झारखंड के देवघर में 18 कांवड़ियों की मौत, निशिकांत दुबे ने दी जानकारी, गैस सिलेंडर ले जा रहे ट्रक से टकरा गई बस
सावन के महीने में करोड़ों की संख्या में शिवभक्त कांवड़ यात्रा में भाग लेते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में लोग झारखंड में स्थित ज्योतिर्लिंग वैद्यनाथ धाम भी पहुंचते हैं। हालांकि, कांवड़ यात्रा के दौरान झारखंड के देवघर से दुखी कर देने वाली खबर सामने आ रही है। मंगलवार को देवघर में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ जिसमें अब तक 18 कांवड़ियों की मौत की खबर सामने आ रही है। वहीं, कई अन्य लोग घायल भी बताए जा रहे हैं। कैसे हुआ हादसा? एक पुलिस अधिकारी ने बताया है कि कांवड़ियों को ले जा रही बस गैस सिलेंडर ले जा रहे एक ट्रक से टकरा गई। ये हादसा तड़के करीब 4:30 बजे मोहनपुर थाना क्षेत्र के जमुनिया जंगल के पास हुआ है।कांवड़ियों से भरी 32 सीट वाली बस और गैस सिलेंडर ले जा रहे एक ट्रक के बीच टक्कर हो गई। निशिकांत दुबे ने पुष्टि की इस हादसे को लेकर पहले दुमका जोन के महानिरीक्षक ने बताया था कि इस हादसे में कम से कम 5 कांवड़ियों की मौत हुई है। वहीं, यातायात पुलिस उपाधीक्षक लक्ष्मण प्रसाद ने कहा कि दुर्घटना में कम से कम नौ लोगों की मौत हुई है। अब भाजपा नेता और क्षेत्र के सांसद निशिकांत दुबे ने पुष्टि की है कि इस हादसे में 18 कांवड़ियों की मौत हो गई है। उन्होंने अपने X हैंडल पर लिखा- “मेरे लोकसभा के देवघर में श्रावण मास में कांवर यात्रा के दौरान बस और ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण 18 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। बाबा बैद्यनाथ जी उनके परिजनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।” हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका हादसे के बाद जिला प्रशासन की ओर से लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया है। घायलों को पास के अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचाया जा रहा है। हादसे मे कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं जिस कारण हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
पहलगाम के गुनहगारों का काम तमाम! कौन था मास्टरमाइंड मूसा और बाकी 2 आतंकी, जो हो गए ढेर
नई दिल्ली: संसद में एक तरफ ऑपरेशन सिंदूर पर महाबहस चल रही है, वहीं दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर में सेना ऑपरेशन महादेव के तहत पहलगाम हमले के मुख्य आतंकियों का काम तमाम कर रही है. सुरक्षाबलों ने अब तक तीन आतंकी मार गिराए हैं. इनमें पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा हाशिम मूसा उर्फ शाह सुलेमान, अबू हमज़ा और मोहम्मद यासिर शामिल हैं. आइए बताते हैं हाशिम मूसा कितना खतरनाक आतंकी था, जिसे सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया है. CG News : नेशनल हाइवे पर अज्ञात वाहन की टक्कर से 25 मवेशियों की मौत, गौ रक्षकों में भारी आक्रोश पाकिस्तानी सेना में ली थी कमांडो ट्रेनिंग सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हाशिम मूसा पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) में पैरा कमांडो के रूप में ट्रेनिंग ले चुका था. उसके बाद उसने लश्कर-ए-तैयबा में शामिल होकर आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देना शुरू किया. बताया जाता है कि उसने सितंबर 2023 में भारत में प्रवेश किया और फिर से दक्षिण कश्मीर में अपने आतंकवादी अभियान शुरू किए. गांदरबल में 7 नागरिकों की हत्या का भी आरोपी 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए खूनी हमले में 26 लोग मारे गए थे. सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में हाशिम मूसा की पहचान की थी. एजेंसियों के मुताबिक, वो कम से कम छह आतंकी घटनाओं में शामिल रहा है. मूसा हाईली ट्रेंड आतंकी था, जिसे जंगलों में रहने और