लखनऊ पुलिस की बड़ी कार्रवाई — बंद घरों में चोरी करने वाला अंतरजनपदीय गिरोह बेनकाब

  ✍️ भागीरथी यादव   एसडीएम अनामिका श्रीवास्तव के घर हुई लाखों की चोरी का भी खुलासा, 30 लाख के जेवर बरामद   लखनऊ में दिवाली के दौरान बंद पड़े घरों को निशाना बनाने वाले चोरी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि गिरोह के दो सदस्य अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि यही गिरोह मड़ियांव क्षेत्र में एसडीएम अनामिका श्रीवास्तव के घर हुई बड़ी चोरी के लिए जिम्मेदार था। बरामदगी में पुलिस को करीब 30 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर, 50 हजार नकद और चोरी में इस्तेमाल कार मिली है।   पिछले महीने त्योहारों के दौरान लखनऊ के कई इलाकों—मड़ियांव, अलीगंज और जानकीपुरम—में बंद घरों से चोरी की लगातार वारदातें सामने आई थीं। 23 अक्टूबर को एसडीएम अनामिका श्रीवास्तव के घर में हुई लाखों की चोरी ने शहर की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। घर उस समय पूरी तरह बंद था, और आरोपी इसी कमजोरी का फायदा उठाकर फरार हो गए थे।   मुखबिर की सूचना पर गिरी गाज एडीसीपी गोपी नाथ सोनी ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस को सूचना मिली कि चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य कार से घूम रहे हैं। पुलिस ने चेकिंग के दौरान कार को रोका और उसमें सवार जीशान, अरशद और रियाज को दबोच लिया। तलाशी में भारी मात्रा में चोरी के जेवरात बरामद हुए।   पुलिस जांच में सामने आया कि—   मड़ियांव में 7, अलीगंज व जानकीपुरम में 1-1 मुकदमे दर्ज थे। ये सभी घटनाएं पिछले डेढ़ महीने में घटित हुई थीं। आरोपियों का काला इतिहास अरशद पर 22 मुकदमे दर्ज जीशान पर कई गंभीर मामले रियाज पर भी मुकदमा दर्ज   गिरोह के दो सदस्य—इमरान व एक अन्य—फरार     यह गिरोह बंद घरों को ही अपना “सॉफ्ट टारगेट” बनाता था। पहले इलाके की रेकी करता, घरों की गतिविधि पर नजर रखता और फिर बारीकी से चोरी को अंजाम देता था।   गैंगस्टर के तहत होगी कार्रवाई पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जा चुकी है। अब एक बार फिर इनपर कठोर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है ताकि ऐसे अपराधियों पर कड़ी नकेल कसी जा सके। लखनऊ पुलिस की इस बड़ी सफलता से जहां शहरवासियों को राहत मिली है, वहीं कई दिनों से खुले में घूम रहे इस गिरोह के पकड़े जाने से पुलिस की कार्यवाही पर उठते सवालों का भी आंशिक जवाब मिल गया है। अब फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश जारी है।

गृह मंत्री बनते ही सम्राट चौधरी का सख्त संदेश “अपराधियों की अब खैर नहीं, पुलिस को खुली छूट”

✍️ भागीरथी यादव   पटना। बिहार के नए गृह मंत्री और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पद संभालते ही अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई का संकेत देते हुए साफ कहा है कि अब राज्य में अपराध के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा— “अपराध करने वालों की खैर नहीं, पुलिस को अब रोक-टोक नहीं, पूरी आज़ादी है।”   सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि गृह विभाग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में सुशासन के संकल्प को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि जिस जंगलराज को खत्म किया गया था, वह अब कभी वापस नहीं आएगा।   गया में अपराधियों का “पिंडदान” करने वाले अपने पुराने बयान पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस अपना काम प्रोफेशनल तरीके से कर रही है और करती रहेगी।   गौरतलब है कि पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गृह विभाग की जिम्मेदारी भाजपा को सौंपी है। नई सरकार में एनडीए के सभी दलों को प्रतिनिधित्व मिला है, जिनमें सबसे ज्यादा 14 मंत्री भाजपा के हैं। हालांकि बजट के लिहाज से जदयू के पास अभी भी सबसे अधिक, लगभग 65 प्रतिशत विभागों की जिम्मेदारी है, जबकि भाजपा के पास करीब 29.22 प्रतिशत बजट वाले विभाग हैं।   सम्राट चौधरी के इस कड़े रुख को कानून-व्यवस्था को और सख्ती से लागू करने की दिशा में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

