP 3302, जबकि पीड़िता की रिपोर्ट में CG 16 H 0132 दर्ज है। दो अलग-अलग बस नंबरों के सामने आने से जांच की पारदर्शिता और पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।     —   गरीब परिवार न्याय की राह देख रहा   पीड़ित परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। पिता पोलियोग्रस्त हैं और घर में छोटे बच्चे हैं। परिवार का कहना है कि उन्होंने बार-बार पुलिस और प्रशासन से मदद मांगी, लेकिन कार्रवाई तब हुई जब मामला मंत्री तक पहुंचा।     —   थाना प्रभारी से संपर्क नहीं हो सका   मामले पर जानकारी लेने के लिए शुक्रवार को थाना झगड़ाखांड प्रभारी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। थाने में मुलाकात का प्रयास भी असफल रहा।

लोरमी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: हत्या के प्रयास के चार आरोपी गिरफ्तार, चाकू-रॉड व डंडा जब्त

  मुंगेली पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में मिली सफलता   मुंगेली। पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के सख्त निर्देशन में थाना लोरमी पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों से चाकू, लोहे की रॉड और डंडा जब्त किया है, जबकि एक नाबालिग आरोपी की तलाश जारी है।   मामले में थाना लोरमी में अपराध क्रमांक 586/25 के तहत धारा 296, 351(2), 115(2), 333, 191(2), 191(3), 190, 118(1), 324(5), 109 बीएनएस के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।   घटना का विवरण   रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता जुमनाबाई दिवाकर (पति प्रीतम दिवाकर, उम्र 45 वर्ष, निवासी टेकनपारा, पेंड्री तालाब) ने 21 अक्टूबर 2025 की शाम को शिकायत दर्ज कराई थी। घटना की शुरुआत उस समय हुई जब उनके बच्चे घर के सामने पटाखे फोड़ रहे थे। उसी दौरान आरोपी राजकुमार धृतलहरे अपने चाचा नीलकुमार धृतलहरे के साथ वहां से गुजर रहे थे और बच्चों को पटाखे फोड़ने से मना किया। मामूली विवाद के बाद सुलह हो गई, लेकिन आरोपी ने यह बात अपने पिता दिलीप धृतलहरे को बता दी।   पुरानी रंजिश के चलते राजकुमार (23 वर्ष), दिलीप (42 वर्ष), नीलकुमार (30 वर्ष), देवकुमार (19 वर्ष) और एक नाबालिग ने मिलकर लोहे की रॉड, डंडा और चाकू जैसा हथियार लेकर प्रीतम दिवाकर के घर में घुसकर हमला किया। हमले में प्रीतम दिवाकर गंभीर रूप से घायल हो गए, वहीं बीच-बचाव करने आए जुमनाबाई, ओमप्रकाश, उमेश और नरेन्द्र दिवाकर को भी पीटा गया। आरोपियों ने मौके पर खड़े वाहनों में भी तोड़फोड़ की।   प्रारंभिक रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जांच में मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त धाराएं जोड़ी गईं।   पुलिस की त्वरित कार्रवाई   एसपी भोजराम पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त एसपी नवनीत कौर छाबड़ा एवं उप एसपी लोरमी नवनीत पाटिल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार वैष्णव के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। 23 अक्टूबर 2025 को पुलिस ने सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया—   राजकुमार धृतलहरे पिता दिलीप   दिलीप कुमार धृतलहरे पिता मोहितराम   नीलकुमार धृतलहरे पिता मोहितराम   देवकुमार धृतलहरे पिता दिलीप सभी जिला बिलासपुर (साकिन बांधा, चौकी जूनापारा, थाना तखतपुर) के निवासी हैं।     घटनास्थल से हथियार बरामद कर आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।   पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका   इस कार्रवाई में उप निरीक्षक सुंदरलाल गोरले, सउनि राजकुमारी यादव, प्रआर शेषनारायण कश्यप, आर देवीचंद नवरंग, धर्मेन्द्र यादव, गणेश ध्रुव और कवि टोप्पो की भूमिका सराहनीय रही।   एसपी भोजराम पटेल ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि—   “ऐसी त्वरित और सख्त कार्रवाई से अपराधियों में पुलिस का भय और कानून का विश्वास दोनों कायम रहेगा।”