मुश्किल हालात सर्वाइव करने में महारथ हासिल थी. हाशिम की अगुआई में इससे पहले अक्टूबर 2024 में हुए हमलों में गांदरबल में सात नागरिकों की हत्या और बारामूला में चार सुरक्षाकर्मियों की जान गई थी. एनडीटीवी ने पहलगाम हमले के बाद सबसे पहले लश्कर के कमांडर हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान के पूरे मॉड्यूल को लेकर बड़ा खुलासा किया था. दंतेवाड़ा में महिला से रेप के बाद हत्या, नग्न हालत में मिली लाश कितना खतरनाक था आतंकी हाशिम मूसा? हाशिम मूसा पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) में पैरा कमांडो की ट्रेनिंग ले चुका था. ट्रेनिंग के बाद उसने लश्कर-ए-तैयबा में शामिल होकर आतंकी वारदातों को अंजाम देना शुरू किया हाशिम मूसा को जंगलों में रहने और मुश्किल हालात सर्वाइव करने में महारथ हासिल थी. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उसके ऊपर 20 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. बताते हैं वह सितंबर 2023 में भारत में घुसा और दक्षिण कश्मीर में आतंकी अभियान शुरू किए. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, हाशिम कम से कम छह आतंकी घटनाओं में शामिल रहा है. अक्टूबर 2024 में गांदरबल में सात नागरिकों की हत्या भी उसी के ग्रुप ने की थी. मूसा की अगुआई में बारामूला में हुए हमले में चार सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी. मूसा पर 20 लाख का इनाम घोषित था पहलगाम आतंकी हमले के बाद हाशिम मूसा की तलाश के लिए दक्षिण कश्मीर के जंगलों में लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे थे.-जम्मू कश्मीर पुलिस ने उसके ऊपर 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था. सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन महादेव के तहत जिन अन्य आतंकवादियों को मार गिराया है, उनमें अबू हमज़ा और मोहम्मद यासिर शामिल हैं. सुरक्षाबलों को मुठभेड़ की जगह से भारी मात्रा में हथियार भी मिले हैं. इनमें अमेरिका में बनी कार्बाइन, एक AK-47 राइफल, 17 राइफल ग्रेनेड और अन्य हथियार शामिल हैं. सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि ये आतंकी फिर से किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे. ऑपरेशन अब भी जारी है. इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा
UPI यूजर्स ध्यान दें, 1 अगस्त से लागू हो रहे हैं नए नियम, अब बार-बार नहीं चेक कर पाएंगे बैलेंस, और भी बहुत कुछ
अगर आप UPI यूजर हैं और इसी से ज्यादातर लेनदेन करते हैं तो अलर्ट हो जाएं। 1 अगस्त 2025 से देश में UPI से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव होने जा रहा है। ऐसे में फोनपे, गूगल पे या पेटीएम जैसे ऐप्स से हर रोज पेमेंट करने वालों को ध्यान देने की जरूरत है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI, UPI को और तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए नए नियम ला रही है। बैलेंस चेक करने की लिमिट 1 अगस्त से यूजर्स एक दिन में अपने UPI ऐप से सिर्फ 50 बार बैलेंस चेक कर सकेंगे। बार-बार बैलेंस चेक करने से सर्वर पर दबाव पड़ता है, जिससे ट्रांजेक्शन धीमा हो जाता है। लिंक बैंक अकाउंट्स चेक करने की लिमिट अब सभी यूजर्स किसी एक एक ऐप पर अपने फोन नंबर से जुड़े बैंक खातों को दिन में मैक्सिमम 25 बार ही देख पाएंगे। पेमेंट का स्टेटस चेक करना यूजर किसी लेनदेन के मामले में पेमेंट का स्टेटस दिन में केवल 3 बार ही देख पाएंगे। इन 3 अटेंप्ट में हर बार कम से कम 90 सेकंड का गैप होना चाहिए। ऑटोपे ट्रांजेक्शन के मामले में विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर ऑटोपे (Autopay) ट्रांजेक्शन के लिए निश्चित समय-सीमा होगी। एक दिन में यह टाइमिंग सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर 1 से 5 बजे तक और रात 9:30 बजे के बाद होगी। ऑटोपे ट्रांजेक्शन का मतलब है किसी