डीएमएफ से कोरबा में तेज होगा विकास, खनन प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता: मंत्री लखनलाल देवांगन

✍️ भागीरथी यादव

 

 

कोरबा, 13 अप्रैल 2026।

जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की शासी परिषद की बैठक में कोरबा जिले के समग्र विकास को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित कार्यों, पूर्ण कार्यों की समीक्षा तथा आगामी कार्ययोजना को मंजूरी दी गई। मंत्री देवांगन ने स्पष्ट कहा कि डीएमएफ फंड के माध्यम से कोरबा में “अतिरिक्त विकास” सुनिश्चित किया जाएगा और आमजन को सीधे लाभ पहुंचाने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

बैठक में सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर सहित जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएमएफ कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर फोकस

बैठक में स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, सड़क और पुल-पुलियों जैसे बुनियादी विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्य समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।

खनन प्रभावित परिवारों के लिए विशेष योजना

कलेक्टर ने बताया कि जिले के 564 गांव खनन से प्रत्यक्ष प्रभावित हैं। लगभग 20,069 परिवार और 4,102 विस्थापित परिवारों के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जा रही हैं। डीएमएफ नियमों के तहत 70% राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और पर्यावरण जैसे उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में खर्च की जाएगी।

पर्यावरण और पेयजल पर विशेष जोर

सांसद ज्योत्सना महंत ने प्रदूषण नियंत्रण, राखड़ बांधों की समस्या के समाधान और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने की बात कही। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी के दौरान पेयजल उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

रोजगार और कौशल विकास पर ध्यान

विधायकों ने डीएमएफ फंड से कौशल विकास, रोजगार सृजन और कृषि क्षेत्र में सुधार को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। आकांक्षी जिले के रूप में कोरबा में आजीविका संवर्धन पर विशेष फोकस रहेगा।

डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था को बढ़ावा

बैठक में डीएमएफ कार्यों की निगरानी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, वेबसाइट, डाटा प्रबंधन प्रणाली, थर्ड पार्टी ऑडिट और टोल-फ्री नंबर जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इससे कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी

बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के निर्धारण, प्रभावित परिवारों की सूची, पंचवर्षीय कार्ययोजना, परियोजना प्रबंधन इकाई के चयन और वार्षिक प्रतिवेदन सहित कई अहम प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

डीएमएफ की इस बैठक में लिए गए निर्णयों से स्पष्ट है कि कोरबा जिले में विकास की रफ्तार तेज होगी, खासकर खनन प्रभावित क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।