स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए शिक्षा विभाग ने लागू किया सख़्त नियम: आवारा कुत्तों पर नज़र रखने नोडल अधिकारी नियुक्त

✍️ भागीरथी यादव   माननीय सर्वोच्च न्यायालय के Suo Moto Writ Petition (Civil) No. 05/2025 में जारी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों और छत्तीसगढ़ शासन, पशुधन विकास विभाग के पत्र के आधार पर शिक्षा विभाग ने प्रदेश भर के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए नया सख़्त आदेश जारी कर दिया है।   नए निर्देशों के तहत अब राज्य के सभी स्कूलों के प्राचार्य या संस्था प्रमुख को ‘नोडल अधिकारी’ बनाया गया है। नोडल अधिकारी की मुख्य जिम्मेदारियाँ होंगी—   स्कूल परिसर या उसके आसपास यदि आवारा कुत्ते दिखाई दें, तो इसकी सूचना तुरंत ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या नगर निगम के डॉग क्रैचर नोडल अधिकारी को देना। स्कूल परिसर में कुत्तों का प्रवेश रोकने के लिए उपयुक्त अवरोधक व्यवस्था सुनिश्चित करना। यदि किसी बच्चे को आवारा कुत्ता काट ले तो तुरंत उसे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना।   शिक्षा विभाग ने कहा है कि इन निर्देशों का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक बच्चे के लिए सुरक्षित, भय-मुक्त और अनुकूल शिक्षण वातावरण तैयार करना है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और पशुधन विकास विभाग के मार्गदर्शन में यह अभियान पूरे राज्य में तेज़ी और संवेदनशीलता के साथ लागू किया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों, बीईओ, बीआरसी, सीआरसी और स्कूल प्रबंधन समितियों को निर्देशित किया है कि वे इन आदेशों का कठोरता से पालन सुनिश्चित करें और बच्चों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं। यह पहल न सिर्फ स्कूल परिसरों की सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि बच्चों और अभिभावकों के मन में सुरक्षा का विश्वास भी मजबूत करेगी।

SVU की बड़ी कार्रवाई: उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आज़ाद के ठिकानों से करोड़ों की संपत्ति बरामद, दो महीने में होने वाला था रिटायरमेंट