सब्सक्रिप्शन, एसआईपी, ईएमआई, बिल का अमाउंट अपने आप तय वक्त पर कट जाना। चार्जबैक यानी पेमेंट रिवर्सल की लिमिट तय की गई है। अब आप 30 दिन में 10 बार और किसी एक व्यक्ति या एंटिटी से 5 बार ही चार्जबैक मांग सकते हैं। ये बदलाव सभी UPI (Unified Payment Interface) यूजर्स के लिए हैं। लेकिन अगर आप बार-बार बैलेंस या स्टेटस चेक नहीं करते, तो आपके लिए कोई बड़ी परेशानी नहीं होगी। NPCI, UPI को आसान बनाने के लिए नए नियम ला रही है, ताकि अनावश्यक गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके। हाल के दिनों में, पेमेंट भेजने या हासिल करने में रुकावट और देरी से संबंधित शिकायतें बढ़ी हैं, खासकर अप्रैल और मई 2025 के बीच। NPCI का कहना है कि इसका बड़ा कारण यह है कि कई यूजर्स लगातार बैलेंस चेक करते हैं या किसी पेमेंट का स्टेटस बार-बार मिनटों तक जांचते रहते हैं। इससे सिस्टम पर ज्यादा लोड पड़ता है और लेनदेन की गति प्रभावित होती है।
ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में चर्चा शुरू, LIVE
दिल्ली : ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में चर्चा शुरू हो गयी है। इस विशेष चर्चा के लिए 16 घंटे का समय निर्धारित किया गया है और ऐसे में यह चर्चा तीन दिन तक चल सकती है। लोकसभा सचिवालय ने सोमवार के अपने एजेंडे में ‘पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत के सशक्त, सफल और निर्णायक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर एक विशेष चर्चा’ सूचीबद्ध की है। कहा जा रहा है कि चर्चा के दौरान विपक्ष अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता संबंधी दावों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बोलेंगे। खास बात है कि विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी उपस्थित रहें। AAP सांसद संजय सिंह ने पी चिदंबरम द्वारा यह कहे जाने पर ‘पहलगाम के आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे, इसका कोई सबूत नहीं है,’ पर कहा, “पी चिदंबरम क्या कह रहे हैं ये वही जानें। सरकार का बयान है कि वे पाकिस्तानी आतंकवादी थे और पाकिस्तान का भारत में आतंकवाद फैलाने का इतिहास रहा है… भारत में सभी आतंकवादी हमलों के पीछे पाकिस्तान का हाथ रहा है। मैं यह नहीं कह सकता कि चिदंबरम की जानकारी का स्रोत क्या है।
Russia Ukraine War: यूक्रेन ने किया पलटवार, रूस पर कर दी घातक ड्रोन स्ट्राइक; मचाई तबाही
Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है। जंग के बीच हाल के दिनों में रूस की ओर से यूक्रेन के कई शहरों पर घातक अटैक किए जा रहे थे। इस बीच रूस के हमलों पर यूक्रेन ने भी पलटवार किया है। यूक्रेन ने रूस पर घातक ड्रोन स्ट्राइक की है। यूक्रेनी ड्रोन ने रूस के स्टावरोपोल क्षेत्र में एक रेडियो और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध उपकरण संयंत्र पर हमला किया था। यूक्रेन के ड्रोन हमले में रूस को भारी नुकसान हुआ है। चाइना ओपन में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का सफर समाप्त, सेमीफाइनल में मिली हार यूक्रेन ने अहम ठिकाने को बनाया निशाना मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संयंत्र में रूस बड़े पैमने पर इलेक्ट्रॉनिक युद्ध उपकरणों का उत्पादन करता था। जिसमें रडार, रेडियो नेविगेशन उपकरण और रिमोट कंट्रोल रेडियो उपकरण शामिल हैं। इससे पहले इसी साल जून के महीने में यूक्रेन ने रूस के एयरबेस को निशाना बनाते हुए बड़ा ड्रोन हमला किया था। तब यूक्रेनी मीडिया ने दावा किया था कि दौरान रूस के 40 से ज्यादा विमानों को नष्ट कर दिया गया। यूक्रेन ने किए हमले इससे पहले दोनों देशों ने एक-दूसरे पर शुक्रवार रात भीषण हवाई हमले किए थे। इन हमलों में दोनों ओर दो-दो नागरिकों की मौत हो गई थी। इसके अलावा कई क्षेत्रों में संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा था। यूक्रेन ने रूस के रोस्तोव क्षेत्र में