
जांजगीर-चांपा। मत्स्य विभाग कार्यालय के सामने सड़क जाम कर आम जनता को परेशान करने वाले प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने मछुआ समिति के 20 नामजद सदस्यों और अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
3 घंटे तक बाधित रहा मार्ग, कर्मचारियों से की अभद्रता
मत्स्य विभाग के सहायक संचालक सीताराम अहिरवार की शिकायत के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने करीब तीन घंटे तक जांजगीर-चांपा मुख्य मार्ग को पूरी तरह बाधित रखा। जब विभागीय कर्मचारी उन्हें समझाने पहुंचे, तो उनके साथ गाली-गलौच और अभद्रता की गई, जिससे शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न हुई।
इन प्रमुख लोगों पर हुई एफआईआर (नामजद आरोपी):
पुलिस ने कुल 20 लोगों को नामजद किया है, जिनमें मुख्य रूप से नवीन धीवर, गायत्री गायग्वाल, ओम प्रकाश, बुधराम, भोजराम, दामोदर, राकेश महंत (कुलीपोटा), शिवकुमार (गोधना), करन, विजय, सरिता, मीना, मोनू (कोसा), अहिल्या, सविता (बलौदा), सरिता (घडोला), रामकुमार, गोवर्धन (लछनपुर), सहसराम और धनबाई (भोजपुर) शामिल हैं। इनके अलावा अन्य अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर भी केस दर्ज है।
कानूनी कार्रवाई और धाराएं
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है:
धारा 126(2): गलत तरीके से रास्ता रोकना।
धारा 221: लोक सेवक के आदेश की अवहेलना और शासकीय कार्य में बाधा।
प्रशासन की चेतावनी: पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर सार्वजनिक मार्ग रोकना और अधिकारियों से बदतमीजी करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में भविष्य में भी कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।





