
दुर्ग, 6 दिसंबर। ग्लोबल स्कूल के पास कथित 14.60 लाख की लूट के सनसनीखेज मामले को दुर्ग पुलिस ने महज कुछ घंटों में सुलझाते हुए बड़ा खुलासा किया है। जांच में पता चला कि पूरी लूट आशीष राठौर नामक कैश लोडिंग वर्कर द्वारा रची गई एक फर्जी कहानी थी। पुलिस की तेज कार्रवाई और बारीकी से की गई पूछताछ ने इस मामले की सच्चाई सामने ला दी।
पूरी घटना का सच आया सामने
आरोपी आशीष राठौर ने पुलिस को बताया था कि तीन अज्ञात बदमाशों ने हथियार की नोक पर उससे 14.60 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया। बैग में मुरमुंदा एटीएम के लिए 8.60 लाख और दादर एटीएम के लिए 6 लाख रुपये होने का दावा किया गया था।
लेकिन घटना स्थल पर न तो किसी संघर्ष के निशान मिले और न ही आशीष या उसकी बाइक पर खरोंच तक दिखाई दी। पुलिस को उसके बयान पर शक गहराता गया।
बयान में मिला बड़ा विरोधाभास
आशीष ने बताया था कि घटना के समय उसका भांजा मनीष भी साथ था, जबकि जांच में पता चला कि मनीष मौके पर मौजूद ही नहीं था। लगातार पूछताछ में जब पुलिस ने उसे सबूतों के सामने खड़ा किया तो आशीष टूट गया और उसने स्वीकार कर लिया कि लूट की पूरी कहानी उसकी बनाई हुई थी।
एएसपी पद्मश्री तंवर ने दी जानकारी
एएसपी पद्मश्री तंवर ने बताया—
“हमने घटना स्थल की सूक्ष्म जांच की और आरोपी के बयान में कई विरोधाभास मिले। सख्त पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार किया। मामला पूरी तरह फर्जी था। आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।”
पुलिस की तत्परता से सुलझा मामला
दुर्ग पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सटीक जांच और प्रभावी पूछताछ की वजह से एक बड़े फर्जी लूटकांड की पोल खुल गई। इससे न सिर्फ सरकार और एजेंसी को संभावित वित्तीय नुकसान से बचाया गया, बल्कि पुलिस की प्रोफेशनल कार्यशैली का भी बेहतरीन उदाहरण पेश हुआ।
यह मामला इस बात का प्रमाण है कि पुलिस की सतर्कता और वैज्ञानिक जांच पद्धति किसी भी जटिल अपराध को आसानी से बेनकाब कर सकती है।






