
✍️ भागीरथी यादव
धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई, ईडी ने बताया — चैतन्य बघेल थे शराब सिंडिकेट के शीर्ष पर
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ईडी की बड़ी कार्रवाई, राज्य की राजनीति में हलचल
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की ₹61.20 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क कर ली है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। ईडी की इस कार्रवाई से राज्य की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है।
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364 प्लॉट और बैंक खातों पर लगी रोक
ईडी ने बताया कि कुर्क की गई संपत्तियों में ₹59.96 करोड़ मूल्य की 364 आवासीय और कृषि भूमि शामिल हैं। इसके अलावा, ₹1.24 करोड़ की चल संपत्तियां बैंक खातों और सावधि जमा के रूप में जब्त की गई हैं। यह कार्रवाई उन संपत्तियों पर केंद्रित है, जिन्हें ईडी ने “अपराध से अर्जित आय (POC)” बताया है।
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2500 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़ी है जांच
ईडी के मुताबिक, यह कुर्की छत्तीसगढ़ में चल रहे कथित 2500 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़ी जांच का हिस्सा है। एजेंसी ने कहा कि अपराध की इस आय को विभिन्न माध्यमों से रियल एस्टेट और अन्य व्यावसायिक संपत्तियों में निवेश किया गया था।
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ईडी का दावा — चैतन्य बघेल थे शराब सिंडिकेट के शीर्ष पर
ईडी की जांच में दावा किया गया है कि चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के शीर्ष पर कार्यरत थे। पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र होने के कारण उन्हें “अंतिम नियंत्रक और निर्णयकर्ता” की भूमिका दी गई थी।
एजेंसी के अनुसार, शराब कारोबार से जुटाए गए अवैध धन के संग्रह, चैनलाइजेशन और वितरण से जुड़े प्रमुख फैसले चैतन्य बघेल के निर्देश पर लिए जाते थे।
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रियल एस्टेट में लगाया गया अवैध धन
ईडी की रिपोर्ट के अनुसार, चैतन्य बघेल ने कथित रूप से शराब घोटाले से प्राप्त अवैध धन को अपने रियल एस्टेट कारोबार “मेसर्स बघेल डेवलपर्स” के माध्यम से वैध दिखाने की कोशिश की।
उन्होंने इस राशि का उपयोग “विट्ठल ग्रीन” नामक रियल एस्टेट परियोजना में किया। ईडी ने बताया कि इस तरह घोटाले से कमाई गई रकम को वैध निवेश के रूप में पेश किया गया।
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18 जुलाई 2025 को हुई गिरफ्तारी, अब न्यायिक हिरासत में
ईडी ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया था। फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।
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पूर्व आबकारी मंत्री और अन्य अफसर भी गिरफ्तार
इस घोटाले में पहले भी कई बड़े नाम सामने आ चुके हैं।
ईडी ने अब तक पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी (आईटीएस) और कवासी लखमा (तत्कालीन आबकारी मंत्री और विधायक) को गिरफ्तार किया है।
ईडी ने कहा कि चैतन्य बघेल की संपत्ति की यह कुर्की, पहले से कुर्क की गई ₹215 करोड़ की अचल संपत्तियों का हिस्सा है।
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ईडी ने कहा — जांच जारी रहेगी
ईडी ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े धन शोधन के मामले में जांच अभी जारी है। एजेंसी ने कहा कि और भी संपत्तियां व व्यक्तियों की भूमिका सामने आ सकती है।






