
✍️ भागीरथी यादव
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद आज उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एसीबी-ईओडब्ल्यू की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया है। इस आदेश के अनुसार चैतन्य बघेल अब 29 अक्टूबर तक जेल में रहेंगे और इस बार दिवाली जेल में ही मनाएंगे।
चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके जन्मदिन 18 जुलाई को भिलाई स्थित निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। ईडी की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि इस घोटाले से राज्य को भारी वित्तीय नुकसान हुआ और लगभग 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई विभिन्न लाभार्थियों तक पहुंचाई गई।
जांच में यह भी सामने आया कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपये की राशि शराब घोटाले से प्राप्त हुई। उन्होंने यह धन अपनी रियल एस्टेट कंपनियों के प्रोजेक्ट्स में निवेश किया और ठेकेदारों को नकद भुगतान किया। इसके अलावा उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलीभगत कर “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैट खरीद के नाम पर करीब 5 करोड़ रुपये अप्रत्यक्ष रूप से प्राप्त किए।
इस मामले में पहले ही कई बड़े नाम गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, आईटीएस अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक कवासी लखमा शामिल हैं।
मामले में आगे की जांच जारी है।






