
✍️ भागीरथी यादव
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पूर्व उपसचिव सौम्या चौरसिया और कारोबारी निखिल चंद्राकर की 2.66 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।
ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय ने बताया कि अवैध कोयला शुल्क वसूली और जबरन वसूली से अर्जित अपराध की आय से खरीदी गई आठ अचल संपत्तियों पर अंतिम कुर्की आदेश जारी किया गया है। कुर्क की गई संपत्तियों में जमीन और आवासीय फ्लैट शामिल हैं, जिन्हें जांच के अनुसार आरोपितों ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर खरीदा था।
शराब घोटाले में भी आरोप, हाईकोर्ट में सुनवाई आज
गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया शराब घोटाला केस में भी आरोपित हैं। मंगलवार को उनकी जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। ऐसे समय में ईडी की यह कार्रवाई राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा रही है।
ईडी का दावा: अपराध की कमाई से खड़ी की गई संपत्ति
ईडी का कहना है कि जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि कोल लेवी के नाम पर की गई अवैध वसूली से हासिल रकम को रियल एस्टेट में निवेश कर वैध बनाने की कोशिश की गई। दस्तावेजी सबूतों के आधार पर एजेंसी ने इन संपत्तियों को अपराध की आय मानते हुए कुर्क किया है।
बढ़ता शिकंजा, गहराती जांच
कोल लेवी घोटाले में यह कार्रवाई संकेत देती है कि जांच एजेंसियां अब आर्थिक लाभ उठाने वालों की संपत्तियों तक सीधे पहुंच बना रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासों तथा कार्रवाइयों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।






