

रायपुर: राजधानी में बढ़ते अपराधों और चरमराती कानून व्यवस्था के खिलाफ शहर एवं ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
प्रमुख मुद्दे: भय का माहौल और अवैध कारोबार
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि रायपुर अब हत्या, लूट, चाकूबाजी और बलात्कार जैसी घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया गया:
अपराधों में वृद्धि: खुलेआम चाकूबाजी और मारपीट से व्यापारी, महिलाएं और छात्र असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
अवैध गतिविधियां: शहर और ग्रामीण अंचलों में ऑनलाइन जुआ, सट्टा, नशा और अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है।
पुलिसिंग पर सवाल: थानों में बल की कमी और पुलिस की कथित उदासीनता के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
अनावश्यक वसूली: चालान के नाम पर आम जनता से हो रही वसूली को तत्काल रोकने की मांग की गई।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन ने अपराधियों पर लगाम नहीं कसी और अवैध अड्डों को बंद नहीं किया, तो पार्टी जनहित में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
इस दौरान रायपुर शहर अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन, ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे, छाया वर्मा, प्रमोद दुबे, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, एजाज ढेबर और सुबोध हरितवाल सहित कई प्रमुख कांग्रेसी नेता उपस्थित रहे।






