
✍️ भागीरथी यादव
सहसपुर लोहारा,
अपने सहसपुर लोहारा प्रवास के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने एक बार फिर किसानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया। तहसील कार्यालय पहुंचते समय किसानों की भीड़ देखकर उन्होंने तुरंत अपने काफिले को रुकवाया और जमीन पर बैठकर किसानों की समस्याएँ सुनीं। किसानों ने हल्का नंबर 15 ग्राम कुरूवा के पटवारी राजेश शर्मा पर राजस्व कार्यों में जानबूझकर देरी और टालमटोल का आरोप लगाया।
किसान शिकायत पर तुरंत एक्शन – पटवारी निलंबित
किसानों की बात सुनते ही उपमुख्यमंत्री शर्मा ने मौके पर ही पटवारी राजेश शर्मा को निलंबित करने का आदेश जारी किया। अधिकारियों ने तुरंत निर्देश का पालन करते हुए वहीं पर निलंबन आदेश जारी कर दिया।
नियमों के अनुसार पटवारी को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम 1966 के नियम 9(1) के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय सहसपुर लोहारा (निर्वाचन शाखा) रहेगा तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
“किसान सर्वोच्च प्राथमिकता—लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई”
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने धान खरीदी और अन्य राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा—
“किसानों को किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए। शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता किसान हैं। किसी भी प्रकार की देरी, लापरवाही या टालमटोल बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
उन्होंने मौके पर उपस्थित सभी पटवारियों से कार्यों की प्रगति पूछी और कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि सभी राजस्व सेवाएँ समय पर, पारदर्शिता के साथ और किसान हित में प्रदान की जाएं।
साथ ही एसडीएम और तहसीलदार को पूरे क्षेत्र की सतत मॉनिटरिंग करने और किसानों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री की यह त्वरित कार्रवाई किसानों के बीच संतोष और विश्वास का कारण बनी, वहीं प्रशासनिक अमले के लिए स्पष्ट संदेश कि किसान हित में बाधा पहुंचाने वाली किसी भी लापरवाही पर तत्काल और कठोर कार्रवाई होगी।