  पटना/जहानाबाद/औरंगाबाद राज्य की विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने शनिवार को उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आज़ाद के चार ठिकानों पर एक साथ की गई छापेमारी से पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल मचा दी है। करीब सात घंटे चली इस कार्रवाई में करोड़ों की कथित बेहिसाब संपत्ति, कई प्लॉट, भारी बैंक निवेश और ज्वेलरी बरामद होने का दावा किया गया है। महज़ दो महीने बाद रिटायर होने वाले इस अधिकारी पर लगे गंभीर आरोपों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। छापेमारी में मिले हैरान करने वाले सबूत SVU के मुताबिक तलाशी के दौरान अनिल आज़ाद और उनकी पत्नी माधुरी देवी के नाम पर अवैध संपत्ति से जुड़ी बड़ी मात्रा में दस्तावेज मिले। इनमें शामिल हैं— 10 प्लॉट (कुल अनुमानित कीमत ₹1.78 करोड़) 28 लाख रुपये की एफडी 1.54 करोड़ रुपये का बैंक व बीमा निवेश 48 लाख रुपये का बैंक बैलेंस 35 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण 3 बैंक लॉकर, जिन्हें अगली कार्रवाई में खोला जाएगा जमीन के कागजात, पासबुक, बीमा रिकॉर्ड और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त SVU की शुरुआती जांच में दावा है कि अधिकारी और उनके परिवार के पास 5 करोड़ से अधिक की संपत्ति मिली है, जबकि शिकायत में 1.58 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्ति का आरोप था चार जिलों में एक साथ छापेमारी टीमें सुबह पटना के शिवपुरी स्थित आवास, जहानाबाद के पैतृक घर और औरंगाबाद के सरकारी व किराए के आवास पर पहुंचीं। कोर्ट से जारी वारंट के आधार पर सभी ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई। नोट गिनने की मशीन तक मंगाई गई और परिजनों से घंटों पूछताछ चली। रिटायरमेंट से ठीक पहले बड़ी कार्रवाई अनिल आज़ाद मूल रूप से जहानाबाद के सुमेरा गांव के निवासी हैं। 1991 में दरोगा के रूप में नियुक्त हुए और लंबे करियर में कई बार चर्चा में रहे। पिछले 20 महीनों से वे औरंगाबाद में अधीक्षक पद पर तैनात थे। महज़ दो महीने बाद रिटायर होने से पहले इस कार्रवाई ने विभागीय हलकों में हलचल पैदा कर दी है। पत्नी व परिवार के नाम संपत्ति की भरमार रिपोर्ट के अनुसार— पटना के शास्त्रीनगर में पत्नी के नाम 6 प्लॉट जहानाबाद में परिवार के नाम 4 प्लॉट भारी बीमा निवेश व बैंक बैलेंस सोने-चांदी के जेवरात के कई बिल और रसीदें यह सभी दस्तावेज आगे की जांच में निर्णायक साबित हो सकते हैं। अनिल आज़ाद का बचाव: “स्प्रिट माफियाओं की साजिश” छापेमारी के बाद अनिल आज़ाद ने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया— उन्होंने औरंगाबाद में 25 अवैध स्प्रिट फैक्ट्रियां बंद कराईं इससे “स्प्रिट माफिया” नाराज़ हो गए नेताओं और कारोबारी गठजोड़ ने “बदले की कार्रवाई” करवाई है उन्होंने कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और सच सामने आएगा। भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत FIR दर्ज SVU ने अनिल आज़ाद पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(b), 13(2) और IPC की धारा 61(2)(a) के तहत मामला दर्ज किया है। FIR में आरोप है कि वर्ष 2000 से अब तक उन्होंने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। SVU की इस कार्रवाई ने राज्य के उत्पाद विभाग से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक में बड़ी हलचल मचा दी है। बरामद दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की जांच के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।  

बस्ती में दिल दहला देने वाली हत्या: प्रेम प्रसंग और अनचाहे गर्भ ने ली एक माँ की जान

✍️ भागीरथी यादव   यूपी के बस्ती जिले में एक शादीशुदा महिला की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। 20 नवंबर को खेत में खून से सना प्रीति का शव मिला, जिसके पास उसका 2 साल का मासूम बच्चा बिलखता हुआ पाया गया। शुरू में मामला गुमनाम हत्या जैसा लगता था, लेकिन पुलिस की तेज कार्रवाई ने सच उजागर कर दिया।   जांच में पता चला कि प्रीति की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके प्रेमी दिलीप अग्रहरि ने की थी। प्रेम संबंध के दौरान प्रीति गर्भवती हो गई थी और वह दिलीप पर घर छोड़कर शादी करने का दबाव बना रही थी। इसी डर और तनाव में दिलीप ने उसे बस्ती बुलाया और मौके का फायदा उठाकर गला रेतकर हत्या कर दी। हत्या को छिपाने के लिए घटना स्थल को रेप-मर्डर जैसा दिखाने की कोशिश भी की।   एसपी अभिनंदन के निर्देशन में सर्विलांस और क्राइम ब्रांच की टीम ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद हुआ।   पोस्टमॉर्टम में रेप की पुष्टि नहीं हुई, जिससे साफ है कि इस वारदात की जड़ प्रेम प्रसंग और अनचाहा गर्भ था। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।

