छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन को मिला नया नेतृत्व अनिल द्विवेदी बने प्रांतीय अध्यक्ष, कर्मचारियों में उत्साह
रायपुर – छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के प्रांतीय कार्यकारिणी चुनाव में अनिल द्विवेदी को सर्वसम्मति से प्रांतीय अध्यक्ष चुना गया है। उनके चयन के साथ ही प्रदेशभर के विद्युत कर्मचारियों में हर्ष और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। प्रांतीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालते हुए अनिल द्विवेदी ने साथियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह पद उनके लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि कर्मचारियों की आशाओं, संघर्षों और अधिकारों की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे पूरे मन, पूर्ण ईमानदारी और अटूट संकल्प के साथ प्रत्येक कर्मचारी के हक़, सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि साथियों द्वारा मिला विश्वास और स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, और इसी ताकत के बल पर वे संगठन को और अधिक सशक्त बनाने, कर्मचारियों की समस्याओं को मजबूती से उठाने तथा अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज़ बुलंद करेंगे। अनिल द्विवेदी के प्रांतीय अध्यक्ष चुने जाने को संगठन के लिए एक नई ऊर्जा और नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में यूनियन और अधिक मजबूती से कर्मचारियों के हितों की लड़ाई
रायपुर | अभनपुर में मेला देखकर लौट रहे युवकों के बीच हिंसक झड़प, चाकूबाजी में 6 घायल
✍️ भागीरथी यादव रायपुर जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केंद्री में बुधवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो पक्षों के बीच हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। घटना में चाकू से किए गए हमले में कुल 6 लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अभनपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। धूल उड़ाने और रॉन्ग साइड को लेकर शुरू हुआ विवाद अभनपुर थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह श्याम के अनुसार, अभनपुर निवासी हेमंत साहू, कैलाश तिवारी और अजय गोंड एक्टिवा से केंद्री गांव का मेला देखकर लौट रहे थे। रास्ते में उन्होंने अपनी एक्टिवा एनएचएआई कार्यालय के पास खड़ी की। इसी दौरान रायपुर से इनोवा कार में सवार दिलेश मंडावी, चंदन यादव और नीलेश सेन भी मेला देखकर अभनपुर की ओर ढाबे में खाना खाने जा रहे थे। इसी बीच रॉन्ग साइड चलने और धूल उड़ाने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि एक्टिवा सवार एक युवक ने चाकू निकालकर कार सवारों पर हमला कर दिया। चाकूबाजी में 6 घायल, आरोपी फरार इस हमले में इनोवा चालक दिलेश मंडावी समेत 6 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। घटना के बाद मुख्य आरोपी अजय गोंड मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घायलों के नाम दिलेश मंडावी (इनोवा चालक), निवासी रायपुर दुर्गेश साहू, निवासी रायपुर नितेश सेन, निवासी रायपुर मनीष साहू, निवासी रायपुर रिंकू साहू, निवासी केंद्री चंद्रशेखर साहू, निवासी केंद्री फिलहाल पुलिस क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
रायपुर में हाई-वोल्टेज टी-20 मुकाबले का काउंटडाउन शुरू 23 जनवरी: भारत बनाम न्यूजीलैंड, आज शाम 7 बजे खुलेंगी टिकट विंडो
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम एक बार फिर क्रिकेट के रोमांच से गुलजार होने जा रहा है। 23 जनवरी को होने वाले भारत-न्यूजीलैंड टी-20 मुकाबले के लिए आज शाम 7 बजे से टिकट बिक्री शुरू हो जाएगी। छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) ने Ticketgenie को आधिकारिक टिकटिंग पार्टनर नियुक्त किया है। CSCS ने साफ शब्दों में अपील की है कि दर्शक टिकट और मैच से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और अपुष्ट खबरों से सावधान रहने को कहा गया है। मैच की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और इस बार सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व होगी। सुरक्षा में कोई समझौता नहीं मैच के दौरान सुरक्षा को लेकर सख्त नियम लागू रहेंगे। पहली पारी समाप्त होने के बाद किसी भी दर्शक को स्टेडियम में प्रवेश नहीं मिलेगा। सुरक्षा के लिए 350 से अधिक प्राइवेट बाउंसर्स तैनात किए जाएंगे, वहीं CSCS के 45 अधिकारी पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर मोर्चा संभालेंगे। स्टेडियम के सभी 13 गेट्स पर लोहे की मजबूत रेलिंग लगाई गई है। खाने-पीने पर रहेगी पैनी नजर पिछले भारत-दक्षिण अफ्रीका मैच में महंगे खाद्य-पेय को लेकर उठे सवालों के बाद इस बार संघ ने सख्ती के संकेत दिए हैं। स्टेडियम के भीतर खाने-पीने की चीजों की कीमत और गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। एंट्री गेट्स पर तिहरी सुरक्षा हर एंट्री गेट पर पुलिस, प्राइवेट गार्ड्स और CSCS स्टाफ की संयुक्त तैनाती होगी। पिछली ODI में दर्शकों के रेलिंग कूदकर मैदान तक पहुंचने की घटना से सबक लेते हुए इस बार बाउंड्री लाइन पर भी अतिरिक्त बाउंसर्स तैनात रहेंगे, ताकि खिलाड़ियों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित हो सके। 