
👌 भागीरथी यादव
गांधीनगर/रायपुर।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज गुजरात की राजधानी गांधीनगर स्थित NAMTECH (National Advanced Manufacturing Technology Institute) का भ्रमण किया। यह संस्थान मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी की पढ़ाई को नवीन और व्यावहारिक तरीके से सिखाने के लिए प्रसिद्ध है।
मुख्यमंत्री ने संस्थान के विभिन्न विभागों, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और तकनीकी सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने छात्रों से बातचीत कर यह जाना कि वे प्रोजेक्ट्स और मशीनों पर कार्य करते हुए किस प्रकार व्यावहारिक ज्ञान अर्जित कर रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में स्थापित होंगे आधुनिक तकनीकी संस्थान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पवित्र भूमि है, जिसने देश को विकास, आत्मनिर्भरता और नवाचार का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ में भी ऐसे संस्थान स्थापित हों, जहाँ युवाओं को आधुनिक तकनीक, औद्योगिक प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर मिलें।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब आईटीआई कॉलेजों को आधुनिक रूप देने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और डिजिटल ट्रेनिंग जैसी नई तकनीकों को शिक्षा व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा,
> “युवा छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताक़त हैं। हम ऐसे युवाओं को तैयार कर रहे हैं जो नई सोच और आधुनिक तकनीक के साथ विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करेंगे।”
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छत्तीसगढ़ और NAMTECH के बीच सहयोग की नई पहल
NAMTECH संस्थान के प्रबंधन ने मुख्यमंत्री को बताया कि गुजरात में उन्होंने एक नेटवर्क मॉडल विकसित किया है, जिसके तहत कॉलेजों को आपस में जोड़कर शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाया गया है। इस मॉडल से छात्र नई तकनीक सीखकर सीधे उद्योगों में काम करने में सक्षम हो रहे हैं।
प्रबंधन ने मुख्यमंत्री को यह भी आश्वासन दिया कि वे छत्तीसगढ़ में भी सहयोग करने के इच्छुक हैं। प्रस्तावित योजना के अनुसार राज्य के कुछ आईटीआई कॉलेजों को जोड़कर एक नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे हर वर्ष लगभग 10,000 युवाओं को नई तकनीक और औद्योगिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा सकेगा।
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भविष्य की दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में आधुनिक मशीनें, स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल ट्रेनिंग लैब्स शुरू की जाएंगी, ताकि विद्यार्थी शिक्षा के साथ वास्तविक कार्य कौशल विकसित कर सकें।
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इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव श्री एस. भारतीदासन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।






