
✍️ भागीरथी यादव
केरल के पलक्कड़ जिले से आई एक हृदयविदारक खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। रोज़गार की तलाश में घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर गए छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के निवासी रामनारायण बघेल की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। चोरी के झूठे आरोप और बांग्लादेशी होने के संदेह ने एक मेहनतकश मजदूर की जान ले ली।
इस मॉब लिंचिंग की घटना के बाद केरल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पलक्कड़ जिले के एसपी अजीत कुमार ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और घटना में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
“न्याय मिलेगा” – मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन
केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने इस घटना को बेहद चिंताजनक और शर्मनाक बताते हुए मृतक के परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि वालयार में हुई यह भीड़ हिंसा केरल जैसे प्रगतिशील राज्य की छवि को धूमिल करती है और किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला पुलिस प्रमुख के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) गठित कर जांच शुरू कर दी गई है।
छत्तीसगढ़ सरकार का संवेदनशील कदम
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे अमानवीय और सभ्य समाज के लिए शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा—
“केरल के पलक्कड़ में छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर रामनारायण बघेल जी के साथ हुई यह दुर्भाग्यपूर्ण और अत्यंत अमानवीय घटना मुझे गहराई से व्यथित करती है। किसी निर्दोष नागरिक के साथ इस तरह की हिंसा अस्वीकार्य है।”
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही परिजनों को तत्काल केरल भेजा गया और रामनारायण का पार्थिव शरीर सम्मानपूर्वक उनके गृह ग्राम लाने की व्यवस्था की गई है। मंगलवार को पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से छत्तीसगढ़ लाया जाएगा।
सवाल जो रह गए…
एक गरीब मजदूर, जो अपने परिवार का भविष्य संवारने निकला था, वह कभी वापस नहीं लौट सका। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है—
क्या शक, नफरत और अफवाहें इंसान की जान से बड़ी हो गई हैं?
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या रामनारायण को और उसके परिवार को सच में न्याय मिले






