
✍️ भागीरथी यादव
अंबिकापुर। एमसीबी क्षेत्र में बीते शनिवार आबकारी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रेस लिखे एक लग्जरी इनोवा वाहन से अंतर्राज्यीय अंग्रेजी शराब बरामद की। वाहन सवार आरोपी के कब्जे से गोवा निर्मित 15 पेटी, लगभग 135 लीटर शराब जब्त हुई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग एक लाख रुपये बताई जा रही है।
इस मामले ने मनेद्रगढ़, चिरमिरी, भरतपुर, जनकपुर सहित पूरे क्षेत्र में चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है। सवाल उठ रहा है कि कैसे कुछ लोग प्रेस लिखे वाहनों का दुरुपयोग कर खुद को पत्रकार बताकर अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। विशेषज्ञों और स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि ऐसे कृत्य न सिर्फ कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि निष्पक्ष पत्रकारिता की छवि को भी धूमिल कर रहे हैं।
अंबिकापुर की इस घटना ने प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चुनौती पेश कर दी है। यह जांच का विषय है कि प्रेस लिखी गाड़ी आरोपी की स्वयं की थी या किसी अन्य की, और इसका असली उद्देश्य क्या था। विशेषज्ञों का कहना है कि अब यह जिला प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि प्रेस वाहन चलाने वालों से पहचान पत्र और मीडिया संस्थान से संबंध की पुष्टि की जाए, ताकि कोई भी गलत तरीके से पत्रकारिता की आड़ में गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम न दे सके।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, नशीले इंजेक्शन और अन्य अवैध कारोबार में भी कुछ कथित पत्रकारों की मिलीभगत की चर्चाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय पत्रकार संगठन ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है, ताकि असली पत्रकारिता को बदनाम करने वाले गिरफ्तार हों और कानून का राज स्थापित हो।
अवैध शराब और नशीले पदार्थों के कारोबार में प्रेस वाहन की भूमिका सामने आने के बाद क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी के उपायों को और कड़ा करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।