सहारनपुर में अमजद हत्याकांड का खुलासा: 18 दिन बाद ढमोला नदी से तीन टुकड़ों में मिला शव, दोस्त फरहान समेत 5 गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   सहारनपुर। देहात कोतवाली क्षेत्र के शेखपुरा कदीम गांव में 3 नवंबर को लापता हुए अमजद की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हो गया है। घटना के 18 दिन बाद ढमोला नदी से अमजद का शव तीन टुकड़ों में बरामद हुआ। खेतों में काम कर रहे लोगों ने नदी में शव तैरता देखा, जिसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।   तफ्तीश में नदी से लगभग आधा किलोमीटर दूर एक बोरे में शव के दोनों पैर भी मिले। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।   घटनास्थल के बाद जांच में सामने आया कि अमजद की हत्या उसके परिचित फरहान और उसके सहयोगियों ने की थी। पुलिस ने फरहान, उसकी पत्नी रुखसार, साले समेत कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।   हत्या के पीछे दो वजहें सामने आई हैं—एक ओर फरहान ने अवैध संबंध का शक बताया, तो दूसरी तरफ अमजद के परिवार के अनुसार विवाद मजदूरी के डेढ़ लाख रुपये को लेकर था।   जांच में पता चला कि आरोपियों ने अमजद को पहले नशीली गोली दी, फिर रस्सी से गला दबाकर हत्या की। शव को ठिकाने लगाने के लिए कुल्हाड़ी से पैर काटकर बोरे में डाल नदी में फेंक दिया।   पुलिस ने कहा है कि मामले की हर एंगल से जांच जारी है और आगे और भी खुलासे संभव हैं।

लखनऊ पुलिस की बड़ी कार्रवाई — बंद घरों में चोरी करने वाला अंतरजनपदीय गिरोह बेनकाब

  ✍️ भागीरथी यादव   एसडीएम अनामिका श्रीवास्तव के घर हुई लाखों की चोरी का भी खुलासा, 30 लाख के जेवर बरामद   लखनऊ में दिवाली के दौरान बंद पड़े घरों को निशाना बनाने वाले चोरी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि गिरोह के दो सदस्य अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि यही गिरोह मड़ियांव क्षेत्र में एसडीएम अनामिका श्रीवास्तव के घर हुई बड़ी चोरी के लिए जिम्मेदार था। बरामदगी में पुलिस को करीब 30 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर, 50 हजार नकद और चोरी में इस्तेमाल कार मिली है।   पिछले महीने त्योहारों के दौरान लखनऊ के कई इलाकों—मड़ियांव, अलीगंज और जानकीपुरम—में बंद घरों से चोरी की लगातार वारदातें सामने आई थीं। 23 अक्टूबर को एसडीएम अनामिका श्रीवास्तव के घर में हुई लाखों की चोरी ने शहर की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। घर उस समय पूरी तरह बंद था, और आरोपी इसी कमजोरी का फायदा उठाकर फरार हो गए थे।   मुखबिर की सूचना पर गिरी गाज एडीसीपी गोपी नाथ सोनी ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिली कि चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य कार से घूम रहे हैं। पुलिस ने चेकिंग के दौरान कार को रोका और उसमें सवार जीशान, अरशद और रियाज को दबोच लिया। तलाशी में भारी मात्रा में चोरी के जेवरात बरामद हुए।   पुलिस जांच में सामने आया कि—   मड़ियांव में 7, अलीगंज व जानकीपुरम में 1-1 मुकदमे दर्ज थे। ये सभी घटनाएं पिछले डेढ़ महीने में घटित हुई थीं। आरोपियों का काला इतिहास अरशद पर 22 मुकदमे दर्ज जीशान पर कई गंभीर मामले रियाज पर भी मुकदमा दर्ज   गिरोह के दो सदस्य—इमरान व एक अन्य—फरार     यह गिरोह बंद घरों को ही अपना “सॉफ्ट टारगेट” बनाता था। पहले इलाके की रेकी करता, घरों की गतिविधि पर नजर रखता और फिर बारीकी से चोरी को अंजाम देता था।   गैंगस्टर के तहत होगी कार्रवाई पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जा चुकी है। अब एक बार फिर इनपर कठोर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है ताकि ऐसे अपराधियों पर कड़ी नकेल कसी जा सके। लखनऊ पुलिस की इस बड़ी सफलता से जहां शहरवासियों को राहत मिली है, वहीं कई दिनों से खुले में घूम रहे इस गिरोह के पकड़े जाने से पुलिस की कार्यवाही पर उठते सवालों का भी आंशिक जवाब मिल गया है। अब फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश जारी है।

