
शपथ ग्रहण, प्रेरक उद्बोधन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूंजा परिसर
भूषण प्रसाद श्रीवास/बिलासपुर (सकरी):
टैगोर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च, सकरी, बिलासपुर में विश्व फार्मासिस्ट दिवस बड़े ही उत्साह और गरिमामयी वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में फार्मासिस्ट की भूमिका, जिम्मेदारियों और योगदान को जन-जन तक पहुँचाना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों के स्वागत एवं दीप प्रज्वलन से हुई। संस्थान के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद अख्तर रसूल ने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि “फार्मासिस्ट केवल दवा वितरक नहीं, बल्कि मरीज की उम्मीद, विश्वास और जीवन का प्रहरी है। उसका हर निर्णय किसी की जिंदगी से जुड़ा होता है, इसलिए उसे हमेशा सजग और संवेदनशील रहना चाहिए।”

शपथ ग्रहण और गरिमामयी उपस्थिति
डॉ. रसूल ने विद्यार्थियों को फार्मासिस्ट के नैतिक कर्तव्यों की शपथ दिलाई। सभागार शपथ ग्रहण की गूंज से गूंज उठा और छात्रों के चेहरे गर्व और जिम्मेदारी से दमकते नजर आए।
इस अवसर पर टैगोर ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन के चेयरमैन दीपक सिंह राजपूत, डायरेक्टर डॉ. सुकांत विश्वकर्मा, रजिस्ट्रार ओमकार देवांगन, टैगोर इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. जानकी रंजन दास, उषा देवी मेमोरियल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सुलक्षणा वासनिक तथा टैगोर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के प्रिंसिपल डॉ. रत्नेश सिंह गरिमामयी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
छात्रों ने भाषण, नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत और नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। नुक्कड़ नाटक में दवाओं के सही उपयोग और फार्मासिस्ट की जिम्मेदारियों का सजीव चित्रण किया गया, जिसने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया।
शिक्षकों का योगदान और छात्रों का संकल्प
सहायक प्राध्यापक पवेंद्र कुमार, सुमन राठौर, अमर कुमार, लक्ष्मी साहू, सत्येंद्र प्रधान, प्रीति साहू, दीपक प्रजापति, पंकज मिंज और सौरभ कुमार की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम सफल रहा।
अंत में छात्रों ने संकल्प लिया कि वे न केवल फार्मेसी के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करेंगे, बल्कि मानवता और सेवा को भी जीवन में सर्वोपरि रखेंगे।
धन्यवाद और समापन
कार्यक्रम का समापन प्राचार्य डॉ. रसूल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ।