अब हर गांव होगा विकास का केंद्र – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दुलेड़ से दिया शांति और समृद्धि का संदेश

सुकमा। नक्सल प्रभावित इलाकों में अब विकास और विश्वास की नई कहानी लिखी जा रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा शुक्रवार को सुकमा जिले के सुदूर वनांचल ग्राम दुलेड़ पहुंचे। यह पहला अवसर था जब राज्य के किसी उपमुख्यमंत्री ने इस घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। उनके साथ दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी भी उपस्थित रहे।   दुलेड़ में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में भारी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने क्षेत्र के बदलते माहौल का परिचय दिया। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि सुरक्षा बलों के कैंप खुलने के बाद क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। अब यहां के लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग के सभी जनप्रतिनिधि आदिवासी समाज से हैं, और यह गर्व की बात है कि राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय भी आदिवासी वर्ग से आते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग भोले-भाले ग्रामीणों को बहकाकर हिंसा के मार्ग पर ले जाते हैं, वे समाज के सच्चे दुश्मन हैं।   श्री शर्मा ने बताया कि सरकार वनांचल के विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। वर्षों तक नक्सलियों ने बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाओं को गांवों तक नहीं पहुंचने दिया, लेकिन अब शासन की नीतियों से हर गांव में परिवर्तन की बयार बह रही है।   उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करें। हाल के दो दिनों में करीब 300 लोगों ने हथियार छोड़कर समाज में वापसी की है। आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं के पुनर्वास के लिए शासन ने संवेदनशील पुनर्वास नीति तैयार की है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि “इलवद पंचायत योजना” के तहत अब सशस्त्र नक्सल मुक्त ग्रामों को एक करोड़ रुपये के विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत गांवों में बारहमासी सड़क, मोबाइल टावर, पेयजल व्यवस्था और बस परिवहन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।   उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि वनवासियों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिले, हर घर तक शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचें और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित हो। कार्यक्रम के दौरान श्री शर्मा ने युवाओं को क्रिकेट किट का वितरण भी किया।   गांव के लोगों ने उपमुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से उष्ण स्वागत किया और क्षेत्र में विकास की पहल के लिए आभार व्यक्त किया।   कार्यक्रम में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे, एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री पी. सुंदरराज, कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, एसपी श्री किरण चव्हाण, जनपद अध्यक्ष कोंटा श्रीमती कुसुमलता कोवासी, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री हुंगाराम मरकाम, जनपद सदस्य श्री मड़कम भीमा, सरपंच दुलेड़ श्री सेन्द्रा बारसे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी परीक्षा आवेदन की तिथि घोषित

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी परीक्षाओं के लिए आवेदन पत्र ऑनलाइन भरने की तिथियों की घोषणा कर दी है। मण्डल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार परीक्षा आवेदन फार्म भरने की अंतिम तिथियाँ निम्नानुसार निर्धारित की गई हैं— 1️⃣ सामान्य शुल्क के साथ आवेदन की अंतिम तिथि – 01 अक्टूबर 2025 से 31 अक्टूबर 2025 तक। 2️⃣ विलंब शुल्क के साथ आवेदन की तिथि – 01 नवम्बर 2025 से 16 नवम्बर 2025 तक। 3️⃣ विशेष विलंब शुल्क के साथ आवेदन की तिथि – 17 नवम्बर 2025 से 30 नवम्बर 2025 तक।   मण्डल ने स्पष्ट किया है कि छात्र-छात्राएँ केवल उन्हीं संस्थाओं से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे जो छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल से मान्यता प्राप्त हैं। सभी संस्था प्रमुखों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि उनके विद्यार्थियों के परीक्षा आवेदन समयसीमा के भीतर ऑनलाइन भर दिए जाएंगे  

