
✍️ भागीरथी यादव
दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में चोरी के एक गंभीर मामले में पुलिस विभाग की साख पर सवाल खड़े हो गए हैं। जब्त किए गए 79 ग्राम सोने की ज्वेलरी के गबन के आरोप में बर्खास्त महिला प्रधान आरक्षक मोनिका सोनी गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। आरोपी के विरुद्ध अमानत में खयानत का अपराध दर्ज किया गया है।
जब्त माल ही हुआ गायब
मामला उस समय सामने आया जब चोरी के एक प्रकरण में पुलिस ने करीब 79 ग्राम सोने के आभूषण जब्त कर थाना परिसर में सुरक्षित रखा था। बाद में यह ज्वेलरी रिकॉर्ड से गायब पाई गई। प्रार्थी ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उसके घर से चोरी हुए सोने को जब्त करने के बाद ही हेरफेर किया गया है।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्य बने अहम
जांच के दौरान थाना परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की गई। साक्ष्यों के आधार पर संदेह महिला प्रधान आरक्षक मोनिका गुप्ता पर गया। पर्याप्त प्रमाण मिलने के बाद उसके खिलाफ विधिवत अपराध पंजीबद्ध कर कार्रवाई की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के निर्देश पर विस्तृत जांच कराई गई। जांच में गबन की पुष्टि होने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि मामले में विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है और आगे की विवेचना जारी है।
यह घटना पुलिस महकमे के लिए गंभीर आत्ममंथन का विषय बन गई है, क्योंकि जब्त माल की सुरक्षा और पारदर्शिता पर अब सवाल उठने लगे हैं।





