दीदारगंज में जुआ विवाद से उपजी गोलीबारी, तीन युवक घायल – पुलिस ने शुरू की जांच

✍️ भागीरथी यादव   पटना। दीदारगंज थाना क्षेत्र के ज्ञानचक गांव में बुधवार रात जुआ खेलने को लेकर हुए पुराने विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। नशे में धुत कुछ युवकों ने पिस्टल से अंधाधुंध गोलीबारी कर दी, जिसमें तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।   घायलों की पहचान विकास कुमार (21 वर्ष) पिता जगन्नाथ सिंह, साहिल कुमार (20 वर्ष) पिता संजय कुमार और अंकित कुमार (20 वर्ष) पिता किशोरी सिंह के रूप में हुई है। गोलीबारी में विकास और अंकित को पैर में, जबकि साहिल को सीने में गोली लगी। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।   गोली चलने की आवाज से गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण घरों से निकलकर बाहर आए और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची दीदारगंज पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू की और घटनास्थल से खोखा बरामद किया है।   थानाध्यक्ष रणवीर कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला पुरानी रंजिश और जुआ विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा, “घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हर पहलू पर गंभीरता से जांच चल रही है।”   ग्रामीणों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच दीपावली के दौरान जुआ खेलने को लेकर विवाद हुआ था। दो दिन पहले भी कहासुनी के बाद अंकित के भाई दीपक की पिटाई की गई थी, जिसका इलाज स्थानीय नर्सिंग होम में हुआ था। उसी रंजिश के चलते बुधवार की रात यह हमला किया गया।   पुलिस ने घटनास्थल के आसपास अभियुक्तों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। गांव में तनाव का माहौल है, जिसके चलते अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

विरार में देह व्यापार का भंडाफोड़, दो महिला दलाल गिरफ्तार — दो पीड़ित युवतियों को पुलिस ने कराया मुक्त

✍️ भागीरथी यादव   वसई-विरार। मीरा भायंदर-वसई विरार पुलिस आयुक्तालय की महिला अत्याचार प्रतिबंधक एवं विशेष बाल संरक्षण शाखा ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विरार पश्चिम में चल रहे देह व्यापार के गोरखधंधे का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से दो महिला दलालों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो पीड़ित युवतियों को उनके चंगुल से मुक्त कराया गया है।   यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शीतल मुंढे के नेतृत्व में की गई। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि विरार पश्चिम स्थित ओल्ड विवा कॉलेज, चेरिस बिल्डिंग नंबर 12 (ग्राउंड फ्लोर) में दो महिला दलाल ग्राहकों को लड़कियों की फोटो भेजकर देह व्यापार का नेटवर्क चला रही हैं। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस ने एक फर्जी ग्राहक भेजकर जाल बिछाया और मौके पर छापेमारी की, जिसमें दोनों महिला दलाल रंगे हाथों पकड़ी गईं।   प्राथमिक जांच में पता चला है कि ये महिलाएं पिछले आठ महीनों से इस धंधे में सक्रिय थीं और अपने कमरे से ही ग्राहकों से संपर्क करती थीं। फिलहाल मामले की जांच बोलींज पुलिस को सौंपी गई है, जो यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपित महिलाओं ने कितनी और युवतियों को इस अवैध गतिविधि में शामिल किया और क्या इस नेटवर्क में अन्य सहयोगी भी हैं।   पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं दोनों पीड़ित युवतियों को महिला सुधारगृह भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।   👉 पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और मानव तस्करी के हर रूप को जड़ से खत्म करने का अभियान निरंतर चलेगा।

लखनऊ में विशेष न्यायाधीश की कार पर हमला, परिवार संग मौजूद थे जज — राजधानी की कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

  ✍️ भागीरथी यादव   लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक बड़ी वारदात सामने आई है। सीतापुर में तैनात विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) मोहम्मद सफीक की कार पर अज्ञात युवकों ने टेढ़ी पुलिया चौराहे पर हमला कर दिया, उस समय जज साहब अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कार में मौजूद थे।   हमलावरों ने पहले गाली-गलौज की, फिर कार के शीशे और बोनट पर जोरदार हमला किया और जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के दौरान परिवार के सदस्यों में दहशत फैल गई और किसी तरह वे वहां से जान बचाकर निकले।   घटना 8 नवंबर की रात करीब 11:15 बजे की बताई जा रही है। जज की पत्नी सिद्दीका ताहिरा के अनुसार, वे अपने पति और बेटों के साथ इंदिरा नगर स्थित घर लौट रही थीं। रास्ते में तबीयत बिगड़ने पर जब वे मर्सी हॉस्पिटल, टेढ़ी पुलिया के पास रुके, तो कुछ देर बाद उनकी कार के सामने एक स्विफ्ट डिज़ायर और काली स्कॉर्पियो आकर रुकीं। दोनों गाड़ियों में हल्की टक्कर होने के बाद स्कॉर्पियो सवार दो युवक उतरे और बिना किसी वजह के जज के परिवार पर हमला बोल दिया।   पीड़िता ने बताया कि हमलावरों ने कार का बायां शीशा तोड़ दिया, गालियां दीं और बाहर निकलने पर धमकी भरे लहजे में अभद्रता की। डर के मारे उन्होंने बेटे से कार मोड़ने को कहा और किसी तरह वहां से निकल गईं।   घटना के बाद ताहिरा कुछ दिनों के लिए प्रतापगढ़ चली गईं। 10 नवंबर को लौटकर उन्होंने विकास नगर थाने में लिखित तहरीर दी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की जा सके।   पीड़िता ने कहा — “यह सिर्फ हमारे परिवार पर हमला नहीं, बल्कि राजधानी में कानून व्यवस्था पर गहरा सवाल है। अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है।”   👉 पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फुटेज के आधार पर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