मेरठ से सनसनीखेज खुलासा: पैसों और निजी रंजिश में मां ने रचा बेटे के अपहरण का ड्रामा, गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   मेरठ। सरधना क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पैसों की लालच और पड़ोसी से रंजिश के चलते एक महिला ने अपने ही 10 वर्षीय बेटे के अपहरण का नाटकीय षड्यंत्र रच डाला। पुलिस और सर्विलांस टीम की सघन जांच के बाद घटना का पर्दाफाश हुआ और आरोपी मां सोनिया तथा उसके सहयोगी संजय को गिरफ्तार कर लिया गया। बच्चा नोएडा से सकुशल बरामद कर पुलिस ने राहत की सांस ली। शिकायत भी खुद दर्ज कराई, कहानी भी खुद गढ़ी दबथुआ गांव निवासी सोनिया ने गुरुवार को पुलिस के पास बेटे के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने पड़ोसी मोहित, रोहित, सतेंद्र उर्फ सहेन्द्री और सुभाष पर बच्चे के अपहरण का गंभीर आरोप लगाया। मामला गंभीर था, इसलिए पुलिस ने तुरंत तीन टीमों का गठन किया और सर्विलांस की मदद से जांच शुरू कर दी। संदेह की सूई सोनिया पर घूमी, CCTV बंद और संदिग्ध कॉल्स से मिला सुराग जांच आगे बढ़ी तो कई तथ्य संदिग्ध मिलते गए। सोनिया के घर के CCTV कैमरे घटना से ठीक पहले बंद पाए गए। उसके मोबाइल पर लगातार संदिग्ध नंबरों से बातचीत के प्रमाण मिले। फोन सर्विलांस से खुलासा हुआ कि घटना के समय बच्चा गांव में नहीं, बल्कि नोएडा में था। पुलिस टीमें तुरंत नोएडा रवाना हुईं और वहां से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। पड़ोसी पर दबाव बनाने का नया हथकंडा पुलिस जांच में सामने आया कि सोनिया की अपने पहले पति से अनबन थी और वह वर्षों मायके में रह रही थी। गांव लौटने के बाद वह अपने पड़ोसी मोहित से शादी के लिए दबाव बना रही थी। मोहित के इनकार करने पर महिला ने उससे 1 लाख रुपये मांगे और भुगतान न होने पर उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करा दिया। पुलिस के अनुसार, बाद में पैसे मिलने पर महिला ने अदालत में बयान बदल दिया। बदला और पैसे: एक और साजिश जब मोहित और उसके परिवार ने फिर पैसे देने से इनकार किया, तो सोनिया ने अपने सहयोगी संजय के साथ मिलकर बेटे को नोएडा भेज दिया और चार युवकों को फंसाने के लिए नया अपहरण ड्रामा खड़ा कर दिया। योजना थी कि आरोप लगाकर फिर परिवारों पर पैसे के लिए दबाव बनाया जाए। दोनों आरोपी गिरफ्तार, रंगदारी व षड्यंत्र की धाराओं में केस दर्ज सोनिया और संजय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मोहित की मां की तहरीर पर दोनों के खिलाफ रंगदारी, षड्यंत्र और फर्जी मामला दर्ज कराने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस की सतर्कता ने बचाई मासूम की जिंदगी पुलिस और सर्विलांस टीम की सूझबूझ ने न सिर्फ एक बड़ा षड्यंत्र उजागर किया, बल्कि एक मासूम बच्चे को वक्त रहते बचा लिया। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि झूठी शिकायतें न केवल कानून का दुरुपयोग हैं, बल्कि समाज में निर्दोषों के जीवन को भी गहरा नुकसान पहुंचाती हैं।

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार नई ऊंचाई पर, गोल्ड रिजर्व में रिकॉर्ड उछाल

