
ज्ञान शंकर तिवारी
पाली विकासखंड के ग्राम धवईहापारा में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का समापन 18 जनवरी की देर रात लगभग 12 बजे फाइनल मुकाबले के साथ भव्य और रोमांचक अंदाज़ में हुआ। ठंड और देर रात के बावजूद बड़ी संख्या में दर्शकों की मौजूदगी ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। पूरा क्षेत्र खेल उत्सव और जोश से सराबोर नजर आया।
प्रतियोगिता में राज्य के विभिन्न गांवों से आई टीमों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और जुझारूपन का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों की ऊर्जा और समर्पण ने यह स्पष्ट कर दिया कि ग्रामीण अंचलों में भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही मंच और प्रोत्साहन मिलने की आवश्यकता है।
प्रतियोगिता के परिणाम
🥇 प्रथम स्थान : हरनमुंडी
🥈 द्वितीय स्थान : बिंझरापारा
🥉 तृतीय स्थान : देवगांव
🏅 चतुर्थ स्थान : धवईहापारा
व्यक्तिगत पुरस्कार
⭐ बेस्ट रेडर : मनीष उईके (हरनमुंडी)
⭐ बेस्ट केचर : संदीप मरावी (हरनमुंडी)
⭐ बेस्ट ऑलराउंडर : मनोज पटेल (देवगांव)
फाइनल मुकाबला दर्शकों के लिए सांसें रोक देने वाला रहा। दोनों टीमों ने अंतिम क्षण तक कड़ा संघर्ष किया। तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साहवर्धन के नारों ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया और मुकाबले को यादगार बना दिया।
जनसेवा और खेल प्रोत्साहन की मिसाल बने कौशल नेटी
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र क्रमांक 09, श्री कौशल नेटी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में युवाओं को अनुशासन, संघर्ष, मेहनत और लक्ष्य के प्रति निष्ठा का संदेश दिया।
कार्यक्रम का सबसे सराहनीय पहलू तब सामने आया, जब श्री नेटी ने बिना किसी औपचारिक घोषणा के अपनी ओर से आयोजन समिति को ₹5000 की सहयोग राशि प्रदान की। उनकी यह पहल उनके सरल स्वभाव, खेल प्रेम और जनसेवा की भावना को दर्शाती है। आयोजकों एवं क्षेत्रवासियों ने इस सहयोग के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया।
जनता के विश्वास पर खरे उतरते जनप्रतिनिधि
उल्लेखनीय है कि कौशल नेटी ने पुलिस विभाग में सेवा देने के बाद अपने पद से इस्तीफा देकर जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा। जनता और युवाओं ने उन पर भरोसा जताया और आज वे उस विश्वास पर खरे उतरते हुए क्षेत्र में आयोजित सामाजिक, खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी सहभागिता से क्षेत्र में सकारात्मक और प्रेरक संदेश जा रहा है।
धवईहापारा की यह राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता न केवल खेल आयोजन रही, बल्कि ग्रामीण प्रतिभा, सामाजिक सहभागिता और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरी।