बाढ़ में शराब माफियाओं का तांडव: मद्य निषेध विभाग की टीम पर हमला, दो आरोपी छुड़ाए – चार जवान घायल, कई वाहन तोड़े

✍️ भागीरथी यादव   पटना/बाढ़, 13 नवंबर 2025। राजधानी पटना से सटे बाढ़ के अथमलगोला थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात मद्य निषेध विभाग की टीम पर असामाजिक तत्वों ने हमला कर दिया। गंजपर गांव के पास हुई इस घटना में भीड़ ने न केवल पुलिस पर ईंट-पत्थर और डंडों से हमला किया, बल्कि दो गिरफ्तार शराबियों को छुड़ाकर फरार हो गई।   इस हमले में तीन महिला सिपाहियों सहित चार जवान घायल हो गए, जबकि चार सरकारी वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। बताया जा रहा है कि मद्य निषेध विभाग की टीम सहायक अवर निरीक्षक पिंकी कुमारी के नेतृत्व में छह वाहनों के काफिले के साथ रात्रि गश्त पर निकली थी। इसी दौरान गंजपर गांव के पास सड़क किनारे कुछ युवक शराब के नशे में हंगामा कर रहे थे।   जैसे ही पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा और ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच शुरू की, वहां मौजूद भीड़ ने अचानक हमला कर दिया। भीड़ ने पुलिसकर्मियों की पिटाई कर पकड़े गए दोनों शराबियों को छुड़ा लिया और ब्रेथ एनालाइजर मशीन छीन ली।   घटना की सूचना मिलते ही अथमलगोला थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह अतिरिक्त बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया। घायल जवानों निधि प्रिया, निगम कुमारी, कविता कुमारी और सतेंद्र पासवान को उपचार के लिए अथमलगोला पीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई।   मद्य निषेध विभाग के इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि घटना के संबंध में 14 नामजद और 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने एक आरोपी सुखदेव राय को गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।   उन्होंने कहा कि यह हमला कानून के खिलाफ साजिश है और अवैध शराब के कारोबार पर सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

बिहार चुनाव 2025: मतदान खत्म, अब 14 नवंबर को होगा सत्ता का फैसला – हवाई प्रचार पर खर्च हुए 72 करोड़ रुपये

✍️ भागीरथी यादव   पटना, 13 नवंबर 2025। बिहार विधानसभा चुनाव का शोर अब थम चुका है। दो चरणों में मतदान पूरा हो गया है और अब पूरा बिहार 14 नवंबर को होने वाली मतगणना का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। इसी दिन तय होगा कि सत्ता की कुर्सी पर कौन बैठेगा — एनडीए या महागठबंधन।   चुनाव आयोग ने इस बार का चुनाव कार्यक्रम 6 अक्तूबर को घोषित किया था। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को संपन्न हुआ। 9 नवंबर को चुनाव प्रचार का शोर थमने के साथ ही राज्य की सियासत अब पूरी तरह “मौन” मोड में है।     —   🗳️ चुनाव प्रचार में उड़ा आसमान, हेली प्रचार पर 72 करोड़ का खर्च   इस बार का बिहार चुनाव न केवल ज़मीन पर, बल्कि आसमान में भी लड़ा गया। रिपोर्टों के मुताबिक राजनीतिक दलों ने हेलीकॉप्टर और चौपर से प्रचार करने में 72 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। 16 अक्टूबर के बाद से पटना एयरपोर्ट पर उड़ानों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई। प्रचार के चरम पर प्रतिदिन औसतन 25 हेलीकॉप्टर आसमान में उड़ते रहे।   अब तक 600 से अधिक हेलीकॉप्टर और 40 चौपर उड़ान भर चुके हैं, जबकि लैंडिंग और डिपार्चर मिलाकर करीब 1,200 से अधिक हवाई मूवमेंट दर्ज किए गए।     —   💸 प्रति हेलीकॉप्टर रोजाना 12 लाख रुपये का खर्च   जानकारी के अनुसार, एक हेलीकॉप्टर पर प्रतिदिन जीएसटी समेत करीब 12 लाख रुपये खर्च हुए। प्रत्येक हेलीकॉप्टर ने रोजाना औसतन 4 से 5 घंटे उड़ान भरी। कुल मिलाकर 3,000 घंटे से अधिक की हवाई उड़ानें बिहार की सियासी फिज़ा में गूंजती रहीं।   राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बार के चुनाव में हेलीकॉप्टर प्रचार ने बिहार की राजनीति को नया आयाम दिया है। हालांकि, 14 नवंबर को नतीजे आने के बाद ही तय होगा कि इस भारी भरकम खर्च और हवाई रणनीति का फायदा आखिर किसके पाले में गया।  

