
✍️ भागीरथी यादव
पवन विश्वकर्मा और सुनील निर्मलकर बोले – गरीब बच्चों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़
कोरबा।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 के तहत KG-1, KG-2 एवं नर्सरी कक्षाओं में प्रवेश बंद कर सीधे कक्षा पहली में दाखिले के निर्णय के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। भारतीय युवा कांग्रेस कोरबा (शहर) के जिलाध्यक्ष राकेश पंकज के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की गई।
इस विरोध में युवा नेता पवन विश्वकर्मा एवं कोरबा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुनील निर्मलकर ने भी सरकार के फैसले को जनविरोधी बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी।
युवा नेता पवन विश्वकर्मा ने कहा कि प्रारंभिक बाल शिक्षा बच्चों के मानसिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास की नींव होती है। KG-1, KG-2 और नर्सरी कक्षाओं को समाप्त करना गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से दूर करने जैसा है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय निजी स्कूलों को फायदा पहुंचाने वाला है, जबकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य दांव पर लगाया जा रहा है।
वहीं कोरबा ब्लॉक अध्यक्ष सुनील निर्मलकर ने कहा कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार पहले ही संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं। अब बच्चों को सीधे कक्षा पहली में डालना न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि इससे ड्रॉप-आउट की संख्या भी बढ़ेगी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि समान शिक्षा के अधिकार की भावना को समझते हुए पुराने नियमों को बहाल किया जाए।

ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में कांग्रेस और युवा कांग्रेस आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। नेताओं ने कहा कि बच्चों के भविष्य से कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं को उम्मीद है कि राज्य सरकार इस गंभीर विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर KG-1, KG-2 और नर्सरी में पुनः प्रवेश प्रक्रिया शुरू करेगी, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।






