
सुशील जायसवाल
34 दिनों से जारी धरना, गोगपा की आमसभा में ग्रामीणों का ऐलान – “जल, जंगल, जमीन से समझौता नहीं”
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के बैनर तले ग्राम तनेरा में शुक्रवार को आयोजित आमसभा और धरना प्रदर्शन ने आंदोलन को नया तेवर दे दिया। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में रुंगटा कंपनी की प्रस्तावित खदान के विरोध में पिछले 34 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है।
सभा में सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी ने साफ संकेत दिया कि आंदोलन अब केवल विरोध नहीं, बल्कि जनसंकल्प का रूप ले चुका है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य विद्वान सिंह मरकाम ने मंच से स्पष्ट शब्दों में कहा कि खदान खुलने से क्षेत्र की जल, जंगल और जमीन पर गहरा संकट उत्पन्न होगा। उन्होंने चेताया कि पर्यावरणीय असंतुलन बढ़ेगा और हाथियों का आक्रमण भी तेज हो सकता है, जिससे ग्रामीण जीवन असुरक्षित हो जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पसान ब्लॉक इकाई अध्यक्ष दिनू आयम तथा जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के सभापति संतोष मरावी ने की। मंच से आंदोलन के नेतृत्वकर्ता मनोज मरावी, पुटी पखना के सरपंच चंद्र प्रताप सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने कंपनी के प्रस्ताव का खुलकर विरोध किया।
सभा के दौरान ग्रामीणों ने एक स्वर में ऐलान किया — “किसी भी कीमत पर रुंगटा खदान नहीं खुलने देंगे।” आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम के समापन पर राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन पसान तहसीलदार को सौंपा गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पसान थाना प्रभारी चंद्रपाल खांडे एवं कोरबी चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे।
धरना-प्रदर्शन के अंत में ग्राम पंचायत तनेरा के सरपंच प्रतिनिधि सरवन कुमार मरपची ने उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया।
तनेरा की यह जनसभा केवल विरोध का मंच नहीं रही, बल्कि आदिवासी अस्मिता और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए उठी सामूहिक आवाज के रूप में सामने आई — एक ऐसी चेतावनी, जिसे अनसुना करना आसान नहीं होगा।






