कोरबी चोटिया -बेबी एलीफेंट का जन्म हुआ नए मेहमान के आने से वन विभाग में हर्ष व्याप्त

लोक सदन कोरबी चोटिया:- कटघोरा वन मंडल में 66 हाथियों का दल विचरण कर रहा है, जहां केंदई, रेंज के अंतर्गत कोरबी चोटिया सर्किल के सखोदा,बीट जंगल में 26 हाथियों की झुंड में से एक मादा हथिनी ने आज लगभग 12 बजे दोपहर में एक बेबी एलीफेंट को जन्म दिया है, इसकी खबर मिलते ही डी. एफ. ओ. कुमार निशांत, ने केंदई, रेंज के ग्राम सखोदा, में दौरा कर जन्मे एक नन्हा बेबी एलीफेंट, के संबंध में डियुटी में तैनात परिक्षेत्र सहायक सुनील डीक्सेना, पंकज खैरवार,, प्रीतम पुराइन, एवं अपने आला अधिकारियों को एलर्ट जारी रखने का सख्त निर्देश दिया गया है,इस संबंध में कोरबी परिक्षेत्र सहायक सुनील डीक्सेना, ने बताया कि आज दिनांक 9 सितंबर मंगल वार,को सखोदा जंगल में एक मादा हथिनी ने स्वस्थ रूप से एक नन्हा सा बेबी एलीफेंट बच्चे को जन्म दी है जिसका ( आंवर) विभाग को मौके से बरामद हुई हैं जिसमें अब पुरे डिवीजन के अलग-अलग क्षेत्रों में एक मेहमान के आने से 67 हाथियों की संख्या दर्ज की गई है!

कोरबा जिले के ग्राम पंचायत बसीबार में हैजे का प्रकोप, सैकड़ों लोग बीमार

    कोरबा। जिले के ग्राम पंचायत बसीबार में हैजे का प्रकोप फैलने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। अब तक लगभग 80 लोग बीमार हो चुके हैं। स्थिति को गंभीर देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में ही स्वास्थ्य शिविर (कैंप) लगाकर मरीजों का उपचार शुरू कर दिया है।   जानकारी के अनुसार, अब तक कई मरीजों को उपचार के बाद घर भेजा जा चुका है, जबकि करीब 20 गंभीर रोगियों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाली रेफर किया गया है। बाकी मरीजों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।   स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गांव में दवाइयों का वितरण, आवश्यक जांच और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही लोगों को उबालकर पानी पीने और खानपान में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।   स्थानीय प्रशासन ने भी हालात पर नजर बनाए रखते हुए गांव में एहतियाती उपाय तेज कर दिए हैं, ताकि बीमारी और न फैले।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली में प्रसव कार्य के लिए वसूली का मामला, गरीब परिजनों से 4 हजार रुपए लेने की बात सामने आई । जिला पंचायत सभापति के सख्त निर्देश के बाद भी नहीं सुधार रहे हालत

कोरबा – पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली में स्वास्थ्य सेवाओं की आड़ में मरीजों के परिजनों से पैसों की जबरन वसूली का मामला एक बार फिर सामने आया है। पीड़ित परिजन ने बताया कि अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर और स्टाफ नर्स ने प्रसव कार्य के लिए हजारों रुपए की मांग की और अंततः 4 हजार रुपये लेने के बाद ही प्रसव कार्य कराया गया।   ग्राम सेंदरीपाली निवासी पीड़ित कीर्ति सिंह खैरवार ने बताया कि दिनांक 08 सितंबर 2025 को वह अपनी बहू अशोक कुमारी खैरवार को प्रसव हेतु अस्पताल लेकर आए थे। इस दौरान अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर ने 5 हजार रुपये की मांग की और मोलभाव के बाद 4 हजार रुपये में सहमति बनी। यह रकम अस्पताल परिसर में पदस्थ स्टाफ नर्स को दी गई। परिजन ने स्पष्ट कहा कि यह सरकारी अस्पताल गरीबों की सेवा के लिए है, लेकिन यहां खुलेआम जबरन वसूली हो रही है।   गौरतलब है कि हाल ही में जिला पंचायत कोरबा की स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास सभापति माया रूपेश कंवर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली का औचक निरीक्षण किया था। उस समय उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के रवैए और व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कड़े निर्देश दिए थे कि प्रसव कार्य पूरी तरह निःशुल्क किए जाएं, मरीजों के साथ किसी प्रकार की आर्थिक लेन-देन की स्थिति न बने और गंभीर बीमारियों के उपचार में कोई लापरवाही न हो। निरीक्षण के दौरान ही उन्होंने सिजेरियन डिलीवरी न होने, आपातकालीन बिजली व्यवस्था की कमी और स्टाफ की लापरवाहियों पर नाराज़गी जताई थी।   इसके बावजूद अस्पताल स्टाफ द्वारा प्रसव कार्य के नाम पर पैसों की मांग और वसूली की बात सामने आना यह दर्शाता है कि स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। इससे पहले भी अस्पताल से जुड़ी ऐसी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन कार्यवाही के अभाव में स्थिति जस की तस बनी हुई है।   गरीब मरीजों से इस तरह की जबरन वसूली न केवल सरकारी योजनाओं की धज्जियां उड़ाती है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर आमजन का भरोसा भी तोड़ रही है। यह मामला स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है और अब देखना होगा कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारी इस पर क्या ठोस कदम उठाते हैं।

