राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच की संगोष्ठी संपन्न, विशेषज्ञों ने आंतरिक सुरक्षा पर जताई गंभीर चिंता

 

बिलासपुर। राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच, बिलासपुर चैप्टर द्वारा भारत की आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत विषय पर आयोजित विचार संगोष्ठी में देश की सुरक्षा चुनौतियों पर गंभीर मंथन किया गया। यह आयोजन FANS द्वारा 21 राज्यों में चल रही राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला का हिस्सा रहा।

 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गोलीक बिहारी राय और मुख्य वक्ता मेजर जनरल अनुज माथुर सहित वरिष्ठ पत्रकार विरेंद्र गहवई और राष्ट्रीय महिला मंच की राष्ट्रीय महासचिव डॉ. वणिका शर्मा उपस्थित रहीं।

 

विशेषज्ञों ने कहा कि पाकिस्तान की सात दशक पुरानी छद्म युद्ध नीति अब भी भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बनी हुई है। 26/11, कारगिल, उरी, पुलवामा जैसे हमलों से लेकर ड्रग्स, नकली नोट, हथियार तस्करी और अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देना—ये सब भारत को भीतर से अस्थिर करने की रणनीति का हिस्सा बताए गए।

 

खालिस्तानी नेटवर्क, कश्मीर में पत्थरबाजी, पूर्वोत्तर में हथियार सप्लाई और घुसपैठ को पाकिस्तान-प्रायोजित बताया गया। विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी कि पाकिस्तान की बिगड़ती आर्थिक–राजनीतिक स्थिति भविष्य में उसके विभाजन का कारण बन सकती है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ेगी।

 

वक्ताओं ने कहा कि आज भारत पहले से कहीं अधिक मजबूत, सजग और संगठित है। सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता में बढ़ोतरी और जनता में बढ़ती जागरूकता देश को हर चुनौती से निपटने में सक्षम बना रही है।

 

कार्यक्रम को सफल बनाने में मंच के अध्यक्ष गौरव सिंघल और उनकी टीम के योगदान की सराहना की गई। संगोष्ठी ने नागरिकों में सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया।

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