🎭 प्रसिद्ध हास्य अभिनेता असरानी का 84 वर्ष की उम्र में निधन, सिनेमा जगत में शोक
✍️ भागीरथी यादव मुंबई। भारतीय सिनेमा के दिग्गज हास्य अभिनेता गोवर्धन असरानी का सोमवार शाम निधन हो गया। वे 84 वर्ष के थे। पिछले कुछ दिनों से वे अस्वस्थ थे और जुहू स्थित आरोग्य निधि अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। सोमवार शाम उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार मुंबई के सांताक्रूज़ श्मशान घाट में किया गया, जहां परिवार और करीबी मित्र उपस्थित रहे। असरानी ने अपने पाँच दशक लंबे फिल्मी करियर में 350 से अधिक फिल्मों में काम किया। 1960 के दशक में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई), पुणे से अभिनय की शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा। प्रारंभ में गंभीर भूमिकाओं से शुरुआत करने वाले असरानी की हास्य प्रतिभा जल्द ही दर्शकों के दिलों में बस गई। 1970 और 1980 के दशक में वे हर बड़े फिल्म निर्माता की पसंद बने। ‘मेरे अपने’, ‘बावर्ची’, ‘परिचय’, ‘चुपके-चुपके’, ‘छोटी सी बात’ और ‘रफू चक्कर’ जैसी फिल्मों में उनके यादगार किरदार आज भी लोगों की स्मृतियों में ताज़ा हैं। फिल्म ‘शोले’ में निभाए गए उनके सनकी जेलर के किरदार ने उन्हें अमर बना दिया। आधुनिक दौर में भी असरानी ने ‘भूल भुलैया’, ‘धमाल’, ‘वेलकम’ और ‘ऑल द बेस्ट’ जैसी लोकप्रिय फिल्मों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। 1 जनवरी 1941 को जयपुर में जन्मे असरानी ने थिएटर से अभिनय की शुरुआत की थी। हिंदी के अलावा उन्होंने गुजराती और राजस्थानी सिनेमा में भी अपनी पहचान बनाई। वे निर्देशक के रूप में भी सक्रिय रहे और कई यादगार फिल्मों का निर्माण किया। सिनेमा जगत के लिए असरानी का निधन एक युग की समाप्ति माना जा रहा है। उनकी सहज हास्य शैली और जीवंत अभिनय ने पीढ़ियों तक दर्शकों को हँसाया और भावुक भी किया। 🎬 असरानी हमेशा रहेंगे – हर मुस्कान में, हर संवाद में। सिनेमा जगत उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता है। 🙏
बिहार विधानसभा चुनाव: मतदान के दिन सभी कर्मचारियों को मिलेगा सवेतन अवकाश
✍️ भागीरथी यादव पटना। भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव और देश के आठ विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है। साथ ही आयोग ने मतदान के दिन सभी कर्मचारियों को सवेतन अवकाश देने का आदेश जारी किया है। यह कदम मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने में सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। बिहार में पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को और दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को होगी। वहीं, आठ विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव भी 11 नवंबर को ही संपन्न होंगे। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135(बी) के तहत प्रत्येक कर्मचारी — चाहे वह किसी उद्योग, व्यवसाय या अन्य प्रतिष्ठान में कार्यरत हो — मतदान के दिन सवेतन अवकाश पाने का हकदार होगा। इस दौरान कर्मचारियों के वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी। नियम का उल्लंघन करने वाले नियोक्ताओं पर जुर्माना लगाया जा सकता है। यह प्रावधान दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिक कर्मचारियों पर भी लागू होगा। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जो कर्मचारी अपने मतदान क्षेत्र से बाहर अन्य स्थानों पर कार्यरत हैं, वे भी मतदान के दिन सवेतन अवकाश प्राप्त कर सकेंगे ताकि वे अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र में जाकर मतदान कर सकें। यह नियम सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक मतदाता को अपने मताधिकार का उपयोग करने का पूरा अवसर मिले। आयोग ने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को निर्देश दिया है कि वे इस नियम का सख्ती से पालन कराएं और सभी नियोक्ताओं तथा विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें। बिहार में इस घोषणा से कर्मचारियों और दैनिक मजदूरों में खुशी की लहर देखी जा रही है। आयोग ने नियोक्ताओं से अपील की है कि वे इस अवकाश का लाभ देने में पूरा सहयोग करें, ताकि लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत हों। यह कदम मतदान प्रतिशत बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 का आयोजन राजस्थान में, 5,000 से अधिक एथलीट होंगे शामिल
