रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की बड़ी कार्रवाई: चिट्टा बेचते रंगे हाथों पकड़ा गया आरक्षक

    रायपुर। सूखे नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने ही विभाग के एक आरक्षक को अवैध मादक पदार्थ बेचते हुए गिरफ्तार किया है। इस घटना के सामने आने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हिमांशु बर्मन (34) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में रायपुर में पदस्थ था। वह मूल रूप से कबीरधाम जिले का निवासी है और पुलिस लाइन स्थित जनता कॉलोनी में रह रहा था। ऐसे हुई कार्रवाई पुलिस को 11 फरवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि मठपारा क्षेत्र में नीलकंठेश्वर मंदिर के पीछे एक व्यक्ति एक्सिस वाहन (CG-04-PW-1372) में बैठकर चिट्टा (हेरोइन) बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से प्लास्टिक की पुड़िया में रखा लगभग 1 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 8 हजार रुपये आंकी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पश्चिम), सहायक पुलिस आयुक्तों तथा थाना टिकरापारा और आजाद चौक की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज आरोपी के खिलाफ टिकरापारा थाना में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। सोर्स से डेस्टिनेशन तक जांच पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है। मादक पदार्थ कहां से आया और किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाना था, इसकी एंड-टू-एंड जांच की जा रही है। अन्य संभावित आरोपियों की तलाश भी जारी है।

CBSE बोर्ड का बड़ा फैसला: अब डिजिटल होगी 12वीं की कॉपियों की जांच, ‘ऑन स्क्रीन मार्किंग’ सिस्टम लागू

  रायपुर: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपनी मूल्यांकन प्रक्रिया को हाई-टेक बनाते हुए कक्षा 12वीं की परीक्षाओं के लिए On Screen Marking System (OSMS) अपनाने का निर्णय लिया है। अब शिक्षकों को हाथ में पेन लेकर नहीं, बल्कि कंप्यूटर स्क्रीन पर कॉपियां जांचनी होंगी। कैसे काम करेगा नया सिस्टम? डिजिटल स्कैनिंग: छात्रों की फिजिकल उत्तरपुस्तिकाओं को हाई-क्वालिटी में स्कैन कर सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा। कंप्यूटर पर मार्किंग: परीक्षक लैपटॉप या कंप्यूटर की स्क्रीन पर कॉपियां देखकर वहीं अंक दर्ज करेंगे। मार्किंग स्कीम: जांच पूरी तरह से बोर्ड द्वारा निर्धारित सॉफ्टवेयर आधारित मार्किंग स्कीम पर आधारित होगी। छात्रों और बोर्ड को होने वाले बड़े फायदे त्रुटिहीन परिणाम: डिजिटल सिस्टम से अंकों की गिनती में होने वाली मानवीय भूल (Human Error) की संभावना खत्म हो जाएगी। जल्द आएंगे नतीजे: कॉपियों को एक शहर से दूसरे शहर भेजने का समय बचेगा, जिससे रिजल्ट जल्दी घोषित हो सकेंगे। पारदर्शिता: हर कॉपी का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा, जिससे पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) और क्रॉस-चेकिंग की प्रक्रिया और भी सटीक और आसान हो जाएगी। स्टेप मार्किंग का लाभ: सॉफ्टवेयर यह सुनिश्चित करेगा कि छात्र को उसके द्वारा लिखे गए सही स्टेप्स और लॉजिक के पूरे अंक मिलें। भविष्य की योजना CBSE ने संकेत दिए हैं कि यदि 12वीं कक्षा में यह प्रयोग सफल रहता है, तो आगामी सत्रों में कक्षा 10वीं की कॉपियों की जांच भी इसी आधुनिक ‘ऑन स्क्रीन’ तरीके से की जाएगी।  

बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल; रायपुर पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

    रायपुर: राजधानी में बढ़ते अपराधों और चरमराती कानून व्यवस्था के खिलाफ शहर एवं ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। प्रमुख मुद्दे: भय का माहौल और अवैध कारोबार कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि रायपुर अब हत्या, लूट, चाकूबाजी और बलात्कार जैसी घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया गया: अपराधों में वृद्धि: खुलेआम चाकूबाजी और मारपीट से व्यापारी, महिलाएं और छात्र असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अवैध गतिविधियां: शहर और ग्रामीण अंचलों में ऑनलाइन जुआ, सट्टा, नशा और अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। पुलिसिंग पर सवाल: थानों में बल की कमी और पुलिस की कथित उदासीनता के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। अनावश्यक वसूली: चालान के नाम पर आम जनता से हो रही वसूली को तत्काल रोकने की मांग की गई। उग्र आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन ने अपराधियों पर लगाम नहीं कसी और अवैध अड्डों को बंद नहीं किया, तो पार्टी जनहित में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल इस दौरान रायपुर शहर अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन, ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे, छाया वर्मा, प्रमोद दुबे, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, एजाज ढेबर और सुबोध हरितवाल सहित कई प्रमुख कांग्रेसी नेता उपस्थित रहे।