✍️ भागीरथी यादव   केंद्रीय बैंक आरबीआई द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार 14 नवंबर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 5.54 अरब डॉलर बढ़कर 692.58 अरब डॉलर के सर्वकालिक स्तर पर पहुंच गया। यह बढ़ोतरी मुख्यतः गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में आए भारी उछाल के कारण दर्ज की गई, जो एक सप्ताह में 5.34 अरब डॉलर बढ़कर 106.86 अरब डॉलर तक पहुंच गई है।   ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में उछाल ने इस वृद्धि को समर्थन दिया है। इसके साथ ही, फॉरेन करेंसी एसेट्स 152 मिलियन डॉलर बढ़कर 562.29 अरब डॉलर, एसडीआर 18.65 अरब डॉलर और आईएमएफ के पास भारत का रिजर्व 4.78 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।   आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि देश का फॉरेक्स रिजर्व “11 महीने के आयात और 96% बाहरी ऋण को कवर करने के लिए पर्याप्त है,” जो भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति का संकेत है।   विशेषज्ञ बताते हैं कि पिछले दशक में भारत के फॉरेक्स रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी लगभग दोगुनी होकर 15% तक पहुंच चुकी है। 2025 में सोने की कीमतों में 65% तक की तेज़ बढ़ोतरी ने भी इस ट्रेंड को मजबूती दी है।

मुज़फ़्फरपुर में संदिग्ध हालात में चौकीदार की मौत, परिजनों ने हत्या का लगाया आरोप

  सूत्रों के मुताबिक कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे   मुज़फ़्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक चौकीदार का शव संदिग्ध परिस्थिति में बरामद होने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान बेनीबाद थाना अंतर्गत सुस्ता चट्टी में तैनात चौकीदार रमेश सिंह के रूप में हुई है। उनका शव घर के बरामदे में पड़ा मिला, जबकि गले में रस्सी बंधी हुई थी। चेहरे का रंग काला पड़ चुका था और जीभ बाहर निकली हुई थी, जिससे परिवार के लोग हत्या की आशंका जता रहे हैं। ◼ पत्नी कर रही थी कॉल, नहीं मिला जवाब सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रमेश सिंह की पत्नी नीतू कुमारी दो दिनों से उन्हें फोन कर रही थीं, लेकिन रिस्पॉन्स न मिलने पर उन्हें शक हुआ। वह मायके में बच्चों के साथ थीं और रमेश सिंह घर पर अकेले रह रहे थे। जब फोन नहीं उठा तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। ◼ रविवार को दिखे थे जिंदा, मौत दो दिन पहले होने की आशंका स्थानीय लोगों के मुताबिक रविवार को रमेश सिंह को घर के बाहर टहलते हुए देखा गया था। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि उनकी मौत दो दिन पहले हुई होगी। परिजनों का कहना है कि जिस स्थिति में शव मिला, वह आत्महत्या की ओर इशारा नहीं करता। ◼ एफएसएल टीम मौके पर, कई अहम सुराग बरामद गायघाट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। एफएसएल की टीम ने भी घटना स्थल से कई महत्वपूर्ण नमूने और सुराग एकत्रित किए हैं, जिनके आधार पर मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया है। ◼ पिता की मौत के बाद अनुकंपा पर मिली थी नौकरी रमेश सिंह अपने पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर बहाल हुए थे। परिवार पहले ही दुखों से जूझ रहा था। एक साल पहले उनकी मां का भी निधन हो चुका था। ◼ पुलिस ने कहा—“सभी कोणों से जांच जारी” गायघाट थाना पुलिस का कहना है कि घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है। परिजनों के आरोपों और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत फैल गई है। परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके से मिले सुरागों के आधार पर अगले कदम तय करेगी।    

