
भूषण प्रसाद श्रीवास,
बिलासपुर।
स्वदेशी जागरण मंच बिलासपुर इकाई ने युवाओं को आत्मनिर्भर और उद्यमशील बनाने के उद्देश्य से ‘स्वालंबी भारत अभियान’ के तहत सेमिनार श्रृंखला की शुरुआत की है। इस पहल के अंतर्गत मंच के सदस्य शहर और आसपास के स्कूलों-कॉलेजों में जाकर छात्रों से संवाद कर उन्हें स्वरोजगार और नवाचार की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं।
पं. रामदुलारे स्कूल सरकंडा, सरस्वती शिशु मंदिर, शासकीय हायर सेकेंडरी बिरकोना, नलिनी प्रभा हायर सेकेंडरी स्कूल अशोक नगर और शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल उस्लापुर में आयोजित सेमिनारों में छात्रों को उद्यमिता व आत्मनिर्भरता का महत्व बताया गया।
महिला विंग की सम्भागीय प्रमुख श्रीमती अरुणा दीक्षित ने अपने उद्बोधन में कहा कि सौ प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराना किसी भी सरकार के लिए संभव नहीं है। “जिन देशों ने उद्यमिता और लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया है, वही आज विश्व की आर्थिक महाशक्ति बने हैं। चीन और जापान इसके उदाहरण हैं। यदि भारत के युवाओं को सही मार्गदर्शन व अवसर मिले, तो देश 2030 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने जोर दिया कि स्वालंबी भारत अभियान केवल आर्थिक पहल नहीं है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास जगाकर उन्हें नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है।
कार्यक्रम में मंच पदाधिकारी रमेश प्रधान, सुशांत द्विवेदी, डी.के. राय, किरण सिंह, सुमन द्विवेदी, अवनीश त्रिपाठी और सतीश यादव उपस्थित रहे। वहीं विद्यालयों से प्राचार्य प्रमिला खाका, संतोष सूर्यवंशी और कृष्ण कुमार पाण्डे ने इस अभियान की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को नई दिशा और सोच प्रदान करते हैं।
छात्रों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की और उद्यमिता से जुड़े सवाल पूछे। आयोजकों ने व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया, वित्तीय सहयोग के विकल्प और सफल उद्यमियों के उदाहरण साझा किए।
स्वदेशी जागरण मंच का कहना है कि आने वाले समय में यह अभियान और विस्तार लेगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के अधिक से अधिक शिक्षण संस्थानों में जाकर युवाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता से जोड़ा जाएगा। मंच का विश्वास है कि यदि युवा पीढ़ी आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लेती है, तो विकसित भारत का सपना अवश्य साकार होगा।