माटी अधिकार मंच ने किया गेट जाम, समस्या समाधान हेतु त्रिपक्षीय वार्ता पर बनी सहमति

  लोक सदन कोरबा – कुसमुंडा माटी अधिकार मंच ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 9 सितंबर को एसईसीएल कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष गेट जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन में कुसमुंडा क्षेत्र के सैकड़ों विस्थापित एवं प्रभावित ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान महाप्रबंधक संचालन श्री राय ने वार्ता की पहल की, लेकिन माटी अधिकार मंच के अध्यक्ष ब्रजेश श्रीवास ने साफ कहा कि 10 सूत्रीय मांग पत्र में अधिकांश विषय राज्य शासन से संबंधित हैं। ऐसे में प्रबंधन अकेले किसी समस्या का समाधान नहीं कर सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी ठोस निर्णय के लिए प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी आवश्यक है।   प्रबंधन द्वारा प्रारंभिक आना-कानी के बाद प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा हुई और अंततः 16 से 20 सितंबर के बीच त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित करने की सहमति बनी। इसमें एसडीएम कटघोरा, एसईसीएल प्रबंधन, संगठन पदाधिकारी और प्रभावित ग्रामीण शामिल होंगे। गेट जाम आंदोलन में प्रमुख रूप से रवि यादव, प्रताप सिंह कंवर, सूर्यभवन सिंह, राजेंद्र पटेल, पवन पटेल, देवाशीष, बृजलाल, विनोद श्रीवास, ध्रुव कुमार, मोहन पटेल, कृष्ण कुमार कंवर, मनोज कुमार, सुदामा, अजय, छोटे लाल साहू, मनीष, मया राम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

मुंगेली में NHM संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का 23वें दिन जल सत्याग्रह

  लोक सदन   आपने बनाया है तो संवारोगे कब” थीम पर कल भाजपा कार्यालय के सामने जोरदार रैली   मुंगेली- एनएचएम के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल सोमवार को 23वें दिन भी जारी रही। आगर खेल परिसर से रैली निकालकर कर्मचारियों ने पुलघाट स्थित आगर नदी में उतरकर जल सत्याग्रह किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।   कर्मचारियों का कहना है कि अब वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस निर्णय चाहते हैं। जब तक 10 सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। बुधवार को संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी “आपने बनाया है तो संवारोगे कब” थीम पर सवाल रैली निकालकर ज़िला भाजपा कार्यालय के सामने प्रदर्शन करेंगे।   जिला अध्यक्ष पवन निर्मलकर ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा चुनावी वादों को भूल चुकी है। “मोदी की गारंटी” के नाम पर संविदा कर्मचारियों को 100 दिनों में नियमित करने का वादा किया गया था, लेकिन 20 महीनों और 160 से अधिक ज्ञापन देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।   संघ पदाधिकारी डॉ. शशांक, डॉ. वाद्यकार, डॉ. पाण्डेय और डॉ. भास्कर ने कहा कि कर्मचारियों का गुस्सा अब चरम पर है। यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो विधानसभा घेराव के साथ-साथ मंत्रियों और विधायकों के घरों के बाहर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।   इस अवसर पर बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे।

कोरबा जिले के दर्री में सालेम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की बदहाल स्थिति, बच्चों को खुद लाना पड़ता है पानी, पंखे व साफ-सफाई में भी भारी कमी

