
✍️ भागीरथी यादव
लापरवाह मेटाडोर चालक गिरफ्तार, घायल साथी का इलाज जारी
दुर्ग।
शहर की सड़कों पर बेलगाम रफ्तार एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। थाना पुलगांव क्षेत्र अंतर्गत जलाराम वाटिका के सामने मेन रोड पर हुए भीषण सड़क हादसे में एक साइकिल सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लापरवाह वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
पीछे से आई मौत बनकर तेज रफ्तार गाड़ी
घटना 16 दिसंबर की शाम करीब 7:30 बजे की है। पुलगांव निवासी टोपेंद्र कुमार साहू (21 वर्ष) अपने मित्र चंद्रशेखर यादव के साथ निजी काम से साइकिल पर दुर्ग की ओर जा रहे थे। चंद्रशेखर साइकिल चला रहा था, जबकि टोपेंद्र पीछे बैठा हुआ था।
जैसे ही दोनों जलाराम वाटिका के सामने पहुंचे, पीछे से आ रहे अशोक लीलैंड मेटाडोर (सीजी 07 सीडब्ल्यू 1128) के चालक ने तेज और लापरवाह तरीके से वाहन चलाते हुए साइकिल को जोरदार टक्कर मार दी।
भीड़भाड़ वाले मार्ग पर नहीं लगाया ब्रेक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के वक्त सड़क पर भारी आवाजाही थी। इसके बावजूद चालक ने न तो रफ्तार कम की और न ही ब्रेक लगाने की कोशिश की। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन साइकिल सवारों को 10 से 15 मीटर तक घसीटता चला गया।
एक की मौत, एक जिंदगी मौत से लड़ी
हादसे में चंद्रशेखर यादव के सिर में गंभीर चोट आई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं टोपेंद्र साहू को आंखों के पास, दोनों कोहनियों और कलाई में गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल दुर्ग पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चंद्रशेखर को मृत घोषित कर दिया। टोपेंद्र का इलाज जारी है।
हादसे के बाद फरार हुआ चालक, पुलिस ने दबोचा
घटना के बाद आरोपी चालक वाहन लेकर दुर्ग की ओर फरार हो गया था। सूचना मिलते ही थाना पुलगांव में पदस्थ सउनि सुभाष कुमार साहू मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। घायल टोपेंद्र के बयान और प्रत्यक्षदर्शियों के साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 17 दिसंबर को आरोपी चालक श्यामलाल कोसरे (26 वर्ष) निवासी खमरिया भाटा जुनवानी, चौकी स्मृति नगर थाना सुपेला को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया।
👉 यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि तेज रफ्तार और लापरवाही सड़कों पर सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है, जिसकी कीमत निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।