आईआईटी दिल्ली में देश का पहला Gen Z थीम आधारित डाकघर शुरू

✍️ भागीरथी यादव    भारतीय डाक का अभिनव कदम, छात्रों के सहयोग से बना आधुनिक ‘स्मार्ट पोस्ट ऑफिस’   नई दिल्ली। भारतीय डाक ने युवाओं की जरूरतों और नई पीढ़ी की कार्यशैली को ध्यान में रखते हुए देश का पहला जेन-जी थीम आधारित डाकघर आईआईटी दिल्ली परिसर में शुरू किया है। बुधवार को संचार मंत्रालय द्वारा जारी बयान में बताया गया कि यह डाकघर पूरी तरह छात्रों के सहयोग से डिजाइन किया गया है और इसे एक जीवंत, तकनीक-सक्षम व आधुनिक केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। डाकघर में वाई-फाई जोन, आईआईटी फाइन आर्ट्स सोसाइटी की आकर्षक ग्रैफिटी और कलाकृतियां, आधुनिक सौंदर्यशास्त्र, स्मार्ट सर्विस टचपॉइंट्स, क्यूआर आधारित पार्सल बुकिंग, तथा छात्रों के लिए विशेष स्पीड पोस्ट डिस्काउंट जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पहल पर भारतीय डाक शैक्षणिक परिसरों के पोस्ट ऑफिस को युवा–केंद्रित नवाचार केंद्रों के रूप में विकसित कर रहा है। इसी क्रम में 15 दिसंबर 2025 तक देशभर के 46 कैंपस डाकघरों को नए स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इस मॉडल की खासियत है छात्रों की सक्रिय भागीदारी। यहां विद्यार्थी ब्रांड एम्बेसडर, पोस्ट ऑफिस डिजाइन पार्टनर और सोशल मीडिया आउटरीच टीम के रूप में काम कर रहे हैं। पहली बार देश में स्टूडेंट फ्रैंचाइज़ मॉडल भी आईआईटी दिल्ली में लॉन्च किया गया है, जिसके तहत छात्रों को डाक संचालन का वास्तविक अनुभव मिलेगा और उनमें उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा। छात्रों के लिए विशेष ब्रांडेड पार्सल पैकिंग सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे वे तकनीक-आधारित तेज और सरल पार्सल सेवा का लाभ उठा सकेंगे। यह नया डाकघर न सिर्फ पारंपरिक डाक सेवाओं का आधुनिक रूप है, बल्कि शैक्षणिक परिसरों में युवाओं के साथ डाक विभाग के नए युग की शुरुआत भी करता है।

देश में दवा सुरक्षा पर कड़ी निगरानी: अक्टूबर 2025 में 211 दवा नमूने फेल, बिहार–दिल्ली से स्प्यूरियस दवाएं बरामद

✍️ भागीरथी यादव   नई दिल्ली। देश में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर केंद्रीय और राज्य औषधि नियामक संस्थान सख्त रुख अपनाए हुए हैं। इसी क्रम में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने अक्टूबर 2025 की गुणवत्ता रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने 63 दवा नमूनों को मानक के अनुरूप न पाने की पुष्टि की है। वहीं राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 148 नमूनों को NSQ (Not of Standard Quality) श्रेणी में रखा है। यानी कुल 211 दवा नमूने गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए। CDSCO ने स्पष्ट किया है कि किसी दवा का NSQ पाया जाना केवल उसके एक विशेष बैच तक सीमित होता है। इससे उसी दवा के अन्य बैचों या ब्रांडों की गुणवत्ता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। नियामक संस्थान नियमित रूप से बैच-वार सैंपल लेकर जांच करता है, ताकि बाजार में सुरक्षित दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। रिपोर्ट का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि बिहार से तीन और दिल्ली से दो दवा नमूने स्प्यूरियस (नकली/संदिग्ध) पाए गए हैं। जांच में सामने आया कि ये दवाएं अनधिकृत निर्माताओं द्वारा तैयार की गई थीं, जिन्होंने नामी कंपनियों के ब्रांड नाम का दुरुपयोग किया। मामला गंभीर होने के कारण इसे उच्च-स्तरीय जांच के लिए भेज दिया गया है तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। नियामकों ने कहा कि देशभर में औषधि निरीक्षण को और कठोर किया जा रहा है, ताकि बाजार से निम्न गुणवत्ता और नकली दवाओं को तुरंत हटाया जा सके। यह कदम जनता के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने और दवा आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा प्रयास है। CDSCO और राज्यों की सक्रियता यह संकेत देती है कि देश की औषधि नियामक प्रणाली लगातार मजबूत हो रही है और सरकार गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने के लिए प्रतिबद्ध है।

अंतर्राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कोरबा के मेहुल, प्रयांश, नितेश, करण और अमित ने भूटान में लहराया तिरंगा, जीते स्वर्ण-रजत पदक