गृह मंत्री बनते ही सम्राट चौधरी का सख्त संदेश “अपराधियों की अब खैर नहीं, पुलिस को खुली छूट”

✍️ भागीरथी यादव   पटना। बिहार के नए गृह मंत्री और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पद संभालते ही अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई का संकेत देते हुए साफ कहा है कि अब राज्य में अपराध के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा— “अपराध करने वालों की खैर नहीं, पुलिस को अब रोक-टोक नहीं, पूरी आज़ादी है।”   सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि गृह विभाग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में सुशासन के संकल्प को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि जिस जंगलराज को खत्म किया गया था, वह अब कभी वापस नहीं आएगा।   गया में अपराधियों का “पिंडदान” करने वाले अपने पुराने बयान पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस अपना काम प्रोफेशनल तरीके से कर रही है और करती रहेगी।   गौरतलब है कि पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गृह विभाग की जिम्मेदारी भाजपा को सौंपी है। नई सरकार में एनडीए के सभी दलों को प्रतिनिधित्व मिला है, जिनमें सबसे ज्यादा 14 मंत्री भाजपा के हैं। हालांकि बजट के लिहाज से जदयू के पास अभी भी सबसे अधिक, लगभग 65 प्रतिशत विभागों की जिम्मेदारी है, जबकि भाजपा के पास करीब 29.22 प्रतिशत बजट वाले विभाग हैं।   सम्राट चौधरी के इस कड़े रुख को कानून-व्यवस्था को और सख्ती से लागू करने की दिशा में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

मेरठ से सनसनीखेज खुलासा: पैसों और निजी रंजिश में मां ने रचा बेटे के अपहरण का ड्रामा, गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   मेरठ। सरधना क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पैसों की लालच और पड़ोसी से रंजिश के चलते एक महिला ने अपने ही 10 वर्षीय बेटे के अपहरण का नाटकीय षड्यंत्र रच डाला। पुलिस और सर्विलांस टीम की सघन जांच के बाद घटना का पर्दाफाश हुआ और आरोपी मां सोनिया तथा उसके सहयोगी संजय को गिरफ्तार कर लिया गया। बच्चा नोएडा से सकुशल बरामद कर पुलिस ने राहत की सांस ली। शिकायत भी खुद दर्ज कराई, कहानी भी खुद गढ़ी दबथुआ गांव निवासी सोनिया ने गुरुवार को पुलिस के पास बेटे के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने पड़ोसी मोहित, रोहित, सतेंद्र उर्फ सहेन्द्री और सुभाष पर बच्चे के अपहरण का गंभीर आरोप लगाया। मामला गंभीर था, इसलिए पुलिस ने तुरंत तीन टीमों का गठन किया और सर्विलांस की मदद से जांच शुरू कर दी। संदेह की सूई सोनिया पर घूमी, CCTV बंद और संदिग्ध कॉल्स से मिला सुराग जांच आगे बढ़ी तो कई तथ्य संदिग्ध मिलते गए। सोनिया के घर के CCTV कैमरे घटना से ठीक पहले बंद पाए गए। उसके मोबाइल पर लगातार संदिग्ध नंबरों से बातचीत के प्रमाण मिले। फोन सर्विलांस से खुलासा हुआ कि घटना के समय बच्चा गांव में नहीं, बल्कि नोएडा में था। पुलिस टीमें तुरंत नोएडा रवाना हुईं और वहां से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। पड़ोसी पर दबाव बनाने का नया हथकंडा पुलिस जांच में सामने आया कि सोनिया की अपने पहले पति से अनबन थी और वह वर्षों मायके में रह रही थी। गांव लौटने के बाद वह अपने पड़ोसी मोहित से शादी के लिए दबाव बना रही थी। मोहित के इनकार करने पर महिला ने उससे 1 लाख रुपये मांगे और भुगतान न होने पर उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करा दिया। पुलिस के अनुसार, बाद में पैसे मिलने पर महिला ने अदालत में बयान बदल दिया। बदला और पैसे: एक और साजिश जब मोहित और उसके परिवार ने फिर पैसे देने से इनकार किया, तो सोनिया ने अपने सहयोगी संजय के साथ मिलकर बेटे को नोएडा भेज दिया और चार युवकों को फंसाने के लिए नया अपहरण ड्रामा खड़ा कर दिया। योजना थी कि आरोप लगाकर फिर परिवारों पर पैसे के लिए दबाव बनाया जाए। दोनों आरोपी गिरफ्तार, रंगदारी व षड्यंत्र की धाराओं में केस दर्ज सोनिया और संजय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मोहित की मां की तहरीर पर दोनों के खिलाफ रंगदारी, षड्यंत्र और फर्जी मामला दर्ज कराने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस की सतर्कता ने बचाई मासूम की जिंदगी पुलिस और सर्विलांस टीम की सूझबूझ ने न सिर्फ एक बड़ा षड्यंत्र उजागर किया, बल्कि एक मासूम बच्चे को वक्त रहते बचा लिया। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि झूठी शिकायतें न केवल कानून का दुरुपयोग हैं, बल्कि समाज में निर्दोषों के जीवन को भी गहरा नुकसान पहुंचाती हैं।