प्रकृति, संस्कृति और रोमांच का संगम बनेगा ‘जशपुर जम्बूरी 2025’

✍️ भागीरथी यादव   6 से 9 नवम्बर तक होगा आयोजन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले — पर्यटन और रोजगार को मिलेगी नई दिशा जशपुर छत्तीसगढ़ का हरियाली और पर्वतीय सौंदर्य से भरपूर जिला जशपुर एक बार फिर उत्सव, संस्कृति और रोमांच का केंद्र बनने जा रहा है। आगामी 6 से 9 नवम्बर 2025 तक यहां आयोजित होने वाला ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ प्रदेश और देशभर से आने वाले पर्यटकों को प्रकृति, जनजातीय परंपराओं और आधुनिक रोमांच का अनूठा संगम प्रदान करेगा। 🌿 प्रकृति की गोद में चार दिन का उत्सव   चार दिनों तक चलने वाला यह फेस्टिवल जशपुर की वादियों, झरनों और हरे-भरे जंगलों को उत्साह और उमंग से भर देगा। देशभर से आने वाले सैलानी यहां सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोकपर्वों और रोमांचक खेलों का आनंद लेंगे।   🎈 हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग का रोमांच   फेस्टिवल का सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग शो, जिसमें प्रतिभागी मधेश्वर पहाड़ियों के ऊपर से उड़ान भरकर जशपुर की खूबसूरती को नई ऊँचाई से देख सकेंगे।   🚤 कयाकिंग, एटीवी और मोटर बोटिंग से एडवेंचर का अनुभव   एडवेंचर प्रेमियों के लिए कयाकिंग, मोटर बोटिंग और एटीवी राइड्स जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। झरनों के बीच कयाकिंग और जंगलों में एटीवी चलाने का अनुभव आगंतुकों को रोमांच से भर देगा।   🌲 फॉरेस्ट ट्रेकिंग और प्राकृतिक अनुभव   प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष फॉरेस्ट ट्रेकिंग ट्रेल्स तैयार की गई हैं। घने जंगलों में पक्षियों की चहचहाहट और फूलों की खुशबू के बीच चलना पर्यटकों को जशपुर की जैव विविधता से जोड़ेगा।   🌌 रात्रि में स्टार गेज़िंग और बोनफायर नाइट्स   रात में खुले आसमान तले स्टार गेज़िंग सेशन्स होंगे, जहाँ पर्यटक तारों की अद्भुत छटा निहार सकेंगे। हर शाम बोनफायर नाइट्स में जनजातीय लोकनृत्य, संगीत और गीतों की धुनों से वातावरण जीवंत रहेगा।   🍲 स्थानीय व्यंजन और लोककला प्रदर्शनी   स्थानीय व्यंजनों के विशेष स्टॉल और हस्तशिल्प, लोककला एवं आदिवासी परिधान की प्रदर्शनी इस आयोजन को सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध बनाएगी।   🌐 डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ेगी पहचान   देशभर के एडवेंचर प्रेमी, फोटोग्राफर और ट्रैवल ब्लॉगर इस आयोजन में शामिल होंगे, जिससे जशपुर की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल माध्यमों से और मजबूत होगी।   💬 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का वक्तव्य   मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा —   > “हमारा प्रयास है कि जशपुर की प्रकृति और संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान मिले। ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को प्रखर करेगा, बल्कि पर्यटन, उद्यमिता और सामुदायिक सहभागिता को नई ऊर्जा देगा। यह आयोजन राज्य के लिए गौरव और विकास दोनों का प्रतीक बनेगा।”       उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर खोलते हैं और छत्तीसगढ़ को एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में आगे बढ़ाते हैं।

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