
✍️ भागीरथी यादव
कोरबा में तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर 3 की हत्या, 6 आरोपी सलाखों के पीछे**
कोरबा – अंधविश्वास ने एक बार फिर खून की कीमत वसूल ली। तंत्र-मंत्र से रातों-रात करोड़पति बनने के झांसे में आए स्क्रैप कारोबारी समेत तीन युवकों की बेरहमी से मौत कर दी गई। तांत्रिक अनुष्ठान की आड़ में की गई इस खौफनाक वारदात में पुलिस ने अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
11 दिसंबर की सुबह बरबसपुर स्थित फार्महाउस में जब तीन शव मिले, तब किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह मामला अंधविश्वास, लालच और कथित तंत्र-साधना की ऐसी भयावह साजिश निकलेगा, जिसने तीन जिंदगियां निगल लीं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि बिलासपुर निवासी बैगा राजेंद्र कुमार ने मृतकों को यह भरोसा दिलाया था कि तंत्र-मंत्र के जरिए पांच लाख रुपये को ढाई करोड़ रुपये में बदला जा सकता है। इसी झांसे में आकर 10 दिसंबर की देर रात फार्महाउस में कथित पूजा-अनुष्ठान कराया गया।
जांच में खुलासा हुआ है कि तांत्रिक क्रिया के दौरान तीनों युवकों को अलग-अलग समय पर बंद कमरे में बुलाया गया। उन्हें नींबू देकर भीतर बैठाया गया और दरवाजा बंद कर दिया गया। 15 से 30 मिनट बाद जब कमरे खोले गए, तो तीनों जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे—कुछ ही देर में तीनों की सांसें थम गईं।
पुलिस को शक है कि तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर जहर देकर योजनाबद्ध तरीके से हत्या की गई। मुख्य तांत्रिक सहित छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मामले की परतें अभी और खुलनी बाकी हैं।
पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट से ही यह तय होगा कि मौत का असली कारण क्या था, लेकिन इतना साफ है कि अंधविश्वास और लालच ने तीन घरों के चिराग बुझा दिए।
सवाल अब भी बाकी है—
यह सिर्फ ठगी थी या सुनियोजित सामूहिक हत्या?
असली सच जांच के बाद ही सामने आएगा।