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार नई ऊंचाई पर, गोल्ड रिजर्व में रिकॉर्ड उछाल

✍️ भागीरथी यादव   केंद्रीय बैंक आरबीआई द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार 14 नवंबर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 5.54 अरब डॉलर बढ़कर 692.58 अरब डॉलर के सर्वकालिक स्तर पर पहुंच गया। यह बढ़ोतरी मुख्यतः गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में आए भारी उछाल के कारण दर्ज की गई, जो एक सप्ताह में 5.34 अरब डॉलर बढ़कर 106.86 अरब डॉलर तक पहुंच गई है।   ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में उछाल ने इस वृद्धि को समर्थन दिया है। इसके साथ ही, फॉरेन करेंसी एसेट्स 152 मिलियन डॉलर बढ़कर 562.29 अरब डॉलर, एसडीआर 18.65 अरब डॉलर और आईएमएफ के पास भारत का रिजर्व 4.78 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।   आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि देश का फॉरेक्स रिजर्व “11 महीने के आयात और 96% बाहरी ऋण को कवर करने के लिए पर्याप्त है,” जो भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति का संकेत है।   विशेषज्ञ बताते हैं कि पिछले दशक में भारत के फॉरेक्स रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी लगभग दोगुनी होकर 15% तक पहुंच चुकी है। 2025 में सोने की कीमतों में 65% तक की तेज़ बढ़ोतरी ने भी इस ट्रेंड को मजबूती दी है।

मुज़फ़्फरपुर में संदिग्ध हालात में चौकीदार की मौत, परिजनों ने हत्या का लगाया आरोप