ड्रोन हमले किए थे जिसमें दो नागरिकों की मौत हो गई थी। यह क्षेत्र यूक्रेन सीमा के नजदीक है। स्टावरोपोल, मॉस्को, पेन्जा, ब्रांस्क, क्रीमिया, तुला, ओरलोव, और बेलगोरोद क्षेत्रों में भी ड्रोन हमले किए गए थे। रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया था कि उनके सुरक्षा बलों ने कुल 54 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए या निष्क्रिय कर दिए। सिंगर के घर में अचानक लगी मौतों की झड़ी, 2 साल में 3 लोगों ने कहा अलविदा, तीन दिन बाद ही बेटे की मौत ने हिला दी थी जिंदगी रूस ने किया अटैक रूस ने यूक्रेन के दक्षिणी निप्रो और उत्तर-पूर्वी सूमी क्षेत्रों में रॉकेट और ड्रोन से हमला किया था। यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव में भी शुक्रवार को रात भर बमबारी होती रही। खारकीव के मेयर इहोर तेरेखोव ने टेलीग्राम पर बताया था कि हमले में आवासीय इमारतें, स्थानीय व्यापारिक प्रतिष्ठान, सड़कें और संचार नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
साइंस, स्पोर्ट्स से लेकर टेक्सटाइल तक, जानें PM मोदी ने ‘मन की बात’ में क्या-क्या कहा?
Mann Ki Baat: पीएम मोदी आज ‘मन की बात’ के 124वें एपिसोड के जरिए लोगों से रूबरू हुए। पीएम मोदी इस मौके पर देश के सामने अपने विचार रखे। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, पिछले कुछ हफ्तों में खेल, विज्ञान या संस्कृति में ऐसा कुछ हुआ है, जिस पर हर भारतीय को गर्व है। हाल ही में शुभांशु शुक्ला की धरती पर वापसी की चर्चा हुई। पूरा देश गर्व से भर गया। अगस्त 2023 में जब चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग हुई, तब एक नया माहौल बना। विज्ञान को लेकर बच्चों में एक नई जिज्ञासा जगी। आपने इंस्पायर मानक अभियान का नाम सुना होगा। इसमें हर स्कूल से पांच बच्चे चुने जाते हैं। हर बच्चा एक नया idea लेकर आता है। इससे लाखों बच्चे जुड़ चुके हैं। चंद्रयान 3 की लांचिंग के बाद इसकी संख्या दोगुनी हो गई है। अगले महीने 23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे है। इसे मनाने के नए आइडिया मुझे जरूर भेजिएगा। 21वीं सदी के भारत में आज साइंस एक नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है। कुछ दिन पहले हमारे छात्रों ने इंटरनेशनल केमेस्ट्री ओलंपियाड में मेडल जीते हैं। देवेश पंकज, संदीप कुची, देबदत्त प्रियदर्शी और उज्ज्वल केसरी, इन चारों ने भारत का नाम रोशन किया। मैथ्स की दुनिया में भी भारत ने अपनी पहचान को और मजबूत किया है। ऑस्ट्रेलिया में हुए इंटरनेशल मैथेमेटिक्स ओलंपियाड में हमारे छात्रों ने 3 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया है। भारत अब ओलंपिक और ओलंपियाड में आगे बढ़ रहा है। यूनेस्कों ने 12 किलों को दी वर्ल्ड हेरिटेज साइट की मान्यता यूनेस्को ने 12 किलों को वर्ल्ड हेरिटेज साइट की मान्यता दी है। ये सभी किले ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़े हैं। देश के और हिस्सों में भी ऐसे ही अद्भुत किले हैं, जिन्होंने आक्रमण झेले, खराब मौसम की मार झेली, लेकिन आत्मसम्मान को कभी भी झुकने नहीं दिया। राजस्थान का चित्तौड़गढ़ का किला, कुंभलगढ़ किला, रणथंभौर किला, आमेर किला, जैसलमेर का किला तो विश्व प्रसिद्ध है। कर्नाटका में गुलबर्गा का किला भी बहुत बड़ा है। चित्रदुर्ग के किले की विशालता भी आपको कौतूहल से भर देगी कि उस जमाने में ये किला बना कैसे होगा! उत्तर प्रदेश के बांदा में है, कालिंजर किला। महमूद गजनवी ने कई बार इस किले पर हमला किया और हर बार असफल रहा। बुन्देलखंड में ऐसे कई किले हैं, ग्वालियर, झांसी, दतिया, अजयगढ़, गढ़कुंडार, चंदेरी। ये किले सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति के प्रतीक हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि इन किलों की यात्रा करें, अपने इतिहास को जानें। फांसी के समय खुदीराम बोस के चेहरे पर थी मुस्कान