
सक्ती (छत्तीसगढ़)।
अधूरे घर को पूरा करने और बच्चों का भविष्य संवारने का सपना लेकर केरल गया सक्ती जिले के करही गांव का रामनारायण बघेल (31) अब कभी लौटकर नहीं आएगा। बांग्लादेशी घुसपैठिया समझकर भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मार डाला। पलक्कड़ में हुई इस अमानवीय घटना ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।
मौत की खबर गांव पहुंचते ही मातम छा गया। मां बेसुध है, पत्नी विधवा हो गई और दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। जिस मकान को पूरा करने वह गया था, वह आज भी अधूरा खड़ा है। पोस्टमार्टम में शरीर पर 80 से ज्यादा चोटों के निशान मिले हैं।
केरल पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन परिजन इसे मॉब लिंचिंग का मामला बताकर न्याय और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। यह घटना सिर्फ एक मजदूर की हत्या नहीं, बल्कि प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा पर गहरा सवाल है।






