
भूषण प्रसाद श्रीवास
बिलासपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 3 सितंबर को हुई 56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक के फैसलों को पूर्व मंत्री एवं नगर विधायक अमर अग्रवाल ने कर प्रणाली का “स्वर्ण अध्याय” बताया। उन्होंने कहा कि “जीएसटी 2.0 केवल टैक्स सुधार नहीं, बल्कि जनता, किसानों और व्यापारियों के लिए नवरात्रि-दीपावली जैसा उत्सव है।”
कर प्रणाली हुई सरल
पुरानी चार दरों की जगह अब केवल दो दरें रखी गई हैं – 5% और 18%, जबकि विलासिता और हानिकारक वस्तुओं पर 40% कर लगेगा।
जनता को सीधा लाभ
दूध, पनीर, साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट व बच्चों की सामग्री सस्ती।
किसानों को ट्रैक्टर, टायर, कीटनाशक व सिंचाई उपकरण पर राहत।
जीवन व स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी समाप्त, दवाइयाँ और टेस्ट किट पर कर कम।
कॉपियाँ, पेंसिल और छात्र सामग्री पूरी तरह करमुक्त।
कार और मोटरसाइकिल अब 28% की जगह 18% दर पर।
व्यापार जगत को सहूलियत
अब केवल एक सरल रिटर्न दाखिल करना होगा, रिफंड प्रक्रिया लगभग पूरी तरह ऑटोमेटेड होगी। छोटे व्यापारियों के लिए मोबाइल-फ्रेंडली प्लेटफॉर्म और एआई आधारित निगरानी से कर चोरी पर रोक लगेगी।
छत्तीसगढ़ को मिलेगा फायदा
अग्रवाल ने कहा कि नई प्रणाली से छोटे व मझोले व्यापारियों को राहत, राज्य सरकार को अधिक राजस्व और नए निवेश से रोजगार की संभावनाएँ बढ़ेंगी।
भाजपा की सोच – उजाले की ओर
अग्रवाल ने दीप प्रज्वलन कर कहा – “भाजपा का उद्देश्य जोड़ने और उजाला फैलाने का है। मोदी जी की सोच है कि देश को सरलता, विकास और प्रगति की राह पर आगे बढ़ाया जाए, यही जीएसटी 2.0 का लक्ष्य है।”