अमरावती में शादी समारोह में खौफनाक हमला: मंच पर दूल्हे पर चाकू से वार, ड्रोन कैमरे में कैद हुई पूरी वारदात

✍️ भागीरथी यादव   अमरावती, महाराष्ट्र के अमरावती जिले के बडनेरा इलाके में मंगलवार रात एक शादी समारोह उस समय दहशत में बदल गया जब मंच पर ही दूल्हे पर चाकू से हमला कर दिया गया। यह सनसनीखेज वारदात साहिल लॉन में हुई, जहां शादी के दौरान चल रहे जश्न के बीच अचानक चीख-पुकार मच गई।   जानकारी के अनुसार, फिर्यादी सुजल राम समुद्रे (22) की शादी समारोह में आरोपी राघव जितेंद्र बक्शी मंच के पास पहुंचा और लोहे के चाकू से दूल्हे पर हमला कर दिया। घटना इतनी अचानक हुई कि लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। दूल्हे के घायल होते ही समारोह में भगदड़ मच गई।   सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि यह पूरी घटना ड्रोन कैमरे में कैद हो गई, जो शादी की वीडियोग्राफी कर रहा था। बताया जा रहा है कि घटना के तुरंत बाद ड्रोन ऑपरेटर ने आरोपी का पीछा भी किया, जिससे पुलिस को आरोपी की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने में मदद मिली।   घायल दूल्हे को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।   घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुरानी रंजिश इस हमले की वजह हो सकती है, हालांकि जांच जारी है।

निठारी कांड: सुप्रीम कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को आखिरी केस में भी बरी किया, दोषपूर्ण जांच पर जताई नाराज़गी — कहा, “पीड़ित परिवारों का दुख माप से परे”

    ✍️ भागीरथी यादव नई दिल्ली// देश को झकझोर देने वाले निठारी कांड में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली को अंतिम दर्ज एफआईआर में भी बरी कर दिया। इसके साथ ही कोली अब निठारी कांड से जुड़े सभी मामलों में बरी हो गया है।   अदालत ने कहा कि निठारी में हुए अपराध जघन्य थे, लेकिन अभियोजन पक्ष ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने में असफल रहा। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल आरोपी के कथित कबूलनामे के आधार पर दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता।   कबूलनामे को अदालत ने ठुकराया कोर्ट ने कोली के कबूलनामे को अविश्वसनीय मानते हुए कहा कि वह 60 दिनों से अधिक समय तक पुलिस हिरासत में रहा और उसे कानूनी सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई। ऐसे में उसका बयान स्वतंत्र या स्वैच्छिक नहीं माना जा सकता। अदालत ने टिप्पणी की — “कबूलनामा तभी मान्य होता है जब वह बिना दबाव और भय के दिया गया हो।”   दोषपूर्ण जांच पर कड़ी टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पुलिस जांच में गंभीर खामियां और रिकॉर्ड संबंधी कमियां थीं, जिससे न्याय की प्रक्रिया प्रभावित हुई। कोर्ट ने कहा — “इतने संवेदनशील और भयावह अपराध में जांच निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से होनी चाहिए थी, परंतु ऐसा नहीं हुआ।”   पीड़ित परिवारों का दर्द अदालत ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा — “निठारी में हुए अपराध अमानवीय थे और पीड़ित परिवारों का दुख माप से परे है। यह गहरे अफसोस की बात है कि दो दशक बाद भी उन्हें न्याय का संतोष नहीं मिल सका।”   पृष्ठभूमि 2005-06 में नोएडा के निठारी गांव में दर्जनों बच्चों के लापता होने और उनके मानव अवशेष मिलने से यह मामला सामने आया था। उस समय देशभर में इस कांड ने सनसनी फैला दी थी।   सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के साथ ही, निठारी कांड के सभी मामलों में सुरेंद्र कोली को कानूनी रूप से बरी कर दिया गया है। अदालत ने कहा कि “न्याय का तकाज़ा केवल सजा देना नहीं, बल्कि निष्पक्ष और प्रमाणिक जांच सुनिश्चित करना भी है।”  

