
बिलासपुर, 15 जनवरी। वर्ष 2026 की पहली अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला ने रेंज के सभी जिलों के पुलिस प्रशासन को साफ संदेश दिया—अपराध नियंत्रण में लापरवाही नहीं, परिणाम ही पहचान होंगे। बैठक में रेंज के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।
आईजी शुक्ला ने लंबित गंभीर अपराध, महिला एवं बाल अपराध, संपत्ति संबंधी मामले, गुमशुदा व्यक्ति, अप्राकृतिक मौतें, विभागीय जांच, समन-वारंट की तामिली और निवारक कार्रवाई की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने एक-एक जिले के कार्यों का क्रमवार आकलन करते हुए कमियों और उपलब्धियों दोनों पर खुलकर चर्चा की।
आईजी ने वर्ष 2025 में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, सेंधमारी, चोरी और महिला-बाल अपराधों में आई उल्लेखनीय कमी पर सभी जिलों के एसपी की सराहना की और इसे बेहतर समन्वय व टीमवर्क का नतीजा बताया।
नई दिशा तय करते हुए आईजी शुक्ला ने निर्देश दिए कि वर्ष 2026 में हर जिले के लिए अपराध नियंत्रण, गुमशुदा मामलों, अप्राकृतिक मौतों, शिकायतों, विभागीय जांच और निवारक कार्रवाई को लेकर स्पष्ट, समयबद्ध और मापनीय लक्ष्य तय किए जाएं। मासिक समीक्षा के आधार पर परिणामोन्मुखी कार्रवाई को अनिवार्य बताया गया।
उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों में गुणवत्तापूर्ण और समयसीमा के भीतर जांच सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। महिला और बच्चों से जुड़े मामलों में त्वरित, संवेदनशील और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
पर्यवेक्षण अधिकारियों को थाना और चौकी स्तर पर लंबित मामलों की दैनिक समीक्षा करने और विवेचना अधिकारियों को लगातार मार्गदर्शन देने के निर्देश मिले। गश्त बढ़ाने, आदतन अपराधियों व संदिग्धों पर कड़ी नजर रखने, तथा जुआ, अवैध शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने पर जोर दिया गया।
सीमावर्ती इलाकों में सघन जांच और खुफिया तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश देते हुए आईजी ने कहा कि पुलिस बल में अनुशासन और जवाबदेही सर्वोपरि है। किसी भी तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता पर त्वरित विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। गजेटेड अधिकारियों को अपने थाना क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (बिलासपुर), पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (मुंगेली), दिव्यांग पटेल (रायगढ़), सिद्धार्थ तिवारी (कोरबा), अंजनेय वार्षनेय (सारंगढ़-बिलाईगढ़), मनोज खिलाड़ी (गौरेला-पेंड्रा मरवाही), प्रफुल्ल सिंह ठाकुर (सक्ती) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आईजी की इस बैठक ने साफ कर दिया कि वर्ष 2026 में पुलिसिंग का फोकस—तेज जांच, सख्त कार्रवाई और पूरी जवाबदेही होगा।