  सूत्रों के मुताबिक कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे   मुज़फ़्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक चौकीदार का शव संदिग्ध परिस्थिति में बरामद होने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान बेनीबाद थाना अंतर्गत सुस्ता चट्टी में तैनात चौकीदार रमेश सिंह के रूप में हुई है। उनका शव घर के बरामदे में पड़ा मिला, जबकि गले में रस्सी बंधी हुई थी। चेहरे का रंग काला पड़ चुका था और जीभ बाहर निकली हुई थी, जिससे परिवार के लोग हत्या की आशंका जता रहे हैं। ◼ पत्नी कर रही थी कॉल, नहीं मिला जवाब सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रमेश सिंह की पत्नी नीतू कुमारी दो दिनों से उन्हें फोन कर रही थीं, लेकिन रिस्पॉन्स न मिलने पर उन्हें शक हुआ। वह मायके में बच्चों के साथ थीं और रमेश सिंह घर पर अकेले रह रहे थे। जब फोन नहीं उठा तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। ◼ रविवार को दिखे थे जिंदा, मौत दो दिन पहले होने की आशंका स्थानीय लोगों के मुताबिक रविवार को रमेश सिंह को घर के बाहर टहलते हुए देखा गया था। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि उनकी मौत दो दिन पहले हुई होगी। परिजनों का कहना है कि जिस स्थिति में शव मिला, वह आत्महत्या की ओर इशारा नहीं करता। ◼ एफएसएल टीम मौके पर, कई अहम सुराग बरामद गायघाट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। एफएसएल की टीम ने भी घटना स्थल से कई महत्वपूर्ण नमूने और सुराग एकत्रित किए हैं, जिनके आधार पर मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया है। ◼ पिता की मौत के बाद अनुकंपा पर मिली थी नौकरी रमेश सिंह अपने पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर बहाल हुए थे। परिवार पहले ही दुखों से जूझ रहा था। एक साल पहले उनकी मां का भी निधन हो चुका था। ◼ पुलिस ने कहा—“सभी कोणों से जांच जारी” गायघाट थाना पुलिस का कहना है कि घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है। परिजनों के आरोपों और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत फैल गई है। परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके से मिले सुरागों के आधार पर अगले कदम तय करेगी।    

आईआईटी दिल्ली में देश का पहला Gen Z थीम आधारित डाकघर शुरू

✍️ भागीरथी यादव    भारतीय डाक का अभिनव कदम, छात्रों के सहयोग से बना आधुनिक ‘स्मार्ट पोस्ट ऑफिस’   नई दिल्ली। भारतीय डाक ने युवाओं की जरूरतों और नई पीढ़ी की कार्यशैली को ध्यान में रखते हुए देश का पहला जेन-जी थीम आधारित डाकघर आईआईटी दिल्ली परिसर में शुरू किया है। बुधवार को संचार मंत्रालय द्वारा जारी बयान में बताया गया कि यह डाकघर पूरी तरह छात्रों के सहयोग से डिजाइन किया गया है और इसे एक जीवंत, तकनीक-सक्षम व आधुनिक केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। डाकघर में वाई-फाई जोन, आईआईटी फाइन आर्ट्स सोसाइटी की आकर्षक ग्रैफिटी और कलाकृतियां, आधुनिक सौंदर्यशास्त्र, स्मार्ट सर्विस टचपॉइंट्स, क्यूआर आधारित पार्सल बुकिंग, तथा छात्रों के लिए विशेष स्पीड पोस्ट डिस्काउंट जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पहल पर भारतीय डाक शैक्षणिक परिसरों के पोस्ट ऑफिस को युवा–केंद्रित नवाचार केंद्रों के रूप में विकसित कर रहा है। इसी क्रम में 15 दिसंबर 2025 तक देशभर के 46 कैंपस डाकघरों को नए स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इस मॉडल की खासियत है छात्रों की सक्रिय भागीदारी। यहां विद्यार्थी ब्रांड एम्बेसडर, पोस्ट ऑफिस डिजाइन पार्टनर और सोशल मीडिया आउटरीच टीम के रूप में काम कर रहे हैं। पहली बार देश में स्टूडेंट फ्रैंचाइज़ मॉडल भी आईआईटी दिल्ली में लॉन्च किया गया है, जिसके तहत छात्रों को डाक संचालन का वास्तविक अनुभव मिलेगा और उनमें उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा। छात्रों के लिए विशेष ब्रांडेड पार्सल पैकिंग सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे वे तकनीक-आधारित तेज और सरल पार्सल सेवा का लाभ उठा सकेंगे। यह नया डाकघर न सिर्फ पारंपरिक डाक सेवाओं का आधुनिक रूप है, बल्कि शैक्षणिक परिसरों में युवाओं के साथ डाक विभाग के नए युग की शुरुआत भी करता है।

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