
✍️ भागीरथी यादव
मुख्यमंत्री ने मानिकपुरी पनिका समाज के शपथ ग्रहण एवं दीपावली मिलन समारोह में किया संबोधन
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि सफल जीवन का मार्ग है। सामाजिक विकास का मूलमंत्र शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार, कृषि या कोई अन्य क्षेत्र — प्रत्येक क्षेत्र में सफलता के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
मुख्यमंत्री श्री साय राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश मानिकपुरी पनिका समाज के शपथ ग्रहण एवं दीपावली मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य गठन के समय जहाँ केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। साथ ही, आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट जैसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना से प्रदेश के विद्यार्थियों को शिक्षा और अवसर दोनों मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि समाज को संगठित होने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत बनता है। पनिका समाज का कला और साहित्य के क्षेत्र में आदिकाल से अतुलनीय योगदान रहा है। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के दौरान काछनदेवी रस्म में देवी माँ जिस कन्या पर अवतरित होती हैं, वह भी पनिका समाज की होती है — यह समाज के लिए गर्व की बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूलमंत्र के अनुरूप राज्य सरकार पिछले 22 महीनों से सभी वर्गों के कल्याण के लिए सतत कार्य कर रही है। उन्होंने कृषक उन्नति योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और शिक्षक युक्तियुक्तकरण जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे राज्य के ग्रामीण और शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिली है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शम्भु नाथ चक्रवर्ती ने भी समारोह को संबोधित करते हुए सभी पदाधिकारियों को बधाई दी। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेश मानिकपुरी पनिका समाज के अध्यक्ष श्री भरत दास मानिकपुरी, समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।






