
✍️ भागीरथी यादव
बलौदाबाजार।
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आगामी 15 नवंबर 2025 से प्रारंभ होने वाली धान खरीदी की तैयारियों को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में कृषि, खाद्य, सहकारिता, विपणन, अपेक्स बैंक सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार, मंडी सचिव, नोडल अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी, सहकारी समितियों के प्रबंधक और ऑपरेटर शामिल हुए।
बैठक को सारंगढ़, बरमकेला और बिलाईगढ़ ब्लॉकवार तीन पालियों में आयोजित किया गया, जिसमें कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्रों के भौतिक सत्यापन, उड़नदस्ता दल के गठन, चेक पोस्ट की व्यवस्था, बारदाने की आपूर्ति और धान स्टैकिंग के तौर-तरीकों पर विस्तृत प्रशिक्षण एवं दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर प्रकाश सर्वे, श्रवण कुमार टंडन, सीईओ जिला पंचायत इन्द्रजीत बर्मन, एसडीएम वर्षा बंसल, प्रफुल्ल रजक एवं डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा उपस्थित रहे।
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✅ किसानों की सुविधा सर्वोपरि
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने कहा कि जिले के 86 धान उपार्जन केन्द्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। खरीदी प्रक्रिया सुव्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो। उन्होंने निर्देश दिया कि 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होते ही टोकन सिस्टम के माध्यम से खरीदी की जाए और किसानों को छाया, पेयजल, एवं शौचालय की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
धान खरीदी के दिन ही बारदान सिलाई और धान की किस्मवार स्टैकिंग करने तथा किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
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🚫 अवैध धान पर कलेक्टर की चेतावनी
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि अवैध धान की आवक और खपाने के प्रयासों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले में 33 संवेदनशील उपार्जन केन्द्रों और ओडिशा सीमा क्षेत्र में 21 चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं। इन पर राजस्व, मंडी, खाद्य, वन और पुलिस विभागों की संयुक्त उड़नदस्ता टीम तैनात रहेगी।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अवैध धान पकड़े जाने पर वाहन और धान की जब्ती कर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए और सभी विवरण विभागीय पोर्टल में दर्ज किए जाएं।
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👁️🗨️ कोचियों और बिचौलियों पर निगरानी
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने मंडी अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव और शहर क्षेत्रों के कोचियों व बिचौलियों की सूची तैयार करें और उसे खाद्य अधिकारी एवं एसडीएम को सौंपें। यदि किसी कोचिये द्वारा पंजीकृत किसानों के नाम पर अवैध धान की खरीदी या विक्रय का मामला सामने आता है, तो कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही सभी संवेदनशील उपार्जन केन्द्रों में सीसीटीवी निगरानी की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।





