
कोरबा/पोंडी उपरोड़ा, 18 सितंबर 2025:
पोंडी-उपरोड़ा विकासखण्ड के स्त्रोत समन्वयक (बीआरसीसी) गुलाबदास महंत पर गंभीर आरोपों का मामला तूल पकड़ रहा है। 1 सितंबर 2025 को संकुल शैक्षिक समन्वयकों ने जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत दी थी, जिसमें बीआरसीसी पर पैसों की अवैध मांग और धमकियां देने का आरोप लगाया गया।
शिकायत के अनुसार, महंत द्वारा संकुल अनुदान की राशि मांगी जाती है और पैसा नहीं देने पर भौतिक सत्यापन की धमकी दी जाती है। समन्वयकों का कहना है कि लगातार दबाव और वसूली से वे मानसिक रूप से परेशान हैं और शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
इतना ही नहीं, शिकायत पत्र में उल्लेख है कि—
सत्र 2022-23 और 2023-24 के दौरान भी उगाही की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा प्रशिक्षण हेतु स्वीकृत राशि का गबन कर लिया गया, जबकि शिक्षकों से बिल व वाउचर ले लिए गए।
मरम्मत कार्य, शिविर आयोजन और अन्य कार्यक्रमों में भी प्रधान पाठकों व समन्वयकों से जबरन पैसे वसूले गए।
खनिज न्यास से स्वीकृत गैस चूल्हों की राशि फर्म को न देकर व्यक्तिगत वसूली करने का प्रयास किया गया।
यहां तक कि कुछ प्रधान पाठकों पर एक वेंडर को 5-5 हजार रुपये जमा कराने का दबाव बनाया गया।
संकुल समन्वयकों ने मांग की है कि गुलाबदास महंत को तत्काल पद से हटाया जाए और किसी अन्य अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाए, ताकि शिक्षा का वातावरण सामान्य रह सके।
लेकिन शिकायत के 17 दिन बीत जाने के बाद भी न तो जांच समिति गठित हुई और न ही कोई कार्रवाई हुई। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर क्या ऊँचे अफसर बीआरसीसी को संरक्षण दे रहे हैं?
फिलहाल, शिक्षा विभाग की इस चुप्पी और एकतरफा नीति ने पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन कब जांच टीम गठित करता है और शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज करता है।







