सीबीआई चार्जशीट ने किया बड़ा खुलासा: बिरनपुर हिंसा में भाजपा की सियासी पटकथा का पर्दाफाश, कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा

भूषण प्रसाद श्रीवास

बिलासपुर: बिरनपुर हिंसा मामले में सीबीआई द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जांच रिपोर्ट ने भाजपा की “सांप्रदायिक राजनीति” का असली चेहरा उजागर कर दिया है।

 

कांग्रेस भवन में आयोजित संयुक्त प्रेसवार्ता में पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष थानेश्वर साहू, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी और शहर अध्यक्ष विजय पांडे ने कहा कि सीबीआई रिपोर्ट के अनुसार बिरनपुर की घटना केवल दो बच्चों के बीच हुए मामूली झगड़े से शुरू हुई थी, जो दो परिवारों तक सीमित थी। लेकिन भाजपा ने इसे “जानबूझकर सांप्रदायिक रूप” देकर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश की।

 

थानेश्वर साहू ने कहा, “सीबीआई की चार्जशीट ने साफ किया है कि यह कोई पूर्व नियोजित साजिश नहीं थी। बावजूद इसके भाजपा नेताओं ने घटना को भड़काने और उसे चुनावी मुद्दा बनाने का काम किया।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने सीबीआई जांच के दायरे को जानबूझकर सीमित रखा ताकि घटना के बाद हुए राजनीतिक षड्यंत्र की जांच ही न हो सके।

 

भाजपा का काला चेहरा सामने आया: कांग्रेस

 

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा ने उस समय राज्य में जातीय और सांप्रदायिक तनाव फैलाने की रणनीति अपनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने घटनास्थल पर भड़काऊ भाषण दिए, जिससे हिंसा और आगजनी भड़की।

 

कांग्रेस ने कहा कि भाजपा ने इस घटना को अपने चुनावी एजेंडे में शामिल कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के भाषणों में इसे धार्मिक विवाद के रूप में पेश कराया।

 

सहानुभूति बटोरने की चाल

 

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा ने मृतक भुनेश्वर साहू के पिता ईश्वर साहू को टिकट देकर “सहानुभूति लहर” पैदा करने की कोशिश की।

सीबीआई रिपोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस सरकार की कार्रवाई सही थी और जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया, वे सीधे तौर पर घटना में शामिल थे। रिपोर्ट में अंजोर यदु का कहीं उल्लेख नहीं है, जबकि भाजपा ने उनका नाम उछालकर समुदाय विशेष को भड़काने का प्रयास किया।

 

कांग्रेस की मांग — माफी और इस्तीफा जरूरी

 

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा की साजिश से न केवल राज्य की सामाजिक एकता को नुकसान हुआ, बल्कि कांग्रेस सरकार की छवि को भी गलत तरीके से बदनाम किया गया।

उन्होंने कहा, “अगर अरुण साव में नैतिकता है, तो उन्हें उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर जनता से माफी मांगनी चाहिए।”

साथ ही कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह से भी अपने “भड़काऊ बयानों” के लिए छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगने की मांग की।

 

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