कोरबा भूमिहीन किसान ने कोसा उत्पादन से लिखी सफलता की कहानी, 6.30 लाख की आमदनी

✍️ भागीरथी यादव

 

 

कोरबा, 02 अप्रैल 2026।

जिले के कटघोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम सलोरा निवासी भूमिहीन किसान छेदूराम ने कोसा (टसर) उत्पादन के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। बीपीएल परिवार से आने वाले छेदूराम के पास स्वयं की कृषि भूमि नहीं है, लेकिन उन्होंने रेशम विभाग के सहयोग से अपनी आजीविका का मजबूत आधार तैयार किया है।

पिछले 15 वर्षों से रेशम विभाग के साथ जुड़े छेदूराम और उनके परिवार ने कृमिपालन को आय का प्रमुख स्रोत बना लिया है। इस वर्ष उन्होंने कोसा बीज केन्द्र कोरबा में तीन फसलों के दौरान कुल 1,73,733 नग कोसा का उत्पादन किया, जिसके एवज में उन्हें 6,30,816 रुपये की आय प्राप्त हुई। यह राशि विभाग द्वारा सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में जमा की गई।

छेदूराम ने विभागीय मार्गदर्शन में कोसा उत्पादन की बारीकियां सीखकर खुद को एक सफल कृषक के रूप में स्थापित किया है। वे खाली समय में मजदूरी और मत्स्य आखेट का कार्य कर अतिरिक्त आय भी अर्जित करते हैं।

आज छेदूराम अन्य हितग्राहियों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उनका लक्ष्य भविष्य में और अधिक उत्पादन कर परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है। रेशम विभाग द्वारा उन्हें समय-समय पर उन्नत टसर कोसा बीज एवं निःशुल्क तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।

रेशम विभाग के सहायक संचालक बी.एस. भण्डारी ने बताया कि विभागीय योजनाओं के तहत हितग्राहियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।