
✍️ भागीरथी यादव
अररिया में पुलिस ने एक बड़े ठग syndicate का पर्दाफाश किया है। शहर के समाहरणालय परिसर से सोमवार को एक युवक पुलिस अवर निरीक्षक की वर्दी पहनकर घूमता मिला, जिसे नगर थाना पुलिस ने दबोच लिया। पूछताछ में जो सच सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया।
गिरफ्तार युवक रणवीर कुमार पिछले तीन वर्षों से नकली दरोगा बनकर लोगों को डराता-धमकाता था और उनसे पैसे वसूलता था। वह अपनी पत्नी के साथ फारबिसगंज बाजार स्थित किराए के मकान में रह रहा था और खुद को 2018 बैच का पुलिस अधिकारी बताता था।
सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति दारोगा की वर्दी में समाहरणालय परिसर के आसपास मंडरा रहा है। इस पर नगर थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक की अगुवाई में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। तलाशी के दौरान निर्वाचन कार्यालय के पास पुलिस ने उसे बाइक सहित रोका। तलाशी में उसके पास से नकली पिस्तौल और पुलिस जैसी वर्दी मिली।
पूछताछ में जब उससे वरीय अधिकारियों के नाम और विभागीय सवाल पूछे गए, तो वह घबरा गया और बयान बदलने लगा। कड़ी पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसका वास्तविक नाम रणवीर कुमार, पिता अर्जुन पासवान है और वह पूरी तरह से फर्जी पुलिसकर्मी है।
नगर थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि उसने किन-किन लोगों को ठगा और क्या इस गिरोह में अन्य लोगों की भी भूमिका रही है।
इस गिरफ्तारी ने अररिया जिले में सनसनी फैला दी है, लेकिन साथ ही आम लोगों ने राहत भी महसूस की है कि एक बड़ा ठग अब कानून की गिरफ्त में है।