✍️ भागीरथी यादव जयपुर, राजस्थान: खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (केआईयूजी) का पांचवां संस्करण 24 नवंबर से 5 दिसंबर 2025 तक राजस्थान के सात शहरों – जयपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा और भरतपुर – में आयोजित होगा। प्रतियोगिता में 23 पदक विजेता खेल और एक प्रदर्शन खेल (खो-खो) शामिल होंगे। इस साल लगभग 5,000 एथलीटों के भाग लेने की उम्मीद है। केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि केआईयूजी भारत के खेल परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मंच है, जो युवा एथलीटों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को भी मजबूत किया जाएगा। इस संस्करण में पहली बार बीच वॉलीबॉल, कैनोइंग, कयाकिंग और साइकिलिंग को शामिल किया जा रहा है। पिछले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में चंडीगढ़ विश्वविद्यालय चैंपियन रहा था, जबकि लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे थे। खेलो इंडिया पहल के तहत अब तक देश में 20 संस्करण आयोजित किए जा चुके हैं, जिसमें यूथ गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स, विंटर गेम्स, पैरा गेम्स और बीच गेम्स शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ में 208 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, बस्तर में माओवादी गतिविधियों पर बड़ा प्रभाव
✍️ भागीरथी यादव जगदलपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित माड़ क्षेत्र में शुक्रवार को 208 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। यह कार्यक्रम बस्तर जिले के रिजर्व पुलिस लाइन्स में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा वर्चुअली शामिल हुए। पिछले तीन दिनों में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की संख्या 405 तक पहुंच गई है। गुरुवार को 170 और बुधवार को 27 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 110 महिलाएं और 98 पुरुष शामिल हैं, जिनमें कई उच्च पदों पर रहे माओवादी कमांडर भी शामिल हैं। मुख्य आत्मसमर्पणकर्ता रूपेश (सतीश उर्फ असन्ना) हैं, जो माओवादी सैन्य शाखा के खुफिया प्रमुख और विस्फोटक विशेषज्ञ थे। इस मौके पर उन्होंने 153 हथियार सुरक्षाबलों को सौंपे, जिनमें एके-47, एसएलआर, इंसास, कार्बाइन, बारह बोर और ग्रेनेड लॉन्चर शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय ने इसे बस्तर में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण मोड़ करार दिया और कहा कि इस क्षेत्र की असली ताकत आत्मनिर्भरता, शिक्षा और सम्मान में निहित है। उन्होंने बताया कि उत्तरी बस्तर और अबूझमाड़ को पूरी तरह से नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया गया है। बीजेपी सरकार के पिछले 22 महीनों में कुल 477 नक्सली मारे गए, 1,785 गिरफ्तार और 2,110 ने आत्मसमर्पण किया।
भारतीय डाक में बड़ा बदलाव: 24-48 घंटे में मेल और पार्सल डिलीवरी शुरू
✍️ भागीरथी यादव नई दिल्ली: केंद्रीय संचार और आईटी मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को घोषणा की कि भारतीय डाक अगले साल जनवरी से गारंटी आधारित डिलीवरी सेवाएं शुरू करेगा। इसके तहत मेल और पार्सल को 24 घंटे और 48 घंटे में डिलीवर किया जाएगा। सिंधिया ने बताया कि पार्सल की नेक्स्ट-डे डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी, जो वर्तमान में 3-5 दिन में होती है। यह कदम भारतीय डाक को तेज, भरोसेमंद और आधुनिक बनाने के लिए उठाया गया है। मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2029 तक भारतीय डाक को ‘लागत केंद्र’ से ‘लाभ केंद्र’ में बदलना है। इसके साथ ही ग्रामीण डाक सेवकों के लिए नए व्यवसायिक अवसर और वोकेशनल ट्रेनिंग भी उपलब्ध कराई जाएगी। सिंधिया ने ग्रामीण डाक सेवकों की सराहना करते हुए कहा, “हमारे ग्रामीण डाक सेवक भारत की पूंजी हैं। वे गाँव-गाँव जाकर विश्वास और प्रेम का संबंध स्थापित करते हैं।” इस नई पहल के बाद भारत पोस्ट की सेवाओं में तेज़ी आएगी और निजी कूरियर कंपनियों के साथ प्रभावी प्रतिस्पर्धा संभव होगी।
