धतुरा से रामभक्तों की टोली अयोध्या और कांशी विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए मां महामाया की पूजन करके अमरनाथ कौशिक भाजपा महामंत्री के साथ सपरिवार रवाना हुए।
अमरनाथ कौशिक भाजपा महामंत्री जी ने बताया की अयोध्या में जब राम मंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ तब घर घर धन संग्रह करने का पुण्य कार्य हो या राम मंदिर से आये अक्षत कलश को हमारे धतुरा में स्थापित कर क्षेत्र के अन्य 10 गांवों में अक्षत कलश पहुंचाना और उस अक्षत को आमंत्रण के रूप में घर घर पहुंचाना । 22 जनवरी 2024 की रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की कार्यक्रम को गांव में भव्य रूप में आयोजित करना । ऐसे राम काज की करते वाले हमारे रामभक्तों को सपरिवार भगवान राम के आशीर्वाद से रामलला दर्शन योजना के तहत भगवान राम का दर्शन प्राप्त होगा साथ में देवों के देव महादेव भगवान कांशी विश्वानाथ जी का की दर्शन प्राप्त होगा। भगवान का दर्शन करवाने के लिए सभी ने मोदी जी और विष्णुदेव साय जी का आभार व्यक्त किया है ।
इस अवसर पर भाजपा पि. वर्ग महामंत्री सुरेश कौशिक, सरोज कश्यप, केशुभाई, कमल किशोर, सागर राम, अरविंद कौशिक और सरपंच पुत्र विजेंद्र मरकाम उपस्थित रहे
डोंगरगढ़: मड़ई मेले में खूनी संघर्ष, आयोजन समिति के सदस्य पर जानलेवा हमला; ‘आदिवासी नेता’ समेत 7 गिरफ्तार
बोरतलाव | 25 जनवरी, 2026 डोंगरगढ़ के बोरतलाव थाना क्षेत्र में पारंपरिक ‘मड़ई मेले‘ का उल्लास उस वक्त मातम और दहशत में बदल गया, जब एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति के सदस्य पर धारदार हथियार से प्राणघातक हमला कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और कथित आदिवासी नेता उदय नेताम समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। विवाद की जड़: मंच पर हुल्लड़बाजी और समझाइश घटना रविवार रात की है। ग्राम बोरतलाव में वार्षिक मड़ई के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां चल रही थीं। चश्मदीदों के मुताबिक, ग्राम बुढ़ानछापर निवासी उदय नेताम अपने पुत्र के साथ मंच पर चढ़कर शोर-शराबा करने लगा। जब आयोजन समिति के सदस्य बशीर मोहम्मद और अन्य साथियों ने उसे अनुशासन बनाए रखने और मंच से उतरने की समझाइश दी, तो विवाद बढ़ गया। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद उदय वहां से चला तो गया, लेकिन यह शांति महज एक बड़े तूफान से पहले की खामोशी थी। योजनाबद्ध हमला और अफरा-तफरी कुछ ही देर बाद उदय नेताम अपने बेटे मनीष और अन्य साथियों (पंकज साहू, योगेश कोर्राम, बंटी साहू, जाफर खान, विकास गोंडाने और हर्षित निषाद) के साथ वैगनआर कार में सवार होकर वापस लौटा। आरोप है कि इन सभी ने एकजुट होकर बशीर मोहम्मद को घेर लिया और जान से मारने की नीयत से उनके पेट पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले के बाद लहूलुहान बशीर को गिरते देख मेले में भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और उत्सव का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई: सभी आरोपी सलाखों के पीछे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बोरतलाव पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की। पुलिस ने दबिश देकर सभी सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जब्ती: पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई वैगनआर कार, धारदार हथियार और 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। धाराएं: आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। चिंता का विषय: मुख्य आरोपी उदय नेताम की पहचान क्षेत्र में एक सक्रिय आदिवासी नेता के रूप में है। एक सार्वजनिक मंच और सांस्कृतिक आयोजन में एक ‘नेता’ की इस तरह की हिंसक संलिप्तता ने सामाजिक और राजनीतिक हलकों में गहरी चिंता पैदा कर दी है। सुरक्षा पर सवाल मड़ई जैसे बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी ने स्थिति को और बिगड़ने से रोक लिया, लेकिन इस घटना ने पारंपरिक उत्सवों में बढ़ती गुंडागर्दी और हथियारों के बढ़ते चलन की ओर इशारा किया है।