लोक सदन कोरबा। जिले के दर्री क्षेत्र स्थित सालेम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की जर्जर स्थिति ने एक बार फिर शिक्षा विभाग की अनदेखी उजागर कर दी है। विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों ने खुलासा किया है कि परिसर में पीने योग्य स्वच्छ पानी की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। मजबूरीवश बच्चों को रोजाना घर से पानी लाना पड़ता है।   बरसात के दिनों में स्थिति और भी दयनीय हो जाती है। विद्यालय भवन की दीवारों और छत से लगातार पानी का रिसाव (सीपेज) होता है, जिससे कक्षाएं बदहाल हो जाती हैं। वीडियो फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि दीवारों व छत से पानी टपक रहा है और पढ़ाई का माहौल बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।   छात्रों का आरोप है कि विद्यालय परिसर में संचालित एक निजी स्कूल संचालक सिर्फ फीस वसूलने में रुचि रखते हैं, जबकि साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जाता। कक्षाओं की स्थिति भी चिंताजनक है। ज्यादातर पंखे खराब हैं और कुछ पंखों में मकड़ी के जाले तक लगे हुए हैं। गर्मी के दिनों में छात्रों के लिए कक्षा में बैठना असहनीय हो जाता है। साफ-सफाई की स्थिति भी अत्यंत खराब है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ गए हैं।   स्थानीय अभिभावकों ने जिला शिक्षा विभाग से मांग की है कि तुरंत कार्रवाई कर विद्यालय में बुनियादी ढांचे की मरम्मत कराई जाए, ताकि बच्चों को पढ़ाई के लिए स्वस्थ और सुरक्षित माहौल मिल सके। अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान देता है या फिर बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ यूं ही जारी रहेगा।   📌 शिक्षा ही राष्ट्र का भविष्य है – ऐसे हालात में भविष्य खतरे में न जाए, इसके लिए त्वरित समाधान आवश्यक है।  

नगर निगम की लापरवाही, गौसेवकों ने किया स्ट्रीट डॉग का अंतिम संस्कार

लोकसदन भागीरथी यादव कोरबा- दर्री एनटीपीसी सिल्वर जुबली के पास एक स्ट्रीट डॉग के निधन की सूचना मिलने पर गौ सेवक निशांत सिंह ने तुरंत पहल करते हुए नगर निगम को जानकारी दी। मृत डॉग को निगम कार्यालय तक छोड़कर यह आग्रह किया गया कि अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जाए। निगम कर्मचारियों की ओर से जवाब मिला कि फिलहाल गाड़ी उपलब्ध नहीं है, 2–4 घंटे में कार्रवाई की जाएगी। लेकिन पूरा दिन गुजर जाने के बाद भी कोई व्यवस्था नहीं की गई। अंततः गौ सेवकों को स्वयं मौके पर जाकर गड्ढा खोदकर डॉग का अंतिम संस्कार करना पड़ा।   गौ सेवकों का कहना है कि यह पहली बार नहीं हुआ है। कई बार ऐसी स्थिति में मृत गाय और अन्य मवेशियों के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी भी उन्हें खुद ही उठानी पड़ती है।

आदित्य सिंह उर्फ आदि की गुंडई ने उड़ाया कानून की धज्जियां, फरार आरोपियों पर पुलिस की खामोशी से बढ़ा जनआक्रोश”