बिहार मतदाता सूची संशोधन पर सुप्रीम कोर्ट में आज फिर सुनवाई, चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती
✍️ भागीरथी यादव नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट आज उन याचिकाओं पर सुनवाई करेगा जिनमें चुनाव आयोग (ECI) द्वारा बिहार में मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया शुरू करने के फैसले को चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर जारी कारण सूची (Causelist) के अनुसार, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की द्विसदस्यीय पीठ इस मामले की सुनवाई 16 अक्टूबर को फिर से शुरू करेगी। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (BSLSA) को निर्देश दिया था कि वह जिलों की विधिक सेवा प्राधिकरणों (DLSA) के माध्यम से पैरालीगल वॉलंटियर्स और वकीलों की मदद सुनिश्चित करे ताकि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, वे अपील दाखिल कर सकें। अदालत ने यह भी कहा था कि डीएलएसए अपने वॉलंटियर्स के संपर्क नंबर सार्वजनिक करें, बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के साथ समन्वय बनाए रखें और यह सुनिश्चित करें कि हर पात्र नागरिक को अपने मतदान अधिकार के संबंध में पूरी जानकारी मिले। कोर्ट ने बीएसएलएसए से एक सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। पिछली सुनवाई में, चुनाव आयोग ने इन आरोपों से इनकार किया कि बिहार में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। आयोग की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा कि एडीआर (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स) की ओर से दाखिल हलफनामे गलत हैं। द्विवेदी ने बताया कि जिन लोगों ने दावा किया कि उनका नाम हटा दिया गया है, वे कभी भी ड्राफ्ट सूची में शामिल ही नहीं थे, क्योंकि उन्होंने आवश्यक पंजीकरण फार्म जमा नहीं किया था। आयोग ने कहा कि झूठे हलफनामे दाखिल करना झूठी गवाही (Perjury) की श्रेणी में आता है। इस पर अदालत ने अधिवक्ता प्रशांत भूषण पर नाराजगी जताते हुए कहा कि, > “व्यक्ति को सही जानकारी देनी चाहिए थी, यह ठीक नहीं है।” भूषण ने कहा कि उनके पास ऐसे 20 अन्य लोगों के हलफनामे हैं और सभी की जांच संभव नहीं है। इस पर कोर्ट ने टिप्पणी की, > “जब यह हलफनामा गलत निकला है, तो बाकी की प्रामाणिकता पर भी संदेह होता है।” अदालत ने कहा कि एडीआर की जिम्मेदारी है कि वह अपने दस्तावेजों की सटीकता की पुष्टि करे। इस बीच, चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। चुनाव दो चरणों में — 6 नवंबर और 11 नवंबर को होंगे, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्यानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बिहार चुनाव को “सभी चुनावों की जननी (Mother of All Elections)” कहा जा सकता है, क्योंकि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए व्यापक तैयारी की गई है। उन्होंने कहा, > “हम बिहार के मतदाताओं को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि यह चुनाव न केवल निष्पक्ष और पारदर्शी होगा, बल्कि अब तक का सबसे शांतिपूर्ण चुनाव भी होगा।” इस दौरान उनके साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी मौजूद थे।
दक्षिण सूडान में भीषण बाढ़ से तबाही, 8.9 लाख से अधिक लोग प्रभावित
✍️ भागीरथी यादव जुबा (एजेंसी)। दक्षिण सूडान में भारी बारिश और नील नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण भयंकर बाढ़ आई है। अब तक करीब 8.9 लाख लोग प्रभावित हुए हैं — यह संख्या तीन हफ्ते पहले की तुलना में दोगुनी है। — जोंगलेई और यूनिटी राज्य सबसे अधिक प्रभावित संयुक्त राष्ट्र महासचिव के उप-प्रवक्ता फरहान हक ने बताया कि देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है और नील नदी का पानी आसपास के इलाकों में भर चुका है। बाढ़ का सबसे ज़्यादा असर जोंगलेई और यूनिटी राज्यों में देखा जा रहा है, जहाँ हज़ारों लोग ऊँचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। — जीवन अस्त-व्यस्त, राहत कार्य में कठिनाई फरहान हक ने बताया कि बाढ़ ने लोगों के जीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। हज़ारों