कोरबा में जंगली सुअर के अवैध शिकार का भंडाफोड़, पांच ग्रामीण जेल भेजे गए

✍️ भागीरथी यादव 

 

कोरबा। जिले के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत जंगली सुअर के अवैध शिकार और उसके मांस को पकाकर खाने के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच ग्रामीणों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम लीमपानी (भदरापारा), ग्राम पंचायत बारीउमराव के एक ग्रामीण से जंगली सुअर के अवैध शिकार की सूचना वन विभाग को मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन मंडलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत के निर्देश पर तथा उपवन मंडलाधिकारी पाली हितेश कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी चैतमा दिनेश कुमार कुर्रे के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई।

जांच टीम ने ग्राम लीमपानी पहुंचकर गांव के पंचों की उपस्थिति में इंद्रपाल पिता रामप्रसाद धनवार के घर दबिश दी। तलाशी के दौरान जंगली सुअर का करीब 5 किलोग्राम कच्चा मांस, जंगली सुअर का पुराना जबड़ा (02 नग), पैर (03 नग), शिकार में प्रयुक्त कुल्हाड़ी (02 नग), परसुल (01 नग), हंसिया (02 नग), सेटिंग तार के 04 बंडल तथा मांस काटने में उपयोग की गई लकड़ी का गुटका जब्त किया गया।

पूछताछ में इंद्रपाल ने स्वीकार किया कि उसने पलमा पहाड़ में फंदा लगाकर जंगली सुअर का शिकार किया था। सुअर के फंदे में फंसकर मरने के बाद उसने गांव के ही मंतराम धनवार, मिलन धनवार एवं जयलाल धनवार के साथ मिलकर जंगल में ही सुअर को काटा और मांस आपस में बांट लिया, जिसमें से कुछ मांस पकाकर खा लिया गया।

इस कार्रवाई में परस राम पटेल (परिसर सहायक, घुईचुवा), यशमन कुमार आडिल (परिसर सहायक, चैतमा), कीर्ति कुमार तंवर (परिसर सहायक, राहा) सहित भीम पटेल, लक्ष्मी प्रसाद यादव एवं सुखमन कुमार पाटले शामिल रहे।

वन विभाग ने सभी आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 09, 39, 44, 48(क), 51 एवं 52 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पाली के न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए।

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