महादेव ऐप की तर्ज पर चल रहा था ‘सट्टा सिंडिकेट’, रायपुर पुलिस ने किया भंडाफोड़; 95 लाख का मशरुका जब्त

  रायपुर: राजधानी की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) ने ऑनलाइन सट्टे के एक नए और बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। महादेव ऐप की कार्यप्रणाली को कॉपी कर ‘jmdbet777.com’ और ‘Classic777.com’ जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को दांव लगवाने वाले सिंडिकेट के 6 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। करोड़ों का दांव और लाखों की जब्ती पुलिस ने इस कार्रवाई में आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नगदी और सामान बरामद किया है: नगद राशि: 37 लाख 50 हजार रुपये। वाहन: 3 लग्जरी कारें। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: 10 मोबाइल फोन। कुल जब्ती: लगभग 95 लाख रुपये की संपत्ति। गिरफ्तार आरोपियों के नाम: रखब देव पाहुजा (दुर्ग) – मास्टर आईडी होल्डर पीयूष जैन (रायपुर) – मास्टर आईडी होल्डर जितेन्द्र कुमार कृपलानी उर्फ जित्तू (रायपुर) – लोकल डिस्ट्रीब्यूटर कमल राघवानी (रायपुर) – लोकल डिस्ट्रीब्यूटर सचिन जैन (रायपुर) – लोकल डिस्ट्रीब्यूटर दीपक अग्रवाल (बिलासपुर) – लोकल डिस्ट्रीब्यूटर ऐसे फैला था सिंडिकेट का जाल जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। सिंडिकेट के मुख्य सदस्य रवि सोनकर (दुर्ग), नितिन मोटवानी (रायपुर) और अंकित (नागपुर) पैनल को आईडी प्रोवाइड कराते थे। पकड़े गए आरोपी रखब देव और पीयूष मास्टर आईडी को आगे डिस्ट्रीब्यूट करते थे, जबकि अन्य आरोपी स्थानीय स्तर पर लोगों को आईडी बांटकर सट्टा खिलाते थे। फरार आरोपियों की तलाश: सिंडिकेट के तीन मुख्य सदस्य रवि, नितिन और अंकित फिलहाल फरार हैं। पुलिस की विशेष टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। ऐप में थे 40 से ज्यादा गेम्स आरोपी जिन वेबसाइट्स का उपयोग कर रहे थे, उनमें क्रिकेट से लेकर कैसिनो तक 40 से ज्यादा गेम्स उपलब्ध थे। पुलिस अब इन वेबसाइट्स के सर्वर और वित्तीय लेन-देन (Financial Trail) की गहराई से जांच कर रही है ताकि अन्य सफेदपोश चेहरों को बेनकाब किया जा सके।

रायपुर: पॉक्सो एक्ट के आरोपी से सांठगांठ पड़ी भारी, महिला हेड कांस्टेबल निलंबित

    रायपुर। राजधानी के कबीर नगर थाने में पदस्थ एक महिला हेड कांस्टेबल को अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। महिला प्रधान आरक्षक पर आरोप है कि उन्होंने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट जैसे गंभीर मामले के आरोपी से हाथ मिलाकर केस को कमजोर करने की कोशिश की। वर्दी पर लगा ‘सांठगांठ’ का दाग पूरा मामला कबीर नगर थाने में दर्ज दुष्कर्म और पाॅक्सो एक्ट (अपराध क्रमांक 13/26) से जुड़ा है। इस केस की जांच की जिम्मेदारी महिला प्रधान आरक्षक चंद्रकला साहू (नंबर 1507) के पास थी। जांच के दौरान यह शिकायत सामने आई कि चंद्रकला ने आरोपी पक्ष से मेल-जोल बढ़ाया और केस को रफा-दफा करने या कमजोर करने के लिए अनुचित लाभ की अपेक्षा की। पीड़िता पर बनाया बयान बदलने का दबाव मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि विवेचक (Investigator) होने के नाते न्याय दिलाने के बजाय, प्रधान आरक्षक पर ही पीड़िता को डराने-धमकाने का आरोप लगा है। सूत्रों के मुताबिक: आरोपी को लाभ पहुँचाने के लिए पीड़िता पर बयान बदलने का दबाव बनाया गया। आरोपी पक्ष से केस कमजोर करने के एवज में रुपयों के लेन-देन की शिकायत भी सामने आई। डीसीपी का कड़ा एक्शन जैसे ही इस गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार की शिकायत पश्चिम डीसीपी संदीप पटेल तक पहुँची, उन्होंने बिना देरी किए सख्त रुख अपनाया। डीसीपी द्वारा जारी आदेश में महिला प्रधान आरक्षक के आचरण को “स्वेच्छाचारिता और संदिग्ध” मानते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान उन्हें रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) रायपुर भेज दिया गया है। आदेश का मुख्य अंश: “प्रकरण की विवेचना में विवेचक द्वारा संदिग्ध आचरण प्रदर्शित किए जाने के फलस्वरूप तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।”

