
जर्जर सड़क और भारी गड्ढों से परेशान आमजन, 4 घंटे तक जाम में फंसे लोग
कोरबा/कटघोरा, 15 सितम्बर 2025।
कटघोरा से कोरबा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग अब लोगों की जान का दुश्मन बन चुका है। जेन्जरा बायपास चौक से लेकर गोपालपुर तक करीब 10 किलोमीटर लंबा यह मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों ने सड़क को मौत का जाल बना दिया है। खासकर छुरी से आगे गोपालपुर तक का हिस्सा बारिश के कारण और भी खतरनाक हो गया है। गड्ढों में पानी भरने से सड़क का समतल हिस्सा नजर ही नहीं आता और वाहन चालक रोजाना हादसों के खतरे से जूझ रहे हैं।
ट्रक फंसा, 4 घंटे ठप रहा यातायात

सोमवार सुबह छुरी-गोपालपुर मार्ग पर एक भारी ट्रक गड्ढे में फंस गया। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और मार्ग करीब चार घंटे तक पूरी तरह जाम रहा। सूचना पर कटघोरा थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद ट्रक को बाहर निकाला गया, तब जाकर धीरे-धीरे यातायात शुरू हो पाया। हालांकि घंटों बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी और रुक-रुक कर जाम लगता रहा।
PWD और NH में जिम्मेदारी का टकराव

इस गंभीर स्थिति पर जब लोक निर्माण विभाग (PWD) से बात की गई, तो संबंधित एसडीओ का कहना था कि यह मार्ग अब राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के अधीन है और निर्माण की जिम्मेदारी उन्हीं की है। यानी विभाग ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। दूसरी ओर, राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग भी अब तक कोई ठोस कदम उठाता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में आमजन की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
भारी यातायात, हर दिन हादसे का खतरा
कटघोरा-कोरबा मार्ग जिले का व्यस्ततम मार्ग है। राखड़ डेम और औद्योगिक क्षेत्रों की निकटता के कारण दिनभर हाइवा, ट्रेलर और भारी वाहन यहां से गुजरते हैं। जर्जर सड़क और गहरे गड्ढों की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा हर वक्त बना रहता है। स्थानीय लोग इस मार्ग को “मौत का जाल” कहकर पुकारने लगे हैं।
लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, क्योंकि बार-बार मांग उठाने के बावजूद न तो मरम्मत कार्य शुरू हुआ और न ही सड़क का पुनर्निर्माण। अब जनता का सवाल है— “कब जिम्मेदार विभाग जागेगा और इस जानलेवा मार्ग को सुधारेगा?”








