छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, दो मामलों में मिली जमानत

✍️ भागीरथी यादव 

 

बिलासपुर।

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी कानूनी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और ACB/EOW द्वारा दर्ज दोनों मामलों में जमानत दे दी है। यह फैसला हाईकोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने सुनाया।
कोर्ट ने 19 दिसंबर 2025 को इस मामले में फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाया गया है।


कितने मामलों में मिली जमानत?

हाईकोर्ट ने चैतन्य बघेल को दो अलग-अलग मामलों में जमानत दी है—
ईडी द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग का मामला
छत्तीसगढ़ ACB/EOW द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार का मामला
इन दोनों मामलों में चैतन्य बघेल को राहत मिलने के बाद उनकी करीब पांच महीने की न्यायिक हिरासत समाप्त होने का रास्ता साफ हो गया है।
18 जुलाई को हुई थी गिरफ्तारी
प्रवर्तन निदेशालय ने 18 जुलाई 2025 को चैतन्य बघेल को दुर्ग-भिलाई से गिरफ्तार किया था। ईडी ने उन पर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए थे। इसके बाद सितंबर 2025 में ACB/EOW ने भी उन्हें जेल में रहते हुए गिरफ्तार किया था।

भूपेश बघेल का बयान: ‘सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं’
जमानत के फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा—
“मैं शुरू से कहता आ रहा हूं कि हमें ईडी, ईओडब्ल्यू और सीबीआई के जरिए लगातार परेशान किया जा रहा है। आज फिर साबित हुआ कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता।”
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्टी नेतृत्व का समर्थन के लिए आभार भी जताया।

कांग्रेस का आरोप: राजनीतिक प्रतिशोध

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा—
“हमें पूरा विश्वास था कि देर जरूर होगी, लेकिन न्याय मिलेगा। यह बड़ी कानूनी जीत है।”
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा और केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को डराने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
कांग्रेस में जश्न, भाजपा पर हमला
फैसले के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई।

भिलाई नगर विधायक और कांग्रेस प्रवक्ता देवेंद्र यादव ने कहा—

“जो भी भाजपा और पूंजीवाद के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे दबाने की कोशिश की जाती है। लेकिन सच आखिरकार सामने आता है।”
ईडी का दावा: 3200 करोड़ का शराब घोटाला
प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया है कि 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में करीब 3200 करोड़ रुपये का शराब घोटाला हुआ। ईडी के अनुसार—
शराब सिंडिकेट के जरिए अवैध कमाई
राज्य के खजाने को भारी नुकसान
कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और कारोबारी आरोपी
ईडी ने आरोप लगाया कि चैतन्य बघेल को करीब 20 करोड़ रुपये की अवैध रकम मिली।
29,800 पन्नों की चार्जशीट
ईडी ने 26 दिसंबर 2025 को शराब घोटाले से जुड़ी 29,800 पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। एजेंसी का दावा है कि चार्जशीट में मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सबूत शामिल हैं।

सौम्या चौरसिया पर भी शिकंजा

ईडी ने मुख्यमंत्री कार्यालय की पूर्व उपसचिव सौम्या चौरसिया को घोटाले की अहम कड़ी बताया है। उन्हें शराब घोटाले में मध्यस्थ की भूमिका में आरोपी बनाया गया है।
17 दिसंबर 2025 को उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया गया और वे फिलहाल जेल में हैं।

 

 

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