राज्य पुलिस सेवा में बड़ा बदलाव — छत्तीसगढ़ पुलिस में 16 अधिकारियों के तबादले आदेश जारी

  रायपुर — छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए राज्य पुलिस सेवा (SPS) के 16 अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल के तहत कई जिलों के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) रैंक के अधिकारियों को नई ज़िम्मेदारियाँ दी गई हैं।   गृह (पुलिस) विभाग ने राज्य पुलिस सेवा के 16 SPS अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया है। इन अधिकारियों के रोटेशन से कई जिलों में एएसपी स्तर पर बदलाव हुआ है। आदेश पुलिस मुख्यालय, रायपुर से जारी किया गया है।  

रायपुर में ‘विजिबल पुलिसिंग’ का शंखनाद: आधा दर्जन इलाकों में आधी रात तक पैदल पेट्रोलिंग, नशीले पदार्थ जब्त

    रायपुर। राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद कानून-व्यवस्था को और अधिक अभेद्य बनाने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस कमिश्नरेट (मध्य जोन) में अपराधों पर लगाम कसने और असामाजिक तत्वों में खौफ पैदा करने के उद्देश्य से एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल के नेतृत्व में एक व्यापक ‘सघन चेकिंग एवं पैदल पेट्रोलिंग अभियान’ चलाया गया। इन संवेदनशील इलाकों में दबिश पुलिस की भारी भरकम टीम ने शहर के उन हिस्सों को खंगाला जहां अपराधियों और नशेबाजों के पनपने की शिकायतें मिल रही थीं। इस विशेष अभियान में निम्नलिखित क्षेत्र शामिल रहे: देवार पारा एवं तेलीबांधा BSUP कॉलोनी मरीन ड्राइव (तेलीबांधा तालाब) श्याम नगर और सिविल लाइन क्षेत्र बड़ी मात्रा में नशीली सामग्री और संदिग्ध वाहन जब्त चेकिंग के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। संदिग्ध अड्डों से अवैध मादक पदार्थ (गांजा), शराब की बोतलें और भारी मात्रा में नशीली सामग्री बरामद की गई। इसके अलावा: अड्डेबाजों पर कार्रवाई: सार्वजनिक स्थानों पर जमावड़ा लगाने वाले संदिग्धों की सघन तलाशी ली गई। यातायात उल्लंघन: बिना नंबर प्लेट के दौड़ रहे वाहनों को तत्काल जब्त कर थाने भेजा गया। अतिक्रमण पर सख्ती: सड़क किनारे यातायात बाधित करने वाले दुकानदारों को चेतावनी दी गई और दुकानों के बाहर पसरा सामान हटवाया गया। कमिश्नरेट प्रणाली का असर: 35 अधिकारियों की संयुक्त टीम यह अभियान न केवल अपराधियों को पकड़ने के लिए था, बल्कि आम जनता में सुरक्षा की भावना जगाने के लिए भी था। एसीपी सिविल लाइन रमाकांत साहू, तेलीबांधा व सिविल लाइन थाना प्रभारियों सहित करीब 35 जवानों और अधिकारियों ने गलियों में पैदल मार्च कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। शराब भट्टियों के पास चाकूबाजी जैसी वारदातों को रोकने के लिए विशेष निगरानी दल तैनात किए गए हैं। अभियान के मुख्य उद्देश्य: “हमारा लक्ष्य विजिबल पुलिसिंग के जरिए कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। अपराधियों और नशा करने वालों के विरुद्ध यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी ताकि आम नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें।” — पुलिस प्रशासन, मध्य जोन रायपुर

