
✍️ भागीरथी यादव
राजनांदगांव पुलिस ने शहर में दहशत फैलाने वाले कुख्यात ‘चार्ली गैंग’ का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी शिवम सिन्हा उर्फ चार्ली समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 पिस्टल, 2 देशी कट्टे और 1 जिंदा कारतूस बरामद किया है।
यह कार्रवाई चिखली चौकी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने की। पुलिस के मुताबिक 12 फरवरी 2026 को शंकरपुर क्षेत्र से सूचना मिली थी कि डब्बा मैदान कब्रिस्तान के पास एक युवक अपने साथियों के साथ हथियार लहराकर लोगों को डरा-धमका रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया गया।
पूछताछ में मुख्य आरोपी शिवम सिन्हा (26) ने बताया कि उसने अपने साथी विक्की देशमुख के साथ मिलकर मध्यप्रदेश के धार-बड़वानी क्षेत्र से अवैध हथियार खरीदे थे। जांच के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम सामने आए, जिसके बाद साइबर सेल की मदद से दुर्ग और धमतरी तक कार्रवाई कर शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार, गैंग के अधिकांश सदस्यों पर पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं—
शिवम सिन्हा उर्फ चार्ली पर मारपीट और प्रतिबंधात्मक धाराओं के कई केस दर्ज हैं।
डिगम्बर साहू उर्फ छोटू (27) पर मारपीट और अवैध वसूली के मामले हैं।
सेवक कश्यप उर्फ डाला (22) आर्म्स एक्ट और मारपीट के मामलों में संलिप्त रहा है।
गुंजेश वर्मा उर्फ शिवा (26) और विक्की देशमुख उर्फ मोनू (25) पर छेड़खानी और धमकी के केस दर्ज हैं।
जतीनदास मानिकपुरी (27) को पिस्टल के साथ पकड़ा गया।
उमेश साहू उर्फ बठालू (26) हत्या के प्रयास (धारा 307) का पुराना आरोपी है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 व 27 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि शहर में अवैध हथियार और असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।