आप कल्पना कीजिए, बिल्कुल भोर का वक्त, बिहार का मुजफ्फरपुर शहर, तारीख है, 11 अगस्त 1908 हर गली, हर चौराहा, हर हलचल उस समय जैसे थमी हुई थी। लोगों की आंखों में आंंसू थे, लेकिन दिलों में ज्वाला थी। लोगों ने जेल को घेर रखा था, जहां एक 18 साल का युवक, अंग्रेजों के खिलाफ अपना देश-प्रेम व्यक्त करने की कीमत चुका रहा था। जेल के अंदर, अंग्रेज अफसर, एक युवा को फांसी देने की तैयारी कर रहे थे। उस युवा के चेहरे पर भय नहीं था, बल्कि गर्व से भरा हुआ था। वो गर्व, जो देश के लिए मर-मिटने वालों को होता है। वो वीर, वो साहसी युवा थे, खुदीराम बोस। सिर्फ 18 साल की उम्र में उन्होंने वो साहस दिखाया, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। तब अखबारों ने भी लिखा था, “खुदीराम बोस जब फांसी के फंदे की ओर बढ़े, तो उनके चेहरे पर मुस्कान थी”। ऐसे ही अनगिनत बलिदानों के बाद, सदियों की तपस्या के बाद, हमें आजादी मिली थी। देश के दीवानों ने अपने रक्त से आजादी के आंदोलन को सींचा था। तेजी से बढ़ रहा है टेक्सटाइल उद्योग अगस्त का महीना तो क्रांति का महीना है। एक अगस्त को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि होती है। 8 अगस्त को गांधी जी के नेतृत्व में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की शुरुआत हुई थी। फिर आता है 15 अगस्त, हमारा स्वतंत्रता दिवस, हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हैं, उनसे प्रेरणा पाते हैं। 7 अगस्त, 1905 को एक और क्रांति की शुरुआत हुई थी। स्वदेशी आंदोलन ने स्थानीय उत्पादों और खासकर हैंडलूम को एक नई ऊर्जा दी थी। इसी स्मृति में देश हर साल 7 अगस्त को ‘नेशनल हैंडलूम डे’ मनाता है। इस साल 7 अगस्त को ‘नेशनल हैंडलूम डे’ के 10 साल पूरे हो रहे हैं। जब देश विकसित भारत बनने की ओर कदम बढ़ा रहा है तो टेक्सटाइल सेक्टर ने बहुत योगदान दिया है। इन 10 सालों में इस सेक्टर ने नई-नई गाथाएं लिखीं। टेक्सटाइल भारत का सिर्फ एक सेक्टर नहीं है। ये हमारी सांस्कृतिक विविधता…
हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भगदड़, 6 लोगों की मौत, 25 से 30 लोग घायल, आज सुबह की घटना
हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में आज सुबह भगदड़ मची है। 6 लोगों की मौत हो गई है और 25 से 30 लोगों के घायल होने की खबर है। राहत और बचाव का काम जारी है। हादसे की वजह भारी भीड़ बताया जा रहा है। बता दें कि ये मंदिर हरिद्वार में काफी प्रसिद्ध है और हरिद्वार घूमने के लिए आने वाले पर्यटक इस मंदिर में जरूर दर्शन करने जाते हैं। सूदखोरी का अड्डा जमींदोज : फरार हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर के दफ्तर पर चला बुलडोजर, पुलिस और निगम की टीम मौजूद गढ़वाल मंडल आयुक्त का सामने आया बयान गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने ANI को बताया, “हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भारी भीड़ जमा होने के बाद मची भगदड़ में 6 लोगों की मौत हो गई। मैं घटनास्थल के लिए रवाना हो रहा हूं। घटना की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है।” मनसा देवी मंदिर के बारे में जानें मनसा देवी मंदिर उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ स्थल है। यह मंदिर मां मनसा देवी को समर्पित है, जिन्हें सर्पों की देवी और इच्छा पूर्ति करने वाली माता के रूप में पूजा जाता है। यह मंदिर हरिद्वार के तीन प्रमुख सिद्धपीठों में से एक है, अन्य दो चंडी देवी मंदिर और माया देवी मंदिर हैं। मनचाहा धन पाने के लिए 7 साल की मासूम की तांत्रिक बलि, भाई-भाभी समेत 5 आरोपी गिरफ्तार ये मंदिर हरिद्वार में गंगा नदी के किनारे एक पहाड़ी पर है। मंदिर तक पहुंचने के लिए दो रास्ते हैं। जिसमें एक तो रोपवे (उड़न खटोला) है और दूसरा रास्ता सीढ़ियों से होकर जाता है। रोपवे सुविधाजनक और लोकप्रिय तरीका है, जो श्रद्धालुओं को पहाड़ी की चोटी तक ले जाता है। वहीं पैदल मार्ग एक धार्मिक और प्राकृतिक अनुभव प्रदान करता है। मां मनसा देवी को इच्छा पूर्ति की देवी माना जाता है। भक्त अपनी मनोकामनाएं पूरी करने के लिए मंदिर में धागा (मनसा धागा) बांधते हैं और इच्छा पूरी होने पर उसे खोलने आते हैं। यह मंदिर शक्ति उपासना का केंद्र है और नवरात्रि के दौरान विशेष रूप से भीड़ होती है।
मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हुए पीएम मोदी, जयशंकर ने द्वीप राष्ट्र की हीरक जयंती पर दी बधाई
मालेः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मालदीव के आजादी दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। द्वीप राष्ट्र मालदीव अपनी आजादी की हीरक जयंती मना रहा है। राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी को अपने इस समारोह का मुख्य अतिथि बनाया है। यह भारत और मालदीव के रिश्तों में पुनः मजबूती का संकेत देता है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मालदीव की जनता को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी है। जयशंकर ने एक्स पर लिखा संदेश विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने एक्स एकाउंट पर मालदीव को दिए बधाई संदेश में लिखा, “मालदीव की आज़ादी की हीरक जयंती (डायमंड जुबली) समारोह पर वहां की सरकार और जनता को बधाई। आज मालदीव की राजधानी माले में स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शामिल होने का सौभाग्य मिला। हम भारत-मालदीव के बीच 60 वर्षों के राजनयिक संबंधों का भी उत्सव मना रहे हैं और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, समृद्धि और स्थिरता के लिए अपनी साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराते हैं। पीएम मोदी ने की मालदीव के उपराष्ट्रपति से मुलाकात मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदीव के उपराष्ट्रपति हुसैन मोहम्मद लतीफ से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और आपसी रिश्तों को अधिक मजबूत करने के मुद्दे पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने किया ट्वीट पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “मालदीव के उप राष्ट्रपति हुसैन मोहम्मद लतीफ़ से एक बेहद सकारात्मक और उपयोगी मुलाकात हुई। हमारी बातचीत भारत-मालदीव मित्रता के प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित रही। दोनों देश बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा और अन्य कई क्षेत्रों में करीबी सहयोग कर रहे हैं। यह सहयोग हमारे लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी है। आने वाले वर्षों में इस साझेदारी को और गहराई देने की हम आशा करते हैं।”
PM-VBRY: युवाओं के लिए खुशखबरी! पहली बार नौकरी ज्वाइन करने वालों को सरकार देगी 15 हजार रुपये
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana (PM-VBRY): श्रम और रोजगार मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि ईपीएफओ के साथ पहली बार पंजीकृत होने वाले कर्मचारियों को सरकार एक अगस्त से 15,000 रुपए की राशि पीएम विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) के तहत दी जाएगी. पीएम-वीबीआरवाई को पहले एम्प्लॉयमेंट-लिंक्ड इंसेंटिव (ईएलआई) स्कीम के रूप में जाना जाता था. केंद्रीय कैबिनेट ने इसे 99,446 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ मंजूरी दी थी. मंत्रालय ने कहा, “ईपीएफओ के साथ पहली बार पंजीकृत कर्मचारियों को टारगेट करते हुए, इस योजना के तहत दो किस्तों में एक महीने का ईपीएफ वेतन 15,000 रुपए तक दिया जाएगा.” ऐसे मिलेगा फायदा इस योजना के तहत पहली किस्त नौकरी शुरू होने के छह महीने के बाद देय होगी और दूसरी किस्त 12 महीने की सर्विस और कर्मचारी द्वारा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद देय होगी. मंत्रालय ने कहा,”प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा एक निश्चित अवधि के लिए सेविंग इंस्ट्रूमेंट या जमा खाते में रखा जाएगा और कर्मचारी द्वारा बाद में इसे निकाला जा सकेगा.” नियोक्ताओं के लिए, यह योजना सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार सृजन को कवर करेगी, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. मंत्रालय ने कहा, “नियोक्ताओं को 1 लाख रुपए तक के वेतन वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन मिलेगा. सरकार कम से कम छह महीने तक निरंतर रोजगार वाले प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए दो वर्षों तक नियोक्ताओं को 3,000 रुपए प्रति माह तक का प्रोत्साहन देगी.” मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए प्रोत्साहन तीसरे और चौथे वर्ष तक बढ़ाए जाएंगे. ब्रिज पेमेंट सिस्टम से भुगतान इस योजना का लाभ उठाने के लिए ईपीएफओ-पंजीकृत प्रतिष्ठानों को कम से कम छह महीने के लिए निरंतर आधार पर कम से कम दो अतिरिक्त कर्मचारी (50 से कम कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं के लिए) या पांच अतिरिक्त कर्मचारी (50 या अधिक कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं के लिए) नियुक्त करने होंगे. मंत्रालय ने कहा कि पीएम-वीबीआरवाई योजना का उद्देश्य दो वर्षों की अवधि में देश में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियों के सृजन को प्रोत्साहित करना है.
कारगिल विजय दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी ने दिया बयान, कही ये बात
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 1999 के करगिल युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए शनिवार को कहा कि विजय दिवस देश के जवानों की असाधारण वीरता और दृढ़ निश्चय का प्रतीक है। मुर्मू ने कहा कि राष्ट्र के प्रति जवानों का समर्पण और सर्वोच्च बलिदान देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘करगिल विजय दिवस के अवसर पर मैं मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। यह दिवस हमारे जवानों की असाधारण वीरता, साहस एवं दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। देश के प्रति उनका समर्पण और सर्वोच्च बलिदान देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। जय हिन्द! जय भारत!’’ पीएम मोदी ने कारगिल विजय दिवस पर कही ये बात इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने करगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ की बधाई देते हुए शनिवार को कहा कि यह दिवस करगिल के पहाड़ों से पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ने में भारतीय सशस्त्र बलों की सफलता का प्रतीक है। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘देशवासियों को करगिल विजय दिवस की ढेरों शुभकामनाएं। यह अवसर हमें मां भारती के उन वीर सपूतों के अप्रतिम साहस और शौर्य का स्मरण कराता है जिन्होंने देश के आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के जवानों का मातृभूमि के लिए मर-मिटने का जज्बा हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा। सीएम योगी ने भी दिया बयान वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर एक्स पर लिखा, ‘भारतीय सशस्त्र बलों के अद्भुत शौर्य, अटूट संकल्प और अक्षुण्ण राष्ट्रभक्ति के प्रतीक ‘कारगिल विजय दिवस’ पर प्रदेश वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं! ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ दुर्गम पर्वतों पर पराक्रम की अमर गाथा रचने वाले माँ भारती के अमर वीरों को कोटिशः नमन! जय हिंद!’ बता दें कि हर साल 26 जुलाई को करगिल विजय दिवस मनाया जाता है। साल 1999 में इसी दिन भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन विजय’ की सफलता की घोषणा की थी। उस समय लद्दाख के करगिल में पाकिस्तानी घुसपैठियों से तीन महीने तक चले संघर्ष के बाद भारत को जीत हासिल हुई थी।
















