
कोरबा/कटघोरा | 4 फरवरी 2026
कटघोरा-सुतर्रा बायपास सड़क के जीर्णोद्धार कार्य में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। जहां वर्षों पुरानी जर्जर सड़क के बनने से क्षेत्रवासियों में खुशी थी, वहीं अब निर्माण की गुणवत्ता ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ठेकेदार द्वारा की जा रही अनियमितताओं के कारण सड़क के भविष्य पर संकट मंडराने लगा है।
किनारों को खोदकर कमजोर की जा रही सड़क की नींव
नियमों के अनुसार, डामरीकरण के बाद सड़क के दोनों किनारों (शोल्डर) को भरने के लिए बाहर से मिट्टी लाकर फिलिंग की जानी चाहिए। लेकिन, कटघोरा के संबंधित ठेकेदार द्वारा लागत बचाने के फेर में जेसीबी मशीन से सड़क के किनारों को ही खोदकर मिट्टी निकाली जा रही है।
खतरा: सड़क के किनारों की खुदाई करने से उसका बेस (आधार) कमजोर हो जाता है।
परिणाम: जानकारों के अनुसार, इस लापरवाही से आने वाले समय में सड़क किनारों से धंसने लगेगी और भारी वाहनों के दबाव से जल्द ही दरारें पड़ जाएंगी।
PWD के इंजीनियरों की चुप्पी पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों और इंजीनियरों की मौजूदगी में यह खेल चल रहा है। मौके पर तैनात तकनीकी अमले द्वारा न तो काम को रोका गया और न ही ठेकेदार को मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए। विभाग की यह उदासीनता सीधे तौर पर सरकारी धन के दुरुपयोग और ठेकेदार को खुली छूट देने की ओर इशारा कर रही है।
