
✍️ भागीरथी यादव
जांजगीर-चांपा।
न्यायिक प्रक्रिया में भरोसे को झकझोरने वाला मामला सामने आया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, चांपा न्यायालय में पदस्थ कोर्ट मोहर्रिर आरक्षक रंजीत कुमार अनंत को रिश्वतखोरी और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोपों के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता प्रियंका द्वारा पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा को एक गंभीर शिकायत पत्र सौंपा गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरक्षक रंजीत कुमार अनंत ने न्यायालयीन कार्य से जुड़े मामले में तीन हजार रुपये की रिश्वत की मांग की, जिसमें से फोन-पे के माध्यम से 1000 रुपये प्राप्त किए गए, साथ ही शिकायतकर्ता के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रथम दृष्टया जांच के आधार पर आरक्षक रंजीत कुमार अनंत (आर.क्र. 107) को तत्काल निलंबित करते हुए रक्षित केंद्र, जांजगीर-चांपा में संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में संबंधित आरक्षक को नियमानुसार निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
यह कार्रवाई पुलिस विभाग द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनाई गई शून्य सहनशीलता नीति का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है। वहीं, न्यायालय से जुड़े कर्मियों पर लगे इस तरह के आरोपों ने सिस्टम की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले में आगे की जांच और विभागीय कार्रवाई की संभावना से इंकार नहीं किया गया है।