घरों में पानी भर गया है। फसलें नष्ट हो गई हैं। स्कूल, अस्पताल और सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि राहत कार्य कठिन हो गए हैं क्योंकि कई जगहों पर वाहन और ट्रक नहीं पहुँच पा रहे हैं। — संयुक्त राष्ट्र और एजेंसियाँ लगातार मदद में जुटीं संयुक्त राष्ट्र और अन्य राहत संस्थाएँ प्रभावित लोगों को लगातार मदद पहुँचा रही हैं। उन्हें खाद्य सामग्री, दवाइयाँ, नकद सहायता, तंबू, स्वच्छ पानी और शौचालय की सुविधाएँ दी जा रही हैं। इसके अलावा, सैंडबैग और अन्य सामग्री बाढ़ रोकने के लिए वितरित की जा रही है। — आने वाले दिनों में और बारिश की आशंका मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। इससे बाढ़ का खतरा अभी भी बरकरार है और स्थिति और बिगड़ सकती है। — राहत योजना को फंड की कमी से झटका समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, 13 अक्टूबर तक संयुक्त राष्ट्र की 2025 सहायता योजना का लक्ष्य 54 लाख लोगों तक मदद पहुँचाना है। इस योजना के लिए 1.7 अरब डॉलर की आवश्यकता है, लेकिन अभी तक पर्याप्त धनराशि नहीं मिली है, जिससे राहत कार्यों में देरी हो रही है। — 19 मौतें, 6.39 लाख लोग गंभीर रूप से प्रभावित अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है और 6,39,225 लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। देश के 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और 121 अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्र पानी में डूब चुके हैं। — हर साल बढ़ रहा बाढ़ का खतरा दक्षिण सूडान की भौगोलिक स्थिति बाढ़ के प्रति संवेदनशील है। देश का अधिकांश हिस्सा नीची और समतल भूमि पर बसा है। विक्टोरिया झील के जलस्तर में बढ़ोतरी से नदियों में पानी का स्तर भी बढ़ जाता है, जिससे हर साल बाढ़ की घटनाएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं। — भुखमरी और आजीविका पर संकट इस बाढ़ से खेती, पशुपालन और घरों को भारी नुकसान पहुँचा है। खाने-पीने की चीज़ों की कमी से भुखमरी का खतरा भी बढ़ गया है, जबकि लाखों लोग अब भी राहत शिविरों में फँसे हुए हैं।
एलायंस एयर ने शुरू की ऐतिहासिक पहल ‘फेयर से फुर्सत’, अब हवाई किराए का नहीं रहेगा तनाव
✍️ भागीरथी यादव नई दिल्ली। नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने भारत की सरकारी स्वामित्व वाली क्षेत्रीय एयरलाइन एलायंस एयर की ऐतिहासिक पहल ‘फेयर से फुर्सत’ का शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य यात्रियों को उतार-चढ़ाव वाले हवाई किरायों से राहत दिलाना और देश में हवाई यात्रा को और आसान बनाना है। इस पहल के तहत एलायंस एयर निश्चित किराये पर हवाई सुविधा प्रदान करेगी, जो बुकिंग की तिथि पर विचार किए बिना — यहाँ तक कि प्रस्थान के दिन भी स्थिर रहेगा। योजना को 13 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक चुनिंदा मार्गों पर प्रायोगिक रूप से लागू किया जाएगा, ताकि यात्रियों की प्रतिक्रिया और परिचालन व्यवहार्यता का मूल्यांकन किया जा सके। केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने कहा, “‘फेयर से फुर्सत’ योजना उड़ान योजना के मूल सिद्धांतों के अनुरूप है। आज एलायंस एयर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमानन को लोकतांत्रिक बनाने और इसे मध्यम व निम्न-मध्यम वर्ग के लिए किफायती बनाने के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहा है।” उन्होंने कहा कि यह प्रणाली हवाई किरायों की अनिश्चितता और तनाव को खत्म करेगी तथा यात्रियों को अंतिम समय की बुकिंग पर भी किफायती दरों की गारंटी देगी। मंत्री ने आगे कहा कि मंत्रालय विमानन क्षेत्र को और अधिक जन-केंद्रित बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। “प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, हमने हवाई अड्डों पर ₹10 में चाय, ₹20 में कॉफी और ₹20 में नाश्ता उपलब्ध कराने वाले उड़ान यात्री कैफ़े शुरू किए हैं। अब हम एक कदम और आगे बढ़कर यात्रियों की सबसे बड़ी चिंता — हवाई किराए — का समाधान कर रहे हैं,” उन्होंने जोड़ा। क्षेत्रीय संपर्क पर बल देते हुए मंत्री ने एलायंस एयर को सरकार की ‘उड़ान योजना’ की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा, “एलायंस एयर