
✍️ भागीरथी यादव
अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर आज धर्म ध्वज का प्रतिष्ठापन संत समाज के लिए भावपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण बन गया। 500 वर्षों की प्रतीक्षा और संघर्ष के बाद यह आरोहण सनातन परंपरा की विश्वव्यापी प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जा रहा है।
संत समाज ने इसे सनातन गौरव का महाअवसर बताते हुए कहा कि उनके पूर्वजों की सदियों पुरानी कल्पना आज साकार हुई है। उनका मानना है कि धर्म ध्वज न केवल भारत की आध्यात्मिक विरासत को सुदृढ़ करता है बल्कि वैश्विक स्तर पर सनातन आस्था की महिमा को और प्रखर बनाता है।
साधु-संतों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूमिका को इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मंदिर संस्कृति और धार्मिक विरासत के संरक्षण के प्रयासों से देश की आध्यात्मिक चेतना सशक्त हो रही है।
विवाह पंचमी पर आयोजित इस विशेष समारोह में संतों द्वारा श्रीराम–जानकी विवाह पर्व का पूजन-अर्चन भी किया गया। संत समाज का विश्वास है कि यह क्षण सनातन संस्कृति के आत्मगौरव और राष्ट्र की आध्यात्मिक दिशा को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।








