चिरमिरी के जंगलों में आगजनी, वन संपदा पर मंडराया खतरा; संसाधनों की कमी से जूझ रहा वन विभाग

✍️ भागीरथी यादव

 

 

एमसीबी। मार्च महीने में बढ़ते तापमान और हल्की गर्मी के बीच जिले के चिरमिरी क्षेत्र के जंगलों में शुक्रवार को आग लगने की घटना सामने आई। आग चिरमिरी के पोड़ी पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक के समीप मुख्य सड़क के आसपास लगी, जहां एक ओर बैकुंठपुर वन विभाग और दूसरी ओर चिरमिरी वन विभाग का क्षेत्र लगता है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ नशेड़ियों ने नशे की हालत में सूखे पत्तों में आग लगा दी, जो तेज हवा के कारण तेजी से फैलकर विकराल रूप ले गई। आग से उठ रहे घने धुएं के कारण सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को रास्ता देखने में भी काफी परेशानी हुई।

घटना की सूचना वन विभाग को दिए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन मौके पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिलने से विभाग की तत्परता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

वन विभाग की प्रतिक्रिया

चिरमिरी वन रेंजर सूर्य देव सिंह ने कहा कि जंगल में आग लगाना दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा आग पर नियंत्रण के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की भी बात कही गई है।

संसाधनों की कमी बनी चुनौती

चिरमिरी रेंज में जंगल की आग रोकने के लिए संसाधनों की कमी भी सामने आ रही है। इतने बड़े वन क्षेत्र के लिए विभाग के पास केवल चार ब्लोअर मशीनें हैं, जो आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही हैं। कई बार वनकर्मियों को पेड़ों की टहनियों और झाड़ियों से आग बुझाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान बढ़ने के साथ जंगलों में आग लगने की घटनाएं और बढ़ सकती हैं, इसलिए वन विभाग को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के साथ-साथ संसाधनों को मजबूत करने की जरूरत है।

 

  • Related Posts

    बिना नंबर प्लेट चलने वाले वाहनों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, चार दिन में 72 वाहनों पर चालान

    ✍️ भागीरथी यादव     एमसीबी। जिले में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा बिना नंबर प्लेट चलने वाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार थाना प्रभारी मनेंद्रगढ़ दीपेश सैनी के नेतृत्व में थाना मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान सड़कों पर बिना नंबर प्लेट के चल रहे वाहनों की जांच की गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान पुलिस ने लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया और वाहन चालकों को नियमों का पालन करने की समझाइश दी। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विगत चार दिनों में बिना नंबर प्लेट चलाने वाले 72 वाहनों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह ने स्पष्ट किया है कि जिले में बिना नंबर प्लेट वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह अभियान आगे भी लगातार चलाया जाएगा।

    वन सुरक्षा कार्य में लापरवाही? बिना पानी-मिश्रण के गाड़े जा रहे फेंसिंग के खंभे

        कोरिया। जिले के बचरा पोड़ी क्षेत्र के ग्राम जिल्दा में वन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा कराए जा रहे फेंसिंग कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जंगलों के चारों ओर लगाए जा रहे सीमेंट के खंभों को तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं लगाया जा रहा है, जिससे पूरे कार्य की मजबूती पर संदेह पैदा हो गया है। मौके पर बनाए गए एक वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि खंभे लगाने के लिए गड्ढे तो खोदे गए हैं, लेकिन उनमें डाले जा रहे सीमेंट, बालू और गिट्टी को सही तरीके से मिलाया नहीं जा रहा है। इतना ही नहीं, मिश्रण में पानी भी नहीं डाला जा रहा है। सूखे सीमेंट मिश्रण को सीधे गड्ढे में डालकर खंभों के आसपास भर दिया जा रहा है। सामान्य तौर पर निर्माण कार्य में सीमेंट, बालू और गिट्टी को निर्धारित अनुपात में पानी के साथ मिलाकर कंक्रीट तैयार किया जाता है, ताकि खंभे मजबूत और लंबे समय तक टिकाऊ बने रहें। लेकिन जिल्दा क्षेत्र में जिस तरह से कार्य किया जा रहा है, उससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो खंभों को मजबूत बनाने के लिए “बरसात के भरोसे” तकनीक अपनाई जा रही हो। सूखा मिश्रण गड्ढे में डाल दिया गया है और उम्मीद की जा रही है कि बारिश होने पर पानी गिरने से यह अपने आप जम जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह से कार्य किया गया तो खंभे अधिक समय तक टिक नहीं पाएंगे, जिससे सरकारी धन की बर्बादी होने की आशंका है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही है या फिर पूरा काम ठेकेदार और कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दिया गया है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच करें और कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करें, ताकि वनों की सुरक्षा के उद्देश्य से किया जा रहा यह कार्य सही तरीके से पूरा हो सके।

    अन्य खबरे

    चिरमिरी के जंगलों में आगजनी, वन संपदा पर मंडराया खतरा; संसाधनों की कमी से जूझ रहा वन विभाग

    चिरमिरी के जंगलों में आगजनी, वन संपदा पर मंडराया खतरा; संसाधनों की कमी से जूझ रहा वन विभाग

    कमर्शियल गैस सिलेंडर की कालाबाजारी के आरोप, 3000 रुपये तक वसूली की चर्चा; होटलों के सामने गैस संकट

    कमर्शियल गैस सिलेंडर की कालाबाजारी के आरोप, 3000 रुपये तक वसूली की चर्चा; होटलों के सामने गैस संकट

    बिना नंबर प्लेट चलने वाले वाहनों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, चार दिन में 72 वाहनों पर चालान

    बिना नंबर प्लेट चलने वाले वाहनों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, चार दिन में 72 वाहनों पर चालान

    वन सुरक्षा कार्य में लापरवाही? बिना पानी-मिश्रण के गाड़े जा रहे फेंसिंग के खंभे

    वन सुरक्षा कार्य में लापरवाही? बिना पानी-मिश्रण के गाड़े जा रहे फेंसिंग के खंभे

    संसद घेराव आंदोलन के लिए यूथ कांग्रेस कोरबा की टीम दिल्ली रवाना

    संसद घेराव आंदोलन के लिए यूथ कांग्रेस कोरबा की टीम दिल्ली रवाना

    भाजपा जिला कार्यालय का कांग्रेस ने किया घेराव, अफीम और नशे के मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन

    भाजपा जिला कार्यालय का कांग्रेस ने किया घेराव, अफीम और नशे के मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन