
✍️ भागीरथी यादव
मुंबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने डी. वाई. पाटिल स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर इतिहास रच दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम इंडिया ने पहली बार आईसीसी महिला वनडे विश्व कप का खिताब अपने नाम किया।
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने न केवल टीम को चैंपियन बनाया, बल्कि एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। वह महिला विश्व कप जीतने वाली सबसे अधिक उम्र की कप्तान बन गई हैं। हरमनप्रीत ने यह उपलब्धि 36 वर्ष 239 दिन की उम्र में हासिल की।
टूर्नामेंट के दौरान हरमनप्रीत का बल्ला भी जमकर चला। उन्होंने 9 मैचों की 8 पारियों में 32.50 की औसत से 260 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 89.04 रहा। साथ ही, उन्होंने आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप के नॉकआउट मैचों में सबसे अधिक रन बनाने के मामले में ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज खिलाड़ी बेलिंडा क्लार्क को भी पीछे छोड़ दिया।
फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 298 रन बनाए। शेफाली वर्मा ने 87, दीप्ति शर्मा ने 58 और स्मृति मंधाना ने 45 रनों की शानदार पारी खेली। भारत की सलामी जोड़ी ने 100 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दी।
जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 246 रन पर ऑलआउट हो गई। दीप्ति शर्मा ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 5 विकेट चटकाए, जबकि शेफाली वर्मा ने 2 विकेट लिए। दक्षिण अफ्रीका की ओर से लौरा वोल्वार्ड्ट ने सर्वाधिक 101 रन बनाए, लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सकीं।
फाइनल के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा,
> “यह जीत पूरे टीम प्रयास का नतीजा है। बीसीसीआई और सहयोगी स्टाफ ने हम पर भरोसा बनाए रखा। यह अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। हम हर दिन बेहतर बनने की कोशिश जारी रखेंगे।”
वहीं, आईपीएल अध्यक्ष अरुण धूमल ने इस ऐतिहासिक जीत की तुलना 1983 में भारतीय पुरुष टीम की विश्व कप जीत से की। उन्होंने कहा,
> “भारतीय महिला क्रिकेट के लिए यह एक यादगार दिन है। 1983 में पुरुष टीम ने जो किया था, उसे आज महिलाओं ने दोहराया है। यह जीत देश में महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएगी।”
भारत की यह ऐतिहासिक जीत न केवल क्रिकेट इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगी, बल्कि देशभर में महिला क्रिकेट को नई पहचान और प्रेरणा भी देगी।