45 सदस्यीय CSCS टीम मैदान में CSCS अध्यक्ष विजय शाह ने बताया कि पिछली सुरक्षा चूक पर BCCI ने संज्ञान लिया था। इस बार किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। 45 सदस्यीय विशेष टीम पुलिस के साथ समन्वय में पूरे मैच के दौरान तैनात रहेगी। टीमों का कार्यक्रम भारत-न्यूजीलैंड टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला 21 जनवरी को नागपुर में खेला जाएगा। दोनों टीमें 22 जनवरी को रायपुर पहुंचेंगी और शाम को स्टेडियम में अभ्यास सत्र करेंगी। रायपुर तैयार है… क्रिकेट प्रेमियों के लिए 23 जनवरी को रोमांच, जोश और जुनून का महाकुंभ सजने जा रहा है।
नवापारा-राजिम लूटकांड के बाद सर्राफा बाजार अलर्ट मोड पर
प्रदेशभर की ज्वेलरी दुकानों में चेहरा ढककर प्रवेश पर रोक, एसोसिएशन ने तय की सख्त सुरक्षा नीति रायपुर। नवापारा-राजिम क्षेत्र में हुई सनसनीखेज सर्राफा लूट की घटना के बाद पूरे प्रदेश के स्वर्ण व्यवसायियों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं और व्यापारियों में बढ़ती असुरक्षा को देखते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने तत्काल प्रभाव से सख्त कदम उठाए हैं। संगठन द्वारा बुलाई गई आपात बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम और दूरगामी फैसले लिए गए। ऑनलाइन बैठक में बनी प्रदेशव्यापी रणनीति प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी की अध्यक्षता में आयोजित इस आपात बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के पदाधिकारी और व्यापारी प्रतिनिधि जुड़े। बैठक में हालिया लूटकांड, दुकानों में सुरक्षा की कमजोर कड़ियां और अपराधों पर नियंत्रण के व्यावहारिक उपायों पर गंभीर मंथन किया गया। हेलमेट-बुर्का पहनकर दुकान में प्रवेश पर सख्त रोक बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब प्रदेश की किसी भी सर्राफा दुकान में हेलमेट, बुर्का, स्कार्फ या किसी भी तरह से चेहरा ढककर आने वाले व्यक्तियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। एसोसिएशन का मानना है कि इस नियम से संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगेगी और अपराधियों की पहचान करना आसान होगा। सीसीटीवी व्यवस्था होगी और अधिक मजबूत सभी सर्राफा व्यापारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपनी दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों को अपडेट रखें। खासतौर पर प्रवेश और निकास द्वार पर ऐसे कैमरे लगाए जाएं, जिससे हर व्यक्ति का चेहरा स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हो सके। जरूरत पड़ने पर फुटेज तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराई जा सके। जिलावार अनुभव साझा, सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बैठक के दौरान विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में हुई घटनाओं और सुरक्षा चुनौतियों को साझा किया। सभी ने एकमत से व्यापारियों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए आपसी समन्वय और सतर्कता बढ़ाने पर सहमति जताई। सरकार और पुलिस से विशेष सुरक्षा की मांग सर्राफा एसोसिएशन ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ज्वेलरी बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। साथ ही नवापारा-राजिम सर्राफा लूटकांड के आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि व्यापारियों में भरोसा बहाल हो सके।
रायपुर में उठाईगिरी का आतंक, 24 घंटे में दो बड़ी वारदातों से दहशत
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। राजधानी रायपुर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि वे पुलिस की मौजूदगी और निगरानी को खुली चुनौती दे रहे हैं। बीते 24 घंटे के भीतर शहर के अलग-अलग इलाकों में उठाईगिरी की दो बड़ी घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहली घटना गंज थाना क्षेत्र की है, जहां बदमाशों ने एक कार का शीशा तोड़कर करीब 10 लाख रुपये नकद और कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान पर हाथ साफ कर दिया। वहीं दूसरी वारदात देवेंद्र नगर इलाके में सिटी सेंटर मॉल के पास हुई, जहां कपड़ा व्यापारी की कार से साढ़े तीन लाख रुपये चोरी कर लिए गए। दोनों ही मामलों में चोरी की करतूत सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। मिली जानकारी के अनुसार महासमुंद निवासी प्रदीप चोपड़ा रायपुर के डूबरतराई, सदाराम मार्केट में “अरिहंत मार्केटिंग” के