
सुशील जायसवाल
कोरबी चोटिया।
कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम पंचायत अडसरा स्थित रानी अटारी एवं विजय वेस्ट भूमि-गत कोयला खदान में ठेका मजदूरों का शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। यहां जे.एम.एस. कंपनी के तहत कार्यरत 100 से अधिक स्थानीय मजदूर 15 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिससे कोयला उत्पादन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

ठेकेदार पर जबरन वसूली का आरोप
मजदूरों का कहना है कि जून 2025 में उनके बैंक खातों में मजदूरी राशि प्रति हाजिरी 1316 रुपये की दर से जमा की गई थी, लेकिन साइट मुंशी के जरिए ठेकेदार परमानंद कुमार ने जबरन 658 रुपये प्रति हाजिरी वापस ले लिए। यही नहीं, मजदूरों को सुरक्षा उपकरणों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी केवल साल में एक बार ड्रेस, हेलमेट और गंबुट उपलब्ध कराती है, जो खराब होने पर मजदूरों को अपने खर्चे से खरीदना पड़ता है।

कंपनी प्रबंधन पर संरक्षण का आरोप
मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश मिश्रा और बिलिंग सेक्शन के कर्मचारी ठेकेदार को संरक्षण दे रहे हैं। यही कारण है कि वर्षों से यह शोषण का सिलसिला जारी है।
सूचना अधिकार से मांगी गई जानकारी
जनपद सदस्य संतोष मरावी ने एसईसीएल रानी अटारी चिरीमिरी क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय से सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत ठेकेदारों को किए गए भुगतान, श्रमिकों की सूची, मजदूरी, पीएफ कटौती और श्रमिकों के पीएफ नंबर की जानकारी मांगी है।
मजदूरों की आरपार की लड़ाई
ठेका मजदूरों ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। अनिश्चितकालीन हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन के कारण रानी अटारी और विजय वेस्ट माइंस में कोयला उत्पादन बंद हो गया है, जिससे कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।