  ✍️ भागीरथी यादव भूटान की राजधानी थिंफू में 14 से 17 नवंबर तक आयोजित संयुक्त भारतीय खेल फाउंडेशन (SBKF) इंटरनेशनल गेम्स-2025 में कोरबा जिले के खिलाड़ियों ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण और रजत पदक अपने नाम किए। 22 खेलों के इस महाकुंभ की मेजबानी इन्दु श्री ऑर्गेनाइजेशन ने की, जिसे नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल भूटान का समर्थन प्राप्त था। कोरबा से चयनित पाँच पावरलिफ्टरों ने भारतीय दल का प्रतिनिधित्व किया और सभी ने दमदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का परचम बुलंद किया— 🏅 खिलाड़ी एवं उपलब्धियां मेहुल प्रधान (U/19, 62 किग्रा) — कुल 370 किग्रा भार उठाकर स्वर्ण पदक प्रयांश सिंह कंवर (U/23, 60 किग्रा) — कुल 435 किग्रा भार के साथ स्वर्ण पदक अमित कुमार गुप्ता (सीनियर, 49 किग्रा) — कुल 340 किग्रा उठाकर स्वर्ण पदक नितेश कुमार बरेठ (U/23, 69 किग्रा) — कुल 475 किग्रा उठाकर रजत पदक करण कुमार यादव (U/23, 63 किग्रा) — कुल 380 किग्रा भार के साथ स्वर्ण पदक इन सभी खिलाड़ियों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद संघर्ष, इच्छाशक्ति और समर्पण की मिसाल पेश की। आर्थिक चुनौतियों के बीच चमकी मेहनत खिलाड़ियों की उपलब्धियां इसलिए भी प्रेरणादायक हैं क्योंकि इनमें से कई बेहद साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आते हैं— नितेश बरेठ—पिता ठेके में मजदूरी करते हैं। मित्रों से उधार लेकर बेटे को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाया। अमित कुमार गुप्ता (समोसा वाले)—खुद छोटे-मोटे काम करते हुए और परिवार की मदद से अपनी खेल यात्रा जारी रखी। मेहुल प्रधान, जो मिस्टर छत्तीसगढ़ 2024 (मॉडलिंग) भी रह चुके हैं, ने पढ़ाई के साथ पार्ट-टाइम काम कर अपनी खेल आकांक्षाओं को जिंदा रखा। ये सभी खिलाड़ी राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक के बाद एक मेडल जीतकर जिले का गौरव बढ़ा रहे हैं। भारत का दबदबा इस प्रतियोगिता में भारत के अलावा नेपाल, भूटान, श्रीलंका, पाकिस्तान, म्यांमार और अफगानिस्तान के खिलाड़ी शामिल हुए थे। आयरन गेम्स की पावरलिफ्टिंग स्पर्धाओं में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने अपना मजबूत दबदबा बनाए रखा। टीम और कोचों ने दी बधाई (SBKF) के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री पंकज गावले, भारतीय टीम के कोच श्री हरिनाथ, श्री दीपक सिदार, श्रीमती हेमलता, श्री दिनेश साहू, श्री रोहन, श्री समीर, श्री विनोद कुमार, श्री संजय, श्री बसंत, कुमारी मोनिका, श्री निशांत, श्री धर्मेश, श्री अमित शर्मा, श्री संदीप महतो तथा गिव फिटनेस टीम ने सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। — कोरबा के इन होनहार पावरलिफ्टरों ने न केवल पदक जीते, बल्कि यह साबित किया कि हौसलों की उड़ान किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती।

अनमोल बिश्नोई की अमेरिका से डिपोर्टेशन, दिल्ली में एनआईए ने किया गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव कई हाई-प्रोफाइल आतंकी व आपराधिक मामलों में रहा वांटेड गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई और एनआईए के मोस्ट वांटेड अपराधियों में शामिल अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से डिपोर्ट कर भारत लाया गया। अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने 18 नवंबर 2025 को उसकी डिपोर्टेशन की पुष्टि करते हुए शिकायतकर्ता जीशान सिद्दीकी को ईमेल भेजा था। दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते ही एनआईए ने उसे हिरासत में ले लिया और बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया, जहां उसे 11 दिन की एनआईए रिमांड पर भेज दिया गया। अमेरिका में गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन प्रक्रिया अनमोल को नवंबर 2024 में कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में अवैध प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। एफबीआई ने डीएनए और वॉयस सैंपल के आधार पर उसकी पहचान की थी। इसके बाद करीब एक साल तक डिपोर्टेशन की लंबी कानूनी प्रक्रिया चली। बताया गया कि वह नेपाल, दुबई और केन्या के रास्ते फर्जी पासपोर्ट पर अप्रैल 2022 में अमेरिका पहुंचा था। एक के बाद एक गंभीर अपराधों में शामिल मार्च 2023 में एनआईए ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग की आतंकवादी-गैंगस्टर साजिश से जुड़े मामले में 1200 पेज की चार्जशीट दाखिल कर अनमोल को आरोपी बनाया था। जांच में पता चला कि 2020 से 2023 के बीच वह अमेरिका में बैठकर लॉरेंस और गोल्डी बराड़ के निर्देश पर भारत में कई आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिला रहा था। शूटरों को हथियार, फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट देना छिपने के लिए सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराना गैंग के ऑपरेशनों की विदेश से मॉनिटरिंग उसका नाम देश की कई हाई-प्रोफाइल वारदातों में सामने आया— सिद्धू मूसेवाला की हत्या (2022): हथियार और लॉजिस्टिक सपोर्ट का आरोप सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग (अप्रैल 2024): मुख्य भूमिका बाबा सिद्दीकी की हत्या (अक्टूबर 2024): साजिशकर्ता 18 अन्य मामले: हत्या, जबरन वसूली, हथियार तस्करी आदि एनआईए की कार्रवाई जारी अनमोल बिश्नोई को 2022 से फरार रहते हुए एनआईए ने ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में शामिल किया था और उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। अमेरिका से उसकी गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन को एजेंसियों बड़ी सफलता मान रही हैं। उसके कब्जे से मिला फर्जी पासपोर्ट भी उसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पुष्टि करता है। एनआईए अब उसकी रिमांड के दौरान विदेशों में फैले गैंग के नेटवर्क, सप्लाई चैन और फाइनेंसिंग से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ करेगी।  