नाम से प्लास्टिक मटेरियल का व्यवसाय करते हैं, जबकि पंडरी महालक्ष्मी कपड़ा मार्केट में उनकी “पास लिविंग” नाम से फर्नीचर की दुकान है। उनके भांजे सागर जैन की आगामी शादी के चलते खरीदारी के लिए वे 3 लाख रुपये एक नीले रंग के ऑफिस बैग में रखकर दोपहर करीब 11.30 बजे अपनी होंडा सिटी कार (CG 04 LM 1004) से रायपुर पहुंचे थे। शाम लगभग 5.30 बजे उन्होंने महालक्ष्मी कपड़ा मार्केट के पास महाराजा फुटवेयर के सामने निर्माणाधीन मॉल के किनारे कार खड़ी की। बैग को जांचने के बाद उन्होंने उसे कार की पिछली सीट पर रखा, वाहन लॉक किया और दुकान चले गए। रात करीब 8 बजे जब वे पैसे लेने वापस लौटे तो देखा कि कार के पीछे बाईं ओर के दरवाजे का कांच टूटा हुआ था। अंदर रखा नीले रंग का बैग, जिसमें पूरे 3 लाख रुपये थे, गायब था। अज्ञात चोरों द्वारा की गई इस उठाईगिरी की शिकायत पीड़ित ने थाने में दर्ज कराई है। लगातार हो रही ऐसी वारदातों से शहरवासियों में भय का माहौल है और पुलिस की गश्त व सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
रायपुर श्याम नगर में खूनखराबा, पुरानी रंजिश ने ली युवक की जान
✍️ भागीरथी यादव रायपुर – राजधानी रायपुर के श्याम नगर इलाके में रविवार रात पुरानी रंजिश एक बार फिर खूनी वारदात में बदल गई। चाकूबाजी की इस घटना में भनपुरी निवासी आदित्य कुर्रे की मौत हो गई, जबकि उसका साथी अभय सारथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है। शराबखोरी के दौरान पुराने विवाद ने तूल पकड़ा और देखते ही देखते चाकू चल गए। वारदात का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके में दहशत फैल गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी फरार है। तेलीबांधा पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। खून से सनी गली और संघर्ष के निशान घटना की भयावहता बयां कर रहे हैं।
सरकार का सख्त अल्टीमेटम: 13 जनवरी तक जॉइनिंग नहीं तो होगी कड़ी कार्रवाई
✍️ भागीरथी यादव रायपुर, 7 जनवरी। छत्तीसगढ़ शासन ने स्थानांतरण आदेशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर अब सख्त रुख अपना लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने सभी विभागों के सचिवों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 13 जनवरी 2026 तक हर हाल में नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण किया जाए, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई तय मानी जाएगी। जीएडी ने अपने पत्र में साफ किया है कि राज्य के कई विभागों में ट्रांसफर आदेश जारी होने के बावजूद अधिकारी-कर्मचारी नई पोस्टिंग पर जॉइन नहीं कर रहे हैं। इसका सीधा असर जिलों में चल रही जनहित योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं पर पड़ रहा है, जिससे शासन की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है। तत्काल कार्यमुक्ति के निर्देश विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जो अधिकारी और कर्मचारी अब तक नई जगह जॉइन नहीं कर पाए हैं, उन्हें तुरंत कार्यमुक्त किया जाए और स्पष्ट रूप से चेतावनी दी जाए कि वे 13 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करें। लापरवाही बर्दाश्त नहीं सरकार ने दो टूक कहा है कि तय समय-सीमा के बाद भी यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी आदेशों की अनदेखी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत करने और योजनाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। संकेत साफ है—अब ट्रांसफर आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे, समय पर जॉइनिंग अनिवार्य होगी, वरना कार्रवाई तय है।
सड़क सुरक्षा माह 2026: छत्तीसगढ़ में दुर्घटनाओं पर लगाम के लिए सरकार का समन्वित अभियान
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तथा मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़ शासन के मार्गदर्शन में अंतर्विभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा द्वारा प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा माह–2026 के तहत प्रतिदिन व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इस अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और सुरक्षित यातायात संस्कृति को मजबूत करना है। शीर्ष नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा जन-जागरूकता हेतु तैयार पोस्टर और फ्लैक्स का विमोचन किया गया। वहीं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रदेश के समस्त सरपंचों एवं पंचगणों से पंचायत स्तर पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस पहल करने की अपील जारी की। हेलमेट रैली से अभियान का शुभारंभ 01 जनवरी 2026 को न्यायमूर्ति श्री अभय मनोहर सप्रे, अध्यक्ष—माननीय सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑफ रोड सेफ्टी, की अध्यक्षता में बेमेतरा में हेलमेट रैली को हरी झंडी दिखाकर सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ किया गया। उच्चस्तरीय बैठकें, ठोस कार्ययोजना 03 जनवरी को दुर्ग में संभाग स्तरीय बैठक—जिसमें संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, सात जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित परिवहन, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन, शिक्षा, आबकारी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए। 05 जनवरी को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की उपस्थिति में विभागीय सचिवों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए समन्वित कार्ययोजना के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग—जहाँ दुर्घटनाएँ अधिक हैं—के लिए अलग से केंद्रित रणनीति बनाकर 2026 में दुर्घटनाओं में कमी लाने के निर्देश दिए गए। सख्ती + जागरूकता = परिणाम प्रदेश में 2025 के दौरान पिछले वर्ष की तुलना में मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई। यातायात नियम उल्लंघन पर लगभग 45% अधिक कार्रवाई (करीब 9 लाख प्रकरण) लगभग 39 करोड़ रुपये का परिशमन शुल्क संकलन जन-जागरूकता अभियानों के परिणामस्वरूप लगभग 3% मृत्यु दर में कमी 20 जिलों में मृत्यु दर घटी; रायपुर सहित 13 अन्य जिलों में लक्षित सुधार कार्य जारी 2026 के लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में न्यूनतम 10% मृत्यु दर में कमी दुर्घटना-जन्य ब्लैक स्पॉट्स पर त्वरित सुधारात्मक उपाय आकस्मिक उपचार हेतु त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करना मैदान में रोज़ाना कार्रवाई सड़क सुरक्षा माह 2026 के दौरान यातायात पुलिस द्वारा प्रतिदिन अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाई जा रही है। बिना हेलमेट/सीट बेल्ट, मोबाइल पर बात, नशे में ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग पर समझाइश नियमों का पालन करने वाले नागरिकों का सम्मान संदेश स्पष्ट है: नियमों का पालन ही सुरक्षा की कुंजी है। सरकार, प्रशासन और नागरिक—तीनों की साझा जिम्मेदारी से ही सुरक्षित सड़कों का लक्ष्य हासिल होगा।
रायपुर | रामा वर्ल्ड में युवक की संदिग्ध मौत
✍️ भागीरथी यादव रायपुर – विधानसभा थाना क्षेत्र के रामा वर्ल्ड परिसर में एक युवक की संदिग्ध हालत में लाश मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान शुभम राणा के रूप में हुई है, जो देवघर (झारखंड) का निवासी बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार शुभम स्वर्णभूमि क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान में कारपेंटरी का काम करता था। बीती रात करीब 11 बजे से वह अपने कमरे से गायब था। सुबह तलाश के दौरान उसकी क्षत-विक्षत लाश मिली। घटना की सूचना पर विधानसभा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। झारखंड से पहुंचे परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
राजधानी की सेंट्रल जेल में कैदी की संदिग्ध मौत, परिजनों का हंगामा — व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
रायपुर। राजधानी रायपुर की सेंट्रल जेल उस वक्त सुर्खियों में आ गई, जब एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान सुनील महानद के रूप में हुई है, जो जेल की बड़ी गोल नंबर–5 बैरक में बंद था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 6 बजे सुनील ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की खबर मिलते ही जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई, वहीं मृतक के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए जेल प्रशासन पर प्रताड़ना और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि सुनील को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसकी शिकायत पहले भी की गई थी। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि कड़ी सुरक्षा के बीच कैदी को आत्महत्या का मौका कैसे मिला? क्या जेल प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सही ढंग से कर रहा था? घटना के बाद गंज थाना क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में गाड़ा समाज के लोग सेंट्रल जेल के बाहर एकत्र होकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई, उच्च स्तरीय जांच और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पुलिस बल और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तैनात हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि कैदी की मौत वास्तव में आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण या साजिश छिपी है। फिलहाल, सेंट्रल जेल में हुई इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है और जांच के नतीजों पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोरबी में सरस्वती पूजन हर्षोल्लास से संपन्न
