राजधानी में पुलिस का विशेष अभियान: 9 थाना क्षेत्रों के बदमाशों की हुई ‘हाजिरी’, 39 अपराधी सीधे कोर्ट में पेश

  पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर रायपुर पश्चिम क्षेत्र में बदमाशों पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। एडिशनल डीसीपी राहुल देव शर्मा और डीसीपी संदीप कुमार पटेल की मौजूदगी में अमानाका से लेकर टिकरापारा तक के अपराधियों का ‘हिस्ट्रीशीट’ खंगाला गया। कार्रवाई केवल चेतावनी तक सीमित नहीं रही, बल्कि 39 आदतन अपराधियों के खिलाफ तत्काल प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया।

महासमुंद में बैरियर तोड़कर भागे गांजा तस्कर रायपुर में दबोचे गए, डायल 112 को मारी टक्कर

✍️ भागीरथी यादव     रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने नशे के कारोबार पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र से गांजा तस्करी कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी महासमुंद में बैरियर तोड़कर फरार हुए थे और रायपुर में पुलिस से बचने के लिए डायल 112 की गाड़ी को टक्कर मारकर भागने की कोशिश की, लेकिन विधानसभा पुलिस की मुस्तैदी से दोनों को धर दबोचा गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार महासमुंद पुलिस ने विधानसभा थाना पुलिस को सूचना दी थी कि एक सफेद रंग की किया कार (क्रमांक MH 46 CV 2841) संदिग्ध सामान के साथ रायपुर की ओर तेज़ी से बढ़ रही है। इस दौरान कार सवार आरोपियों ने महासमुंद में पुलिस बैरियर को तोड़ दिया था। सूचना मिलते ही विधानसभा थाना में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक प्रफुल्ल परीक्षा के नेतृत्व में टीम ने रिंग रोड नंबर 3 पर घेराबंदी की। जैसे ही कार को रोका गया, आरोपियों ने तेज़ रफ्तार में गाड़ी भगाते हुए डायल 112 की पुलिस वाहन को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार की रफ्तार धीमी हुई और पुलिस ने चारों ओर से घेरकर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम राकेश गुप्ता (निवासी ठाणे जिला) और अमित सिंह (निवासी रायगढ़, महाराष्ट्र) बताए। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनकी गाड़ी से 35 किलो से अधिक गांजा बरामद किया। पुलिस की पुष्टि विधानसभा सीएसपी वीरेंद्र चतुर्वेदी ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों आरोपी गांजा तस्करी में शामिल थे। उन्होंने कहा कि गांजा कहां से लाया गया और कहां ले जाया जा रहा था, इस संबंध में पुलिस की टीम गहन जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। 👉 पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर गांधी चौक में सांसद प्रतिनिधि राम पंजवानी ने फहराया तिरंगा

तिल्दा नेवरा। नगर के ऐतिहासिक गांधी चौक में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर गरिमामय ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। रायपुर लोकसभा के सांसद प्रतिनिधि राम पंजवानी ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान के साथ उपस्थित नागरिकों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। ध्वजारोहण के पश्चात सांसद प्रतिनिधि राम पंजवानी ने “गणतंत्र दिवस अमर रहे”, “भारत माता की जय” एवं “वंदे मातरम्” के नारों के साथ पूरे गांधी चौक को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। उपस्थित नागरिकों, बच्चों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी उत्साहपूर्वक नारों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के दौरान तिरंगे के सम्मान में परेड का आयोजन किया गया तथा बच्चों द्वारा संक्षिप्त सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। बड़ी संख्या में नगरवासियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। गणतंत्र दिवस का यह आयोजन हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी उल्लास, अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ संपन्न हुआ।

अन्य खबरे

होटल की छत पर चल रहा था हुक्का बार, चकरभाठा पुलिस की रेड में संचालक गिरफ्तार
जादू-टोना के शक में महिला की बेरहमी से हत्या, पति समेत 4 आरोपी गिरफ्तार
बालोद जिला-सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल से मिली सूचना; कोर्ट परिसर खाली कराया गया
कोरबा अग्रसेन चौक ओवरब्रिज पर स्कॉर्पियो में भीषण आग, देखें VIDEO – मची अफरा-तफरी
अयोध्यापुरी के पार्षद व एमआईसी सदस्य बंटी सरोज शांडिल भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला मंत्री नियुक्त
भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा में डेनियल मंगेशकर जिला उपाध्यक्ष नियुक्त, कार्यकर्ताओं में उत्साह