दिल्ली में दहशत फैलाने की कोशिश नाकाम: दो स्कूलों और तीन अदालतों को मिली बम धमकी, छानबीन में कुछ संदिग्ध नहीं

✍️ भागीरथी यादव   देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार सुबह अफरा-तफरी का माहौल तब बन गया, जब दो स्कूलों और तीन प्रमुख जिला अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए। सुरक्षा एजेंसियों के सक्रिय होते ही सभी स्थलों को खाली कराया गया और व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।   पुलिस के अनुसार, धमकी भरे ईमेल द्वारका स्थित सीआरपीएफ स्कूल और प्रशांत विहार के एक स्कूल में प्राप्त हुए—यह वही क्षेत्र है, जहां पिछले वर्ष एक विस्फोट हुआ था। इसके अलावा, साकेत कोर्ट, पटियाला हाउस कोर्ट और रोहिणी कोर्ट को भी एक जैसे धमकी संदेश भेजे गए।   तत्काल खाली कराए गए परिसर, हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां   सूचना के बाद पुलिस, अग्निशमन दल और बम निरोधक दस्ते तुरंत मौके पर पहुंचे। दोनों स्कूलों के छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और अदालत परिसरों में भी सुरक्षात्मक कदम उठाए गए। साकेत बार एसोसिएशन के सचिव अनिल बसोया ने बताया कि एहतियात के तौर पर कोर्ट की कार्रवाई दो घंटे के लिए रोकी गई, जिसे लंच के बाद पुनः शुरू कर दिया जाएगा।   अफवाह निकली धमकी, फिर भी बढ़ाई गई सुरक्षा   अब तक की गई जांच में किसी भी स्थान पर कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। धमकी वाले ईमेल को प्रारंभिक जांच में अफवाह माना गया है, लेकिन पुलिस ने ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल को भी सक्रिय कर दिया है। राष्ट्रीय राजधानी में सभी जिला अदालतों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।   हालिया धमकियों की कड़ी और पिछले सप्ताह के विस्फोट से जुड़ाव की जांच   दिल्ली में हाल के दिनों में धमकी भरे ईमेलों का यह दूसरा प्रमुख मामला है। यह घटनाएं उस समय सामने आई हैं, जब कुछ ही दिन पहले दिल्ली में हुंडई i20 कार में हुए धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई थी। ऐसे में पुलिस किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही।   पुलिस की अपील   दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से शांत रहने, अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की है।  

अन्य खबरे

कोविड मृत्यु बीमा दावा खारिज करना पड़ा महंगा, मैक्स लाइफ को 1 करोड़ रुपये भुगतान का आदेश
छत्तीसगढ़ शासन में आईएएस अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल, प्रशासनिक आदेश जारी
रायपुर–ओडिशा रेल रूट पर बड़ा असर: यार्ड रीमॉडलिंग के चलते 4 पैसेंजर ट्रेनें रद्द
जांजगीर-चांपा: ट्रक ड्राइवर से लूटपाट, आदतन अपराधी गिरफ्तार
शादी का झांसा देकर 13 साल की नाबालिग से दुष्कर्म, आरोपी सुनील कश्यप गिरफ्तार
सड़क सुरक्षा से सेवा तक: चिरमिरी पुलिस की पहल, रक्तदान शिविर में उमड़ा जनसैलाब।