प्रतापगढ़ में सनसनीखेज वारदात: इंस्टाग्राम पर गर्लफ्रेंड से चैट करना पड़ा भारी, दोस्त ने की युवक की हत्या

  ✍️ भागीरथी यादव   प्रतापगढ़। यूपी के प्रतापगढ़ जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग युवक ने अपनी गर्लफ्रेंड से इंस्टाग्राम पर बात करने के विवाद में अपने दोस्त की हत्या कर दी।   घटना फतनपुर थाना क्षेत्र के नारायणपुर कला गांव की है। छह नवंबर की रात शुभम गौतम नामक युवक निमंत्रण से लौटते समय रहस्यमय तरीके से लापता हो गया था। अगले दिन उसका शव धान के खेत में मिला। पोस्टमार्टम में गला और मुंह दबाकर हत्या की पुष्टि हुई।   पुलिस ने जब कॉल डिटेल खंगाली, तो खुलासा हुआ कि शुभम की आखिरी बातचीत उसके नाबालिग दोस्त से हुई थी। पूछताछ में नाबालिग ने कबूल किया कि शुभम उसकी गर्लफ्रेंड से इंस्टाग्राम पर चैट करने लगा था, जिससे वह नाराज था। इसी बात को लेकर उसने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर शुभम को रास्ते से हटाने की साजिश रची।   निमंत्रण से लौटते समय चारों ने शुभम को रोककर दुपट्टे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव को धान के खेत में फेंक दिया। पुलिस ने नाबालिग को बाल सुधार गृह और तीनों आरोपियों — सुंदरलाल पटेल, पंकज पटेल और देवा सिंह पटेल — को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।   मौके से शुभम का टूटा मोबाइल, चेन, स्कूल आईडी और हत्या में प्रयुक्त दुपट्टा बरामद किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने इसे “सोशल मीडिया के दुरुपयोग से उपजा जघन्य अपराध” बताया है और युवाओं से जिम्मेदारीपूर्वक सोशल मीडिया उपयोग की अपील की है।

विजय हजारे ट्रॉफी में खेलेंगे रोहित शर्मा, कोहली की उपलब्धता पर सस्पेंस बरकरार

✍️ भागीरथी यादव   नई दिल्ली। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) को सूचित कर दिया है कि वह आगामी विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने के लिए उपलब्ध रहेंगे।   वहीं, विराट कोहली ने अभी तक घरेलू एकदिवसीय टूर्नामेंट के लिए अपनी उपलब्धता को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।   बीसीसीआई की ओर से सीनियर खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेने की सलाह दी गई है, ताकि वे मैच प्रैक्टिस बनाए रखें। अब देखना यह होगा कि कोहली भी इस दिशा में बोर्ड की अपेक्षा पूरी करते हैं या नहीं।

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पर कड़ा प्रहार: कुलगाम और शोपियां में बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान

✍️ भागीरथी यादव   जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवाद और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को कुलगाम और शोपियां जिलों में पुलिस ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य पाकिस्तान से संचालित नेटवर्क, संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) और राष्ट्र-विरोधी तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगाना है।   कुलगाम में कार्रवाई: पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (JeI) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिलेभर में 200 से अधिक ठिकानों पर छापे मारे। घरों की तलाशी ली गई और कई संदिग्ध स्थानों की निगरानी बढ़ा दी गई है।   शोपियां में सख्ती: यहां भी पुलिस ने जमात-ए-इस्लामी से जुड़े लोगों और OGWs को निशाना बनाते हुए व्यापक तलाशी अभियान चलाया। साथ ही पूरे जिले में वाहनों की सघन चेकिंग की गई। नियम उल्लंघन और स्वामित्व हस्तांतरण न करने पर सैकड़ों वाहनों के चालान किए गए।   पूरे कश्मीर में कार्रवाई का विस्तार: हाल ही में रामबन और बांदीपोरा जिलों में भी सुरक्षाबलों ने आतंकवादी नेटवर्क को तोड़ने के लिए संयुक्त अभियान चलाया। बांदीपोरा पुलिस ने पाकिस्तान और पीओके से जुड़े तत्वों पर कार्रवाई करते हुए सिम कार्ड विक्रेताओं का सत्यापन शुरू किया, ताकि मोबाइल नेटवर्क का दुरुपयोग रोका जा सके। वहीं, रामबन में पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों ने आतंकियों के सहयोगियों और परिजनों के घरों की तलाशी ली।   सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह अभियान आतंकवाद की जड़ों को समाप्त करने और जम्मू-कश्मीर में शांति एवं स्थिरता कायम रखने के उद्देश्य से लगातार जारी रहेगा।

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