  लोकसदन कोरबा। कोरबा सिटी कोतवाली में दर्ज एक गंभीर प्राथमिकी में अज्ञात आरोपियों की पहचान आदित्य सिंह, सौरभ सिंह उर्फ चिक्की, पंकज सोनी, विकास यादव, शुभम शुक्ला, सौरभ सिंह राजपूत, सोमनाथ गुप्ता उर्फ सोमू एवं अन्य के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी अब तक फरार हैं, जबकि इनके खिलाफ पहले से भी आपराधिक रिकॉर्ड मौजूद है।   प्रार्थी मो. यासीन ने अपनी एफआईआर में बताया कि दिनांक 05 जुलाई 2025 की रात करीब 02:00 बजे उसके घर में अज्ञात आरोपियों ने घुसकर गंदी गालियाँ दीं और जान से मारने की धमकी दी। जिस पर पुलिस ने बीएनएस की धारा ३३३,२९६,३५१(२),३(५) पर अपराध दर्ज किया पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी रिकॉर्ड भी मौजूद है। बावजूद इसके पुलिस द्वारा अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है। प्राथमिकी में स्पष्ट रूप से आरोपियों के नाम दर्ज किए गए हैं, लेकिन पुलिस की सुस्त प्रतिक्रिया से जन-हृदय में भारी आक्रोश व्याप्त है। प्रार्थी ने पुलिस प्रशासन से तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है ताकि आरोपी सलाखों के पीछे जा सकें। उन्होंने यह भी बताया कि लगातार धमकियाँ मिलने से उनका और उनके परिवार का जीवन खतरे में है। इसके साथ ही उन्होंने जल्द कार्रवाई न होने की स्थिति में उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाने का भी आशय व्यक्त किया है। जनता और समाजसेवी इस निष्क्रियता पर सवाल उठा रहे हैं। आरोपियों की पहचान सामने आने के बावजूद कार्रवाई नहीं करना, पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। यह मामला प्रशासन की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को परखने वाला बन गया है।   एफआईआर की कॉपी रिपोर्ट के साथ संलग्न की गई है ताकि मामले की सत्यता साबित हो सके।

कोरबा पुलिस विभाग में गहरा शोक

लोक सदन भागीरथी यादव कोरबा – पुलिस विभाग इस समय गहरे शोक से गुजर रहा है। हाल ही में हुई कई दर्दनाक घटनाओं ने पूरे पुलिस परिवार को सदमे में डाल दिया है।   27 वर्षीय आरक्षक सुरेंद्र लहरे का आकस्मिक निधन विभाग के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। एमटी शाखा में पदस्थ और डीएसपी प्रतिभा मरकाम के ड्राइवर के रूप में कार्यरत सुरेंद्र को अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।   सुरेंद्र की शादी को कुछ ही साल हुए थे और वह अपने पीछे 8 महीने के शिशु सहित पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके मिलनसार और सहृदय स्वभाव के कारण साथी कर्मचारी उन्हें बेहद सम्मान की दृष्टि से देखते थे। विभागीय अधिकारियों ने शोकाकुल परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है।   यह दुखद घटना ऐसे समय हुई है जब पुलिस लाइन में रहने वाले तीन पुलिसकर्मियों के बच्चों की तालाब में डूबने से मौत और टीआई मंजूषा पांडे के असामयिक निधन ने पहले ही पुलिस परिवार को गहरे आघात में डाल रखा था।   लगातार हो रही इन घटनाओं ने पूरे पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है और विभाग में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है।  

स्कूल परिसर में पानी भराव, बच्चों की पढ़ाई पर संकट

लोक सदन भागीरथी यादव कोरबा। दर्री अयोध्यापुरी स्थित शासकीय प्राथमिक शाला की स्थिति इन दिनों गंभीर चिंता का विषय बन गई है। बरसात के मौसम में स्कूल परिसर पूरी तरह जलभराव से घिर जाता है, जिससे बच्चों और शिक्षकों को स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।   विद्यालय भवन की दीवारों पर सीलन और जर्जर हालत साफ दिखाई देती है। अभिभावकों का कहना है कि इस माहौल में बच्चों की पढ़ाई तो प्रभावित हो ही रही है, साथ ही बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है MIC सदस्य का हस्तक्षेप   एम.आई.सी. सदस्य सरोज शांडिल्य ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए ज़ोन कमिश्नर को तत्काल निर्देश दिए हैं कि—   पानी निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए।   स्कूल भवन की मरम्मत व साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए।   सालों से अटके कार्यों को शीघ्र पूरा कराया जाए   जोन कमिश्नर से सवाल   ठेकेदार द्वारा कार्यों में हो रही देरी पर निगम प्रशासन की क्या कार्यवाही है?   क्या निगम प्रशासन के पास पर्याप्त धन की कमी है?   आखिर दर्री ज़ोन में बड़े काम दिलाने में हमेशा असमर्थ क्यों रहता है प्रशासन?       —   ग्रामीणों की चेतावनी   ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि समय रहते स्कूल की स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।     —   पार्षद पर भी सवाल   ग्रामीणों ने पार्षद से भी सीधा सवाल किया है— 👉 “क्या दर्री क्षेत्र में एक भी बड़ा काम नहीं होगा? 👉 क्या हमेशा की तरह इस बार भी कोरबा शहर में ही विकास कार्य होंगे और दर्री क्षेत्र उपेक्षित ही रह जाएगा?”    

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