
✍️ भागीरथी यादव
मतदाता सूची पुनरीक्षण के बीच बढ़ा साइबर फ्रॉड का खतरा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान नागरिकों को साइबर ठगी से सचेत करते हुए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा परामर्श जारी किया है। हाल के दिनों में ‘SIR फॉर्म’ के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रयास बढ़े हैं, जिनमें साइबर अपराधी मोबाइल पर आए OTP हासिल कर ठगी करने की कोशिश कर रहे हैं।
SIR फॉर्म भरना पूरी तरह सुरक्षित, लेकिन सतर्क रहें
निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि SIR फॉर्म में मोबाइल नंबर दर्ज करना सुरक्षित है। बावजूद इसके, अपराधी इसी बहाने लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) द्वारा SIR फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया में किसी भी तरह के OTP की आवश्यकता नहीं होती। कोई भी अधिकारी, कर्मचारी या BLO कभी OTP नहीं मांगता।
धोखाधड़ी ऐसे होती है—जानें और सतर्क रहें
साइबर अपराधी कॉल कर यह कहते हैं कि “आपके SIR फॉर्म से जुड़े मोबाइल पर एक OTP आया होगा, कृपया हमें बता दें।”
निर्वाचन विभाग ने ऐसी किसी भी कॉल को फौरन अस्वीकार करने की अपील की है।
क्या करें? निर्वाचन विभाग का स्पष्ट निर्देश
OTP किसी को न दें — बिल्कुल भी नहीं।
OTP साझा करना आपकी डिजिटल सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा जोखिम है।
संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत मना करें।
कॉल करने वाले को सीधे कहें— “मैं BLO या कार्यालय से ही संपर्क करूँगा/करूँगी।”
दबाव, धमकी या जोर-जबरदस्ती हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
यह साइबर अपराध की श्रेणी में आता है।
अन्य राज्यों की पुलिस भी कर रही चेतावनी
कई राज्यों की पुलिस ने भी इसी तरह की ठगी के मामलों में लोगों को सावधान करते हुए अपील की है कि मोबाइल पर आए किसी भी प्रकार के OTP को अज्ञात व्यक्तियों के साथ साझा न करें। साइबर अपराधी इस जानकारी का उपयोग खातों तक पहुंचने और वित्तीय नुकसान पहुँचाने के लिए कर सकते हैं।
आपकी जागरूकता ही आपकी सुरक्षा
निर्वाचन विभाग ने कहा है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित है। लेकिन धोखाधड़ी से बचने के लिए नागरिकों की सतर्कता बेहद आवश्यक है।
याद रखें—OTP सिर्फ आपके लिए है, किसी भी बहाने दूसरों के साथ साझा करना खतरनाक हो सकता है।
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