ने ‘एक मार्ग, एक किराया’ की अवधारणा के साथ साहसिक कदम उठाया है। यह वास्तव में ‘नए भारत की उड़ान’ है, जो मुनाफे से आगे बढ़कर सार्वजनिक सेवा पर केंद्रित है।” भारत का विमानन बाजार अब तक गतिशील मूल्य निर्धारण प्रणाली पर आधारित रहा है, जिसमें टिकट की कीमतें मांग, मौसम और प्रतिस्पर्धा के अनुसार बदलती रहती हैं। इससे अंतिम समय पर टिकट बुक करने वाले यात्रियों को अक्सर अधिक किराया देना पड़ता है। ‘फेयर से फुर्सत’ योजना इसी समस्या का समाधान प्रस्तुत करती है, जिससे मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता और स्थिरता आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से छोटे शहरों और पहली बार उड़ान भरने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विज़न को सशक्त बनाएगा, जिसके तहत हर भारतीय को “उड़े देश का आम नागरिक” के संकल्प के अनुरूप हवाई यात्रा का अवसर मिल सके।
भारतीय शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 227 अंक चढ़ा — बैंकिंग शेयरों ने संभाली बढ़त
✍️ भागीरथी यादव नई दिल्ली। शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला। सुबह 9:33 बजे सेंसेक्स 227 अंक (0.28%) बढ़कर 82,399 और निफ्टी 63 अंक (0.25%) बढ़कर 25,245 पर था। तेजी का नेतृत्व बैंकिंग शेयरों ने किया। निफ्टी बैंक 0.45% ऊपर रहा, जबकि ऑटो, पीएसयू बैंक, फार्मा, एफएमसीजी और रियल्टी सेक्टर भी मजबूती में रहे। विश्लेषकों के अनुसार, मध्य पूर्व में तनाव घटने और अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के संकेतों से बाजार में सकारात्मकता आई है। पावर ग्रिड, अदाणी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक और टाटा मोटर्स टॉप गेनर्स रहे, जबकि टाटा स्टील, टीसीएस, टेक महिंद्रा और सन फार्मा में गिरावट रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी बनी रही। जानकारों के मुताबिक, एफआईआई की लगातार खरीदारी और तेल नीति में संभावित बदलाव से बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
मतदान प्रक्रिया होगी और आसान: अब 12 अन्य पहचान पत्रों से भी डाल सकेंगे वोट
✍️ भागीरथी यादव नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब मतदाता सूची में नाम दर्ज होने की शर्त के साथ मतदाता अपने मतदाता पहचान पत्र (EPIC) के अलावा 12 अन्य फोटो पहचान दस्तावेजों में से किसी एक को दिखाकर भी वोट डाल सकेंगे। आयोग ने यह व्यवस्था एक अधिसूचना के जरिए लागू की है। चुनाव आयोग को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 के तहत मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने और ईपीआईसी जारी करने का अधिकार प्राप्त है। बिहार सहित आठ विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनावों के लिए लगभग सभी मतदाताओं को ईपीआईसी वितरित कर दिए गए हैं। आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया था कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के 15 दिनों के भीतर नए मतदाताओं को पहचान पत्र उपलब्ध कराए जाएं। हालांकि, कुछ मतदाताओं के पास ईपीआईसी उपलब्ध नहीं हो सकता, इसलिए उनकी सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। जिनका नाम मतदाता सूची में है, लेकिन ईपीआईसी नहीं है, ऐसे मतदाता निम्नलिखित में से किसी एक पहचान दस्तावेज के माध्यम से वोट डाल सकेंगे — 1. आधार कार्ड 2. मनरेगा जॉब कार्ड 3. बैंक या डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक 4. आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड 5. ड्राइविंग लाइसेंस 6. पैन कार्ड 7. एनपीआर स्मार्ट कार्ड 8. भारतीय पासपोर्ट 9. फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज 10. केंद्र या राज्य सरकार की फोटोयुक्त सेवा आईडी 11. सांसद या विधायक का आधिकारिक पहचान पत्र 12. दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य है। बिना नाम के कोई भी दस्तावेज मतदान के लिए मान्य नहीं होगा। वहीं, बुर्का पहनने वाली महिलाओं के लिए भी आयोग ने विशेष इंतजाम किए हैं। मतदान केंद्रों पर महिला अधिकारियों की मौजूदगी में उनकी पहचान सम्मानजनक और गोपनीय तरीके से सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वे निश्चिंत होकर मतदान कर सकें।
















