कोरबा। कोरबा में जिला जेल की दीवार फांदकर चार कैदी फरार हो गए। बिजली गुल होने का फायदा उठाकर बमुश्किल 15 मिनट के भीतर इन चारों कैदियों ने करीब 25 फीट ऊंची दीवार को फांदा और दूसरी तरफ झाड़ियां में कूद कर रफू चक्कर हो गए। इस घटनाक्रम को घटित हुए 24 घंटे बीत चुके हैं लेकिन मामले में अभी तक किसी के प्रति जवाबदेही ना तो तय हो सकी है और ना ही निलंबन आदि की कार्यवाही। इस पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई? क्या जेल में कार्यरत और अनुभवी सुरक्षा प्रहरियों का बंदियों पर अति आत्मविश्वास इस घटना की वजह है या फिर सुरक्षा में बड़ी चूक बरती गई?
गरियाबंद में दर्दनाक हादसा: खुले कुएं में गिरने से तेंदुए की मौत, वन विभाग जांच में जुटा
✍️ भागीरथी यादव छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है। पांडुका वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम टोनहीडबरी में एक तेंदुए की लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार, गांव से लगे खेत में बने एक खुले कुएं में ग्रामीणों ने तेंदुए को पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर उसकी मौत की पुष्टि हुई। आशंका जताई जा रही है कि तेंदुआ रात के समय शिकार की तलाश में आबादी की ओर आया होगा और अंधेरे में संतुलन बिगड़ने या शिकार का पीछा करते हुए खुले कुएं में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए। गरियाबंद के वन मंडलाधिकारी (DFO) शासिगानंदन स्वयं अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया। उनकी निगरानी में ही तेंदुए के शव को सुरक्षित तरीके से कुएं से बाहर निकाला गया। वन विभाग ने तेंदुए की मौत के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल प्राथमिक तौर पर इसे दुर्घटना माना जा रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इलाके में शिकारियों द्वारा कोई जाल तो नहीं बिछाया गया था। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में खुले कुओं से होने वाले खतरों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






