
✍️ भागीरथी यादव
रायपुर शहर में अवैध जुआ और पार्टी संस्कृति पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने एक बार फिर बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई की है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना मुजगहन पुलिस की संयुक्त टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए एक फार्म हाउस में चल रहे जुए के अड्डे का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 16 जुआरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकदी, वाहन, मोबाइल फोन और ताशपत्ती सहित करीब 31 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।

पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि थाना मुजगहन क्षेत्र अंतर्गत स्थित “हंसी खुशी फार्म हाउस” में अवैध गतिविधियों की आड़ में ताशपत्ती से जुआ खेला जा रहा है। सूचना की तस्दीक के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए ड्रोन कैमरे से निगरानी की, जिसमें साफ तौर पर फार्म हाउस के भीतर रुपये-पैसे की हार-जीत का दांव लगाते लोग दिखाई दिए।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और मुजगहन पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से फार्म हाउस पर दबिश दी। रेड के दौरान मौके से कुल 16 आरोपियों को जुआ खेलते हुए गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में सुरेश साहू, नागेंद्र कुमार वर्मा, गोविंद कुमार, इशू देव वर्मा, देवेंद्र यादव, प्रेमशंकर धीवर, नारायण ढीमर, कैलाश चतुर्वेदी, कृष्णा गेंदरे, राजेंद्र कुमार साहू, सुरेंद्र कुमार, डोमन निषाद, नेतराम साहू, सौरभ राजपूत, गुरुप्रीत सिंह और सूरज साहू शामिल हैं। सभी आरोपी रायपुर और दुर्ग जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹2,12,600 नगद, 02 चारपहिया वाहन, 08 दोपहिया वाहन, 17 मोबाइल फोन और ताशपत्ती जब्त की है। जब्त मशरूका की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹31 लाख आंकी गई है।
इस मामले में थाना मुजगहन में सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। वहीं, जिस फार्म हाउस में जुआ खेला जा रहा था, उसके मालिक के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा। आउटर इलाकों में स्थित फार्म हाउसों, ढाबों और रिसॉर्ट्स पर विशेष नजर रखी जा रही है। रायपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर अपराध पर अंकुश लगाया